मंत्रालयम मंडल के चिलकलाडोना में भीषण वाहन दुर्घटना आंध्र प्रदेश के कुरनूल में एक बार फिर तेज रफ्तार का कहर देखने को मिला है, जहाँ दो वाहनों की सीधी भिड़ंत में आठ लोगों की जीवनलीला समाप्त हो गई। यह मर्मस्पर्शी घटना मंत्रालयम मंडल के चिलकालाडोना गांव के पास घटित हुई, जहाँ एक बोलेरो और कंक्रीट मिक्सर लॉरी आपस में टकरा गईं। कुरनूल पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, यह टक्कर इतनी भीषण थी कि बोलेरो सवार पांच लोगों की घटनास्थल पर ही सांसें थम गईं। सड़क पर बिखरा खून और क्षतिग्रस्त वाहन इस त्रासदी की भयावहता को बयां कर रहे थे। इस हादसे में घायल हुए 10-12 लोगों को एम्मिगानुर अस्पताल पहुँचाया गया है, जहाँ डॉक्टर उन्हें बचाने का निरंतर प्रयास कर रहे हैं।
धार्मिक यात्रा का दुखद अंत, चिक्कमगलुरु में शोक की लहर हादसे का शिकार हुए सभी लोग कर्नाटक राज्य के चिक्कमगलुरु जिले के निवासी बताए जा रहे हैं। ये सभी तीर्थयात्री थे जो अपनी धार्मिक आस्था के चलते श्री राघवेंद्र स्वामी के दर्शन हेतु मंत्रालयम की यात्रा कर रहे थे। चिक्कमगलुरु से शुरू हुआ यह भक्तिमय सफर कुरनूल की सड़क पर एक भयानक मोड़ पर समाप्त हो गया। तीर्थयात्रियों के समूह के साथ हुई इस घटना ने पूरे कर्नाटक में शोक का माहौल पैदा कर दिया है। पुलिस ने दुर्घटना के बाद यातायात को बहाल करने और पीड़ितों को सहायता पहुँचाने के लिए युद्ध स्तर पर काम किया, लेकिन मौत का आंकड़ा बढ़ने से निराशा छा गई।
अस्पताल में इलाज और बचाव अभियान का विवरण दुर्घटना के तुरंत बाद स्थानीय पुलिस और बचाव दल चिलकलाडोना गांव के पास सक्रिय हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि बोलेरो गाड़ी पूरी तरह चकनाचूर हो गई थी और घायलों को निकालने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी। जो तीन लोग अस्पताल ले जाते समय या इलाज के दौरान मृत घोषित किए गए, वे भी बोलेरो में ही सवार थे। वर्तमान में एम्मिगानुर के मेडिकल सेंटरों में भर्ती घायलों की निगरानी की जा रही है। पुलिस ने मामले की गहन जांच शुरू कर दी है और लॉरी चालक से भी पूछताछ की जा रही है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि यह आमने-सामने की भिड़ंत किस लापरवाही का परिणाम थी।
मंत्री मंदीपल्ली रामप्रसाद रेड्डी की संवेदनाएं और सहायता आंध्र प्रदेश के परिवहन मंत्री मंदीपल्ली रामप्रसाद रेड्डी ने इस एक्सीडेंट की सूचना मिलते ही दुख प्रकट किया। उन्होंने एक प्रेस वक्तव्य में कहा कि कर्नाटक के निवासियों के साथ हुई यह दुर्घटना अत्यंत दुखद है और सरकार पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे केवल प्राथमिक उपचार तक सीमित न रहें, बल्कि घायलों को उच्च स्तरीय चिकित्सा केंद्रों में स्थानांतरित करने की आवश्यकता पड़ने पर तुरंत व्यवस्था करें। उन्होंने सड़क सुरक्षा नियमों के उल्लंघन के विरुद्ध भी कड़ी चेतावनी दी और कहा कि इस मामले के दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
पुरानी यादें: 2025 का वह खौफनाक बस अग्निकांड यह क्षेत्र पहले भी कई बड़ी सड़क त्रासदियों का गवाह रहा है। विशेष रूप से अक्टूबर 2025 में हुआ कावेरी ट्रैवल्स की बस का हादसा आज भी लोगों को डराता है। उस समय एक स्लीपर बस जो हैदराबाद से बेंगलुरु की ओर जा रही थी, अचानक आग का गोला बन गई थी। एक नशेड़ी बाइक सवार की लापरवाही से हुई टक्कर के बाद बस का ईंधन टैंक फट गया था, जिससे बस के अंदर सो रहे लगभग 19-20 यात्री आग की लपटों से बाहर नहीं निकल पाए और उनकी दर्दनाक मृत्यु हो गई। उस हादसे की तुलना में आज की घटना भी उतनी ही हृदयविदारक है, जिसमें श्रद्धालुओं की जान गई है।
सड़क सुरक्षा और तीर्थयात्रियों की सुरक्षा का सवाल चिलकालाडोना के पास हुई इस ताजा टक्कर ने यह साबित कर दिया है कि भारी वाहनों और यात्री वाहनों के बीच समन्वय की कमी जानलेवा साबित हो रही है। मंत्रालयम जाने वाले रास्ते पर अक्सर भारी वाहनों का दबाव रहता है, और तीर्थयात्री अक्सर लंबी यात्रा के कारण थकान का शिकार होते हैं। पुलिस विभाग अब दुर्घटना के सही कारणों, जैसे कि क्या चालक को नींद की झपकी आई थी या लॉरी की रफ्तार अत्यधिक थी, का पता लगाने के लिए फोरेंसिक टीम की मदद ले रहा है। चिक्कमगलुरु के इन आठ श्रद्धालुओं की असामयिक मृत्यु ने सुरक्षित सड़क परिवहन की आवश्यकता को एक बार फिर प्रमुखता से रेखांकित किया है।





































