अफगानी रक्षा मंत्रालय के मुताबिक यह ताजा हवाई एक्शन बेहद सुनियोजित तरीके से अंजाम दिया गया है। इस ऑपरेशन के तहत उन विशिष्ट आतंकवादी अड्डों को मुख्य रूप से टारगेट बनाकर तबाह किया गया है। इन ठिकानों से लगातार अफगानिस्तान के विरुद्ध भयानक और हिंसक आतंकवादी गतिविधियों की प्लानिंग की जा रही थी। इन सेंटरों के नष्ट होने से आतंकियों की कमर टूटने का दावा किया जा रहा है। इस कार्रवाई से अफगानिस्तान ने सीमा पार पनप रहे खतरे को समय रहते मिटाने की कोशिश की है।
खुफिया जानकारी पर हमला: अफगान रक्षा मंत्रालय का कहना है कि यह पूरी एयरस्ट्राइक बेहद गोपनीय तरीके से संचालित की गई थी। इस पूरे ऑपरेशन को पूरी तरह से ठोस खुफिया जानकारी के आधार पर ही धरातल पर उतारा गया था। इस बड़े हमले का मुख्य मकसद सिर्फ और सिर्फ ISIS के आतंकी ठिकानों को पूरी तरह से तबाह करना था। हालांकि अफगान सरकार के इन दावों की स्वतंत्र तौर पर अब तक किसी भी एजेंसी द्वारा पुष्टि नहीं हो सकी है। स्वतंत्र पुष्टि न होने के बावजूद इस खबर ने पूरी दुनिया का ध्यान खींचा है।
राष्ट्रीय सुरक्षा सर्वोपरि: अफगानिस्तान की सरकार ने इस रणनीतिक हमले के बाद अपने इरादे पूरी तरह से साफ कर दिए हैं। उनकी तरफ से स्पष्ट संदेश दिया गया है कि देश की सुरक्षा के मामले में कोई भी ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। देश अपनी नेशनल सिक्योरिटी की रक्षा के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है और इसके लिए प्रतिबद्ध रहेगा। सरहद पार से आने वाले किसी भी खतरे को रोकने के लिए अफगान सेना हमेशा तत्पर रहेगी। भविष्य में सुरक्षा को खतरा पैदा होने पर इसी प्रकार की आक्रामक कार्रवाई दोबारा की जा सकती है।
दोनों देशों में पुराना तनाव: गौरतलब है कि पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच हाल के महीनों में आपसी संबंध बेहद खराब रहे हैं। दोनों देशों के बीच सरहद पार सुरक्षा और आतंकवाद के गंभीर मुद्दे को लेकर टेंशन लगातार बढ़ती जा रही है। दोनों ही देश एक दूसरे पर सीमा सुरक्षा को लेकर गंभीर आरोप-प्रत्यारोप लगाते आ रहे हैं। इस वजह से दोनों देशों के बीच कूटनीतिक स्तर पर भी भारी कड़वाहट देखने को मिल रही है। यह नया घटनाक्रम उसी पुरानी दुश्मनी का एक नया और खतरनाक अध्याय माना जा रहा है।
पाकिस्तान के पुराने आरोप: पाकिस्तान लंबे वक्त से अफगानिस्तान की सरकार पर अंतरराष्ट्रीय मंचों पर कई तरह के गंभीर आरोप लगाता रहा है। पाकिस्तान का मुख्य आरोप है कि अफगानिस्तान की भूमि का प्रयोग उसके खिलाफ आतंकवादी संगठन बेधड़क करते हैं। पाकिस्तान के अनुसार अफगान प्रशासन इन आतंकी संगठनों को अपनी जमीन पर पनाह और बढ़ावा दे रहा है। इन आरोपों के कारण पाकिस्तान हमेशा से अफगानिस्तान के प्रति कड़ा रुख अपनाता आया है। पाकिस्तान की ओर से इस मुद्दे पर लगातार अंतरराष्ट्रीय दबाव बनाने का प्रयास भी किया जाता रहा है।
अफगानिस्तान का करारा पलटवार: दूसरी तरफ अफगानिस्तान इन सभी पाकिस्तानी आरोपों को हमेशा से सिरे से पूरी तरह नकारता रहा है। इसके विपरीत अफगानिस्तान उल्टा पाकिस्तान पर उनकी जमीन पर अवैध कब्जा करने का आरोप लगाता आया है। इसके साथ ही वह पाकिस्तान पर अपनी संप्रभुता का खुलेआम उल्लंघन करने का भी बड़ा आरोप लगाता रहा है। इस ताजा और बेहद गंभीर घटनाक्रम के बाद पाकिस्तान और अफगानिस्तान के आपसी रिश्तों में और ज्यादा टेंशन बढ़ने की पूरी आशंका जताई जा रही है।


























































