यूपी में नई आबकारी नीति तैयार हो गई है। नई नीति से पियक्कड़ों को अपनी जेबें ढीली करनी होंगी। देशी, अंग्रेजी और बियर सभी के दामों में बढ़ोतरी होगी। देशी में पांच रुपए, अंग्रेजी में 10 रुपए और बियर में 5 से 7 रुपए की बढ़ोतरी होगी।
नई दरें अप्रैल से शुरू होने वाले वित्तीय वर्ष से लागू होंगे। इसके साथ ही मॉडल शाप से लेकर शराब की दुकानों तक के आवंटन पर नीतियों की भी घोषणा कर दी गई है।
विदेशी शराब, बीयर, वाइन, के गोदाम की लाइसेंस और प्रतिभूति राशि में वृद्धि की गयी है। मास्टर वेयरहाउस की पंजीकरण एवं नवीनीकरण फीस में भी वृद्धि की गई है। गौतमबुद्धनगर के प्राधिकरण क्षेत्र, लखनऊ एवं गाजियाबाद के नगर निगम क्षेत्र एवं इसकी परिधि से 5 किमी तक में स्थित होटल, रेस्टोरेन्ट एवं क्लब॒ बार के लाइसेंस के लिए एक विशेष श्रेणी बनाई गई है। साथ ही लाइसेंस फीस में वृद्धि की गई है।
इससे पहले जून में शराब की दरों में बढ़ोतरी की गई थी। अंग्रेजी शराब पर विशेष अतिरिक्त प्रतिफल शुल्क यानि स्पेशल एक्सरसाइज ड्यूटी लगाई गई थी। इसमें अलग-अलग गुणवत्ता वाली 90 एमएल की अंग्रेजी शराब की बोतलों पर क्रमश: 10 रुपये से 40 रुपये तक की बढ़ोत्तरी की गई थी।
90 एमएल की रेगुलर की बोतल पर 10 रुपये, प्रीमियम ब्राण्ड की 90 एमएल की बोतल पर 10 रुपये, सुपर प्रीमियम की 90 एमएल की बोतल 20 रुपये, स्कॉच की 90 एमएल की बोतल पर 30 रुपये, समुद्र पार से आयात होने वाली विदेशी शराब की 90 एमएल की बोतल पर 40 रुपये की बढ़ोत्तरी की गई थी। बढ़ोतरी सिर्फ 90 एमएल की मात्रा वाली बोतलों पर ही की गई थी। अंग्रेजी शराब के क्वार्टर, हाफ और पूरी बोतल पर कोई मूल्य वृद्धि नहीं की गई थी।





























