पहलगाम आतंकी हमले को लेकर देशभर में गुस्सा है। आम हो या खास, हर कोई पाकिस्तान के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहा है। एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने एक बार फिर भारत सरकार से पाकिस्तान के खिलाफ कड़े कदम उठाने की मांग की। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार से यही मांग है कि पाकिस्तान को एफएटीएफ (फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स) की ग्रे लिस्ट में डालना चाहिए, तभी उनको समझ में आएगा।असदुद्दीन ओवैसी ने मीडिया से बात करते हुए कहा, “वैष्णो देवी के पास एक स्थान है, जहां पिछले साल जुलाई में 60 पर्यटकों की हत्या कर दी गई थी। इसलिए, एक निवारक नीति पर विचार करने की आवश्यकता है। सर्वदलीय बैठक में पूरे विपक्ष ने सरकार से कहा कि आप कार्रवाई करें, जो भी आपको सही लगे, हम आपका समर्थन करेंगे ताकि मरने वालों के परिवारों को न्याय मिल सके और ऐसी घटना दोबारा न हो। इसलिए हम सरकार का पूरा समर्थन कर रहे हैं।”उन्होंने आगे कहा, “पहलगाम में जिन आतंकियों ने हमले को अंजाम दिया, वे पाकिस्तान में मौजूद हैं। उनको वहीं से ही पूरा सपोर्ट मिलता है और इसके बाद आतंकी बॉर्डर पार करके पहलगाम में आए और आतंकी हमले को अंजाम दिया। इससे पहले, जब मुंबई में 26/11 अटैक हुआ था, तो पाकिस्तान ने अपना हाथ होने से इनकार किया था, लेकिन जब कसाब पकड़ा गया, तो उन्हें स्वीकार करना पड़ा। पहलगाम हमले के बाद भारत सरकार क्या रुख लेगी, ये उनके ऊपर है। हमारा मानना है कि आतंकियों को रोकने और उन पर सख्त कार्रवाई की जरूरत है।”असदुद्दीन ओवैसी ने पाकिस्तान पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा, “पाकिस्तान को सोच-समझकर बोलना चाहिए, जितना पाकिस्तान का सालभर का बजट है, उससे ज्यादा हमारा बजट डिफेंस का है। पाकिस्तान का समय भारत से आधा घंटा पीछे है, लेकिन मैं यही कहूंगा कि हमसे पाकिस्तान 30 मिनट पीछे नहीं, बल्कि 30 साल पीछे है और वहां के राजनेताओं को अपनी बकबक बंद कर देनी चाहिए। पाकिस्तान को अपने अंदरूनी मसले देखने चाहिए।”