उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती के अवसर पर कोविड-19 से दिवंगत 53 पत्रकारों के परिजनों को आर्थिक सहायता दी। इस दौरान सीएम योगी ने 10-10 लाख की आर्थिक सहायता का चेक सौंपा। सीएम ने कहा कि कोरोना महामारी से पूरी दुनिया परेशान रही है, लेकिन पीएम मोदी के नेतृत्व में देश की जनता से साहस का परिचय देते हुए अनुशासन का पालन किया। उन्होंने कहा कि कोरोना के दौरान कुछ मीडिया बंधु इसकी चपेट में आ गए जिसे उनको अपनी जन गवानी पड़ी। उन्होंने कहा कि मृतक पत्रकारों ने अपने संकट की घड़ी में शासन- प्रशासन को सजग करते हुए 103 पत्रकारों को जान गवानी पड़ी। उन्होंने कहा कि लोक मंगल की कामना करने वाले पत्रकारों के उत्तर प्रदेश सरकार खड़ी है। उन्होंने कहा कि जो बचे हुए पत्रकार बंधु है जल्द ही उन्हें भी यह सहायता मुहैया कराई जाएगी। उन्होंने पहले पत्रकारों के लिए कोई भी सुरक्षा कवर नहीं था लेकिन उत्तर प्रदेश सरकार ने ऐसी व्यवस्था की।योगी ने कहा कि अटल जी ने छह दशक के सार्वजनिक जीवन में अपने व्यक्तित्व और कृत्यों से नयी प्रेरणा देते हुए दर्शाया कि कोई भी व्यक्ति सार्वजनिक जीवन में मूल्यों एवं आदर्शों पर आधारित राजनीति कैसे कर सकता है। रविवार को ‘सुशासन दिवस’ पर लोकभवन में पूर्व प्रधानमंत्री वाजपेयी की जयंती पर उनकी कविताओं का पाठ किया गया। इस अवसर पर वाजपेयी के जीवन पर आधारित लघु फिल्म भी प्रदर्शित की गई। जयंती समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि एक नागरिक का सार्वजनिक एवं व्यक्तिगत जीवन में समाज व देश के प्रति क्या दायित्व है, यह अटल जी ने बताया। उन्होंने कहा कि अटल जी ने छह दशक के सार्वजनिक जीवन में अपने व्यक्तित्व एवं कृत्यों से नयी प्रेरणा देते हुए बताया कि कोई भी व्यक्ति सार्वजनिक जीवन में मूल्यों एवं आदर्शों पर आधारित राजनीति कैसे कर सकता है। योगी ने कहा, “अटल जी कवि, लेखक, पत्रकार, संवेदनशील जनप्रतिनिधि तो थे ही, साथ ही वह विदेश नीति को वैश्विक मंच पर प्रभावी ढंग से रखने वाले प्रखर राजनेता भी थे। वह देश के नेतृत्वकर्ता के रूप में भारत की राजनीति को अस्थिरता के दौर से उबारकर स्थिरता, जवाबदेह व पारदर्शी कैसे बनाया जाए, इसके प्रतीक पुरुष थी थे।”



































