फतेहपुर का रक्तरंजित पारिवारिक संघर्ष: उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में एक पारिवारिक कलह ने उस समय रक्तरंजित रूप ले लिया, जब एक जीजा ने अपनी साली को साथ ले जाने के चक्कर में अपने ही ससुराल वालों की जान लेने का प्रयास किया। कार सवार जीजा ने वाहन की गति बढ़ाकर रोकने आए ससुरालियों को बेरहमी से कुचल डाला। इस दिल दहला देने वाली वारदात में साले सहित तीन सदस्यों की मौत हो गई और चार लोग गंभीर रूप से लहूलुहान हो गए। इस आकस्मिक हिंसा से समूचे क्षेत्र में दहशत का वातावरण व्याप्त हो गया है और पुलिस बल ने घटनास्थल को अपने नियंत्रण में ले लिया है।
पंचायत की विफलता और आक्रोश का विस्फोट: विवाद की जड़ उस समय शुरू हुई जब आरोपी दीपक सोनी ने अपनी एक नाबालिग रिश्तेदार (चचेरी साली) का अपहरण कर लिया था। इस संवेदनशील विषय पर चर्चा करने के लिए रविवार शाम को पुलिस चौकी में पंचायत बुलाई गई थी। दुर्भाग्यवश, दोनों पक्षों के बीच आपसी सहमति नहीं बन पाई और बातचीत बिना किसी निर्णय के समाप्त हो गई। जैसे ही दीपक अपनी कार लेकर वहां से निकलने लगा, लड़की के परिजनों ने उसे रोकने की पुरजोर कोशिश की। इसी तकरार ने अंततः एक जघन्य अपराध का रूप ले लिया, जिसमें आरोपी ने मानवता की सभी सीमाएं लांघ दीं।
सड़क पर बिछी लाशें और चीख-पुकार: ससुराल पक्ष के लोग अपनी बाइकों से आरोपी की कार का पीछा कर रहे थे और कोरवां गांव के पास उन्होंने उसे घेरने का प्रयास किया। क्रोध में अंधे दीपक ने कार की रफ्तार बढ़ाते हुए सीधे लोगों पर चढ़ा दी। इस हमले में अन्नू सोनी, अवध बिहारी सोनी और सत्यवान सोनी नामक व्यक्तियों की असामयिक मृत्यु हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यह दृश्य इतना भयावह था कि सड़क पर हर तरफ खून और मलबे के निशान बिखर गए। तीन घरों के चिराग बुझ जाने से गांव में मातम पसरा हुआ है और लोग आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
विवाद का केंद्र और अवैध विवाह का मामला: मृतकों के परिजनों ने खुलासा किया कि दीपक अपनी साली के विवाह को लेकर एक जिद्द पर अड़ा हुआ था। वह अपनी इस साली की शादी अपने साले सत्यवान के साले से कराना चाहता था। इसी योजना को कार्यान्वित करने के लिए वह एक सप्ताह पूर्व उसे भगा ले गया था और गुप्त रूप से उसकी शादी भी करवा दी थी। ससुराल वाले इस अवैध संबंध और जबरन विवाह के विरुद्ध थे, जिसके कारण दोनों पक्षों के बीच कड़वाहट चरम पर पहुँच गई थी। इसी रंजिश का बदला लेने के लिए दीपक ने पंचायत के बाद इस खूनी खेल को अंजाम दिया।
चिकित्सीय सहायता और भारी पुलिस तैनाती: वारदात में घायल चार अन्य व्यक्तियों को पुलिस ने तुरंत स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया, जहाँ से गंभीर रूप से घायल ममता देवी को बेहतर इलाज हेतु जिला अस्पताल स्थानांतरित किया गया है। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी भारी लाव-लश्कर के साथ मौके पर पहुँच गए। जिले में किसी भी प्रकार की सांप्रदायिक या सामाजिक अशांति को रोकने के लिए व्यापक सुरक्षा प्रबंध किए गए हैं। एसपी ने अपराधियों को पकड़ने के लिए तीन अलग-अलग पुलिस टुकड़ियों को सक्रिय कर दिया है और तकनीकी साक्ष्यों की मदद ली जा रही है।
अधिकारियों का बयान और विधिक कार्यवाही: एसपी अभिमन्यु मांगलिक ने स्पष्ट किया कि प्रथम दृष्टया यह मामला आपसी विवाद और गुस्से में की गई हत्या का प्रतीत होता है। चौकी में सुलह की कोशिशों के बाद लौटते समय कार सवार युवक ने बाइक सवारों को जोरदार टक्कर मारी, जिसके परिणामस्वरूप तीन लोगों की जान चली गई। पीड़ित पक्ष की तहरीर के आधार पर हत्या का मुकदमा दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पुलिस सीसीटीवी कैमरों और गवाहों के बयानों के आधार पर कड़ियाँ जोड़ रही है। प्रशासन ने पीड़ितों को हर संभव कानूनी मदद और सुरक्षा का भरोसा दिया है।



































