ज्योतिषाचार्य पं.अविनाश मिश्र शास्त्री (चित्रकूटधाम)
हिंदू धर्म में राम नवमी की पूजा का बहुत महत्व है। हर साल चैत्र महीने की शुक्ल की नवमी तिथि को ही राम नवमी मनाते हैं। इस दिन चैत्र नवरात्रि का समापन होता है। माना जाता है कि इसी तिथि पर भगवान विष्णु ने मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के अवतार में जन्म लिया था। अगर राम नवमी पर भगवान राम की पूजा-अर्चना पूरे विधि-विधान से की जाए तो जिंदगी में आने वाली हर बाधा खत्म होती है और साथ ही साथ सारे काम अपने आप बनने लगते हैं।
रामनवमी की पूजा 27 मार्च को होगी। जबकि 26 मार्च को दोपहर तक अष्टमी तिथि रहेगी। इसके बाद नवमी तिथि लग जाएगी, लेकिन उदया तिथि के चलते अगले दिन यानी 27 को रामनवमी पूजा होगी और प्रभु श्रीराम का जन्मोत्सव मनाया जाएगा।
नवरात्र की अष्टमी तिथि के दिन ही नवमी तिथि के लगने से श्रद्धालुओं में रामनवमी पूजा को लेकर दुविधा की स्थिति बनी हुई थी। अष्टमी तिथि 25 मार्च को शाम 4:54 बजे लगेगी, जो अगले दिन 26 मार्च को दोपहर 2:32 बजे तक रहेगी। इसके बाद नवमी तिथि लग जाएगी और 27 मार्च को दिन में 12:29 बजे तक रहेगी।
उदया तिथि होने से इसी दिन ही नवमी मान्य होगी। इसलिए रामनवमी की पूजा 27 को होगी। उन्होंने बताया कि 26 को दोपहर में नवमी लगने के चलते दुर्गाष्टमी इसी दिन मनाई जाएगी। अष्टमी का व्रत 26 को और पारण 27 को होगा। जबकि नौ दिनों तक व्रत रखने वाले व्रती 28 मार्च को पारण करेंगे।
श्री हृषीकेश पंचांग के अनुसार, रामनवमी 27 मार्च को मनाई जाएगी। नौ दिन व्रत करने वालों का पारण 28 मार्च का होगा। नवरात्र पर चढ़ती-उतरती व्रत वाले 26 मार्च को व्रत करके 27 मार्च को पारण कर लेंगे।
प्रभु श्रीराम का जन्म चैत्र शुक्ल नवमी को मध्याह्न में हुआ था। वैष्णव लोग दान, स्नान, जप के उद्देश्य से सूर्योदय में नवमी की तिथि को मानते हैं। इसलिए नवमी की तिथि 26 मार्च को दोपहर में लगेगी और यह 27 को दोपहर तक रहेगी। 27 मार्च को नवमी सूर्योदय में है। इसलिए नवरात्र के दृष्टिकोण से नवमी तिथि 27 को मानी जायेगी।
इस दिन खास तौर पर राम भगवान की पूजा होती है। इसके अलावा अगर आप तीन उपायों को सच्ची श्रद्धा से पूरी कर लें तो भगवान राम की कृपा आप पर सदा बनी रहती है।
१-राम नवमी पर करें रामचरित मानस का पाठ
राम नवमी के दिन हिंदू धर्म के प्रमुख ग्रंथों में से एक रामचरितमानस का पाठ करना चाहिए। विशेष रूप से इस दिन इसमें मौजूद बालकांड का पाठ करना शुभ माना जाता है।
२-राम नवमी के दिन हनुमान चालीसा का पाठ करना बहुत ही अच्छा माना जाता है। माना जाता है कि राम नवमी पर इस चालीसा का पाठ करने से भगवान राम के साथ-साथ भगवान हनुमान की भी कृपा मिलती है।
३-राम नवमी के दिन कुछ चीजों का दान करना बहुत ही शुभ माना जाता है। इस पावन दिन पर जरूरतमंदों को खाने की चीज भेंट करनी चाहिए। इस दिन फल, अन्न, गुड़-चना और कपड़े का दान करना अच्छा माना जाता है।
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