भारत में रेप और किडनैपिंग जैसे गंभीर आरोप लगने के बाद देश छोड़कर भागा स्वयंभू संत नित्यानंद एक बार फिर से सुर्खियों में है। पिछले दिनों संयुक्त राष्ट्र में अपने तथाकथित देश कैलासा का प्रतिनिधि भेजने के बाद अब उसने चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग को मैसेज भेजा है।
उसने जिनपिंग को राष्ट्रपति के तौर पर तीसरे कार्यकाल को लेकर बधाई दी है। ट्विटर के जरिए भेजे गए संदेश के बाद सवाल उठने लगे हैं कि क्या नित्यानंद अब भारत के पड़ोसी चीन से दोस्ती की फिराक में है या फिर वह कोई नई साजिश रचने की कोशिश कर रहा है। उल्लेखनीय है कि पिछले कई सालों से भारत और चीन के बीच रिश्ते अच्छे नहीं हैं। दोनों देशों के बीच सीमा विवाद को लेकर कई बार हिंसक झड़प तक हो चुकी है।
माइक्रो ब्लॉगिंग साइट ट्विटर पर यूनाइटेड स्टेट्स ऑफ कैलासा के आधिकारिक अकाउंट से मैसेज किया गया है, ”संयुक्त राज्य कैलासा और हिंदू धर्म के सर्वोच्च धर्माध्यक्ष नित्यानंद की ओर से हम शी जिनपिंग को पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना के राष्ट्रपति के रूप में फिर से चुने जाने पर हार्दिक बधाई देते हैं।” ट्वीट में आगे कहा गया, “हम आपको राष्ट्रपति के रूप में एक सफल कार्यकाल के लिए अपनी शुभकामनाएं देना चाहते हैं। आपके महान देश, उसके लोगों और कैलासा के बीच लंबे समय तक चलने वाले मैत्रीपूर्ण संबंधों की आशा करते हैं।” ट्वीट में आगे कहा गया है, “परमशिव का आशीर्वाद चीन के लोगों पर शुभता, आर्थिक समृद्धि, शांति, प्रेम, स्वास्थ्य और खुशी के साथ बना रहे।”
पिछले दिनों नित्यानंद का तथाकथित देश ‘यूनाइटेड स्टेट्स ऑफ कैलासा’ (USK) चर्चा का विषय बन गया था। उसके प्रतिनिधि ने संयुक्त राष्ट्र की बैठक में हिस्सा लिया था, जिसके बाद हड़कंप मच गया। हालांकि, बाद में संयुक्त राष्ट्र ने कहा था कि नित्यानंद द्वारा स्थापित तथाकथित यूनाइटेड स्टेट्स ऑफ़ कैलासा (USK) के प्रतिनिधियों द्वारा पिछले सप्ताह जिनेवा में अपनी सार्वजनिक बैठकों में की गई प्रस्तुति अप्रासंगिक थी और इस पर विचार नहीं किया जाएगा। ओएचसीएचआर के प्रवक्ता ने कहा, “इस तरह के सार्वजनिक आयोजन रजिस्टर्ड एनजीओ और आम जनता के लिए खुले होते हैं।”
स्व-घोषित देश है यूनाइटेड स्टेट्स ऑफ कैलासा
नित्यानंद ने भारत से भागने के बाद एक स्व-घोषित देश ‘यूनाइटेड स्टेट्स ऑफ़ कैलासा’ की स्थापना की थी। हालांकि, ज्यादातर लोगों को इस देश के बारे में अधिक जानकारी नहीं है। इसकी कुछ तस्वीरें और वीडियोज सोशल मीडिया और कैलासा की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध हैं। देश से भागने के बाद नित्यानंद ने इक्वाडोर के तट के करीब एक आयलैंड खरीदा था और कैलाश पर्वत के नाम पर इसका नाम ‘कैलासा’ रखा। इसकी वेबसाइट में कहा गया है, ”यह दुनिया के आकांक्षी या सताए गए हिंदुओं को एक सुरक्षित आश्रय प्रदान करता है, जहां वे शांति से रह सकते हैं और अपनी आध्यात्मिकता, कला और संस्कृति को व्यक्त कर सकते हैं।”
तीसरी बार चीन के राष्ट्रपति बने जिनपिंग
चीन की संसद ने बीते दिन अभूतपूर्व रूप से राष्ट्रपति शी जिनपिंग को पांच साल का तीसरा कार्यकाल देने का सर्वसम्मति से समर्थन किया था, जिससे उनके ताउम्र सत्ता में बने रहने का रास्ता साफ हो गया है। पिछले साल अक्टूबर में चीन की सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीसी) की कांग्रेस की बैठक में 69 वर्षीय जिनपिंग को फिर से सीपीसी का नेता चुना गया था। सीपीसी की कांग्रेस हर पांच साल में एक बार होती है। इसी के साथ, जिनपिंग सीपीसी के संस्थापक माओत्से तुंग के बाद पांच साल के तीसरे कार्यकाल के लिए पार्टी प्रमुख चुने वाले पहले चीनी नेता बन गए थे। चीनी संसद ‘नेशनल पीपुल्स कांग्रेस’ (एनपीसी) ने शुक्रवार को प्रत्याशित रूप से जिनपिंग के तीसरे कार्यकाल को मंजूरी दी। एनपीसी को सीपीसी के फैसलों पर आंख मूंदकर मुहर लगाने के कारण अक्सर ‘रबर स्टांप पार्लियामेंट’ कहा जाता है। जिनपिंग के ताउम्र चीन पर हुकूमत करने की संभावना जताई जा रही है। एनपीसी ने चिनफिंग के राष्ट्रपति पद पर तीसरे कार्यकाल पर मुहर लगाने के साथ ही शक्तिशाली केंद्रीय सैन्य आयोग के अध्यक्ष के रूप में उनकी नियुक्ति का भी समर्थन किया है।






























