यूक्रेन पर इन दिनों रूस की भीषण बमबारी जारी है। ड्रोन और मिसाइल हमलों से रूस ने यूक्रेन को तबाह कर दिया है। अब समुद्र के जरिये यूक्रेन को बर्बाद करने के लिए रूस ने अपनी नौसेना में कई नए युद्धपोत शामिल किए हैं।
इसमें परमाणु पनडुब्बी भी शामिल है, जो पल झपकते ही किसी देश में तबाही मचा सकती है। रूस के राष्ट्रपति पुतिन ने नौसेना में इन युद्धपोतों को शामिल करवा दिया है। इससे यूक्रेन के ऊपर खतरा और बढ़ गया है।
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने रूसी नौसना में शामिल किए जा रहे नए युद्ध पोतों का बृहस्पतिवार को निरीक्षण किया। इस मौके पर उन्होंने देश की नौसेना को और ताकतवर बनाने का संकल्प लिया। पुतिन ने गत 10 महीने से यूक्रेन के खिलाफ जारी सैन्य कार्रवाई का संदर्भ देते हुए कहा, ‘‘हम विभिन्न परियोजनाओं के तहत पोतों के निर्माण की गति और उनकी संख्या को बढ़ाएंगे और उन्हें सबसे अधिक आधुनिक हथियारों से सुसज्जित करेंगे तथा विशेष सैन्य अभियान से मिले अनुभवों के आधार पर परिचालन और युद्ध प्रशिक्षण सत्र आयोजित करेंगे।
पुतिन की नौसेना में शामिल हुए ये युद्धपोत
उल्लेखनीय है कि रूस की नौसेना में शामिल नए पोतों में एक कार्वेट, एक माइनस्वीपर और जनरलिस्सिमस सुवोरोव परमाणु पनडुब्बी शामिल हैं। बुलावा परमाणु मुखास्त्र युक्त अंतर महाद्विपीय बैलिस्टिक मिसाइल से लैस यह पनडुब्बी रूसी नैसेना की नयी बोरेई श्रेणी की छठी पनडुब्बी है। जो कि पल झपकते सैकड़ों किलोमीटर दूर बैठे दुश्मन के घर तबाही का जलजला ला सकती है। बैलिस्टिक मिसाइल दागने की ताकतवर क्षमता के चलते यह दुश्मनों की काल है। पुतिन ने कहा, ‘‘हम आने वाले दशकों तक के लिए रूस की सुरक्षा सुनिश्चित करेंगे।’’ इसी तरह की एक और पनडुब्बी एंपरर एलेक्सजेंदर तृतीय को भी बृहस्पतिवार के समारोह में लांच किया गया। नौसेना की योजना परीक्षण के बाद इसे बेड़े में शामिल करने की है। इससे रूसी नौसेना की ताकत और बढ़ेगी।





























