संभल के मुबारकपुर बंद गांव में अवैध निर्माण हटाने की प्रक्रिया ने एक नया मोड़ लिया है। जहाँ एक तरफ प्रशासन सख्त दिखा, वहीं दूसरी तरफ ग्रामीणों ने भी कानून का सम्मान करते हुए स्वयं अवैध निर्माण हटाने में सहयोग किया।
अल्टीमेटम और जेसीबी की मांग (Ultimatum & Execution): तहसीलदार धीरेंद्र कुमार सिंह के अनुसार, राजस्व प्रशासन ने कब्जाधारियों को 8-Day Ultimatum दिया था। समय सीमा समाप्त होने के बाद जब ग्रामीण स्वयं निर्माण नहीं हटा पाए, तो ग्राम प्रधानपति हाजी मुनव्वर ने प्रशासन से JCB Machine उपलब्ध कराने की मांग की। विशेष बात यह रही कि इस मशीन का किराया ग्रामीणों ने स्वयं वहन किया।
प्रशासनिक बयान (Official Statement): तहसीलदार धीरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि यह भूमि खेल के मैदान के लिए आरक्षित थी, जिस पर लंबे समय से कब्जा था। Revenue Team द्वारा की गई पैमाइश के बाद अवैध निर्माणों की पहचान की गई थी। प्रशासन का कहना है कि:
“यह कार्रवाई पूरी तरह नियमानुसार है। सरकारी भूमि का उपयोग केवल सार्वजनिक कार्यों और बच्चों के खेलकूद के लिए ही होना चाहिए।”
भविष्य की चेतावनी: प्रशासन ने चेतावनी दी है कि जनपद के अन्य क्षेत्रों में भी सरकारी भूमि का Survey किया जा रहा है। जहाँ कहीं भी चरागाह, तालाब या खेल के मैदान की जमीन पर अवैध कब्जे पाए जाएंगे, वहाँ इसी तरह की ‘बुलडोजर कार्रवाई’ सुनिश्चित की जाएगी।
मुख्य आकर्षण (Key Highlights):
- Government Land: 4 बीघा ग्राम समाज की भूमि को मुक्त कराया गया।
- JCB Cost: ग्रामीणों ने स्वयं जेसीबी का खर्च उठाया ताकि समय पर जमीन खाली हो सके।
- Police Presence: शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए असमोली पुलिस मुस्तैद रही।
- Duration: पूरे अवैध निर्माण को हटाने में लगभग 20 घंटे का समय लगने का अनुमान है।



































