अफगानिस्तान में तालिबान द्वारा महिलाओं, बच्चों और पुरूषों पर की जा रही जारी बर्बरता ने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचा है। संयुक्त राष्ट्र से लेकर दुनियाभर की सरकारें अफगानिस्तान में शांति कायम किए जाने की बात कर रही हैं। पड़ोसी देश में घट रही घटनाओं से भारत में भी लोगों की चिंताएं बढ़ गई हैं। लोगों को लग रहा है कि अफगानिस्तान में तालिबानी शासन स्थापित होने से भारत सहित पूरे दक्षिण एशियाई क्षेत्र में आतंकी घटनाओं में वृद्धि हो सकती है। इसे लेकर सोशल मीडिया पर लोग तरह-तरह की प्रतिक्रिया दर्ज कर रहे हैं। भाजपा नेताओं का मानना है कि सोशल मीडिया पर लोग जिस तरह की भावनाएं व्यक्त कर रहे हैं और आतंकी घटनाओं को रोकने में सक्ष्म कठोर शासन की बात कर रहे हैं, उसे इसका सियासी लाभ मिल सकता है।
भाजपा के एक केंद्रीय नेता ने अमर उजाला से कहा कि अफगानिस्तान की घटना ने पूरे देश की चिंताएं बढ़ा दी हैं। लोगों को लग रहा है कि इस क्षेत्र में तालिबान के ताकतवर होने से भारत सहित आसपास के देशों में आतंक की घटनाओं में वृद्धि हो सकती है। इससे लोगों की जान-माल की सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है। लोग अपने बच्चों की सुरक्षा और उनके भविष्य को लेकर चिंतित दिखाई पड़ रहे हैं। सोशल मीडिया में लोग खुलकर अपनी चिंताएं साझा कर रहे हैं, और किसी भी आतंकी घटना से बचने के लिए देश-प्रदेश में योगी आदित्यनाथ जैसा कठोर शासक होने की बात कह रहे हैं।
नेता ने कहा कि कुछ वर्षों पहले ही दुनियाभर के लोगों ने 9/11 और मुंबई हमलों जैसी खतरनाक आतंकी घटनाएं देखी हैं। अफगानिस्तान में भी बर्बरता की घटनाएं अभी लोगों के जेहन से ओझल नहीं हुई हैं। इसी बीच एक बार फिर अफगानिस्तान में तालिबानी शासन स्थापित होने से लोगों की चिंताएं बढ़ गई हैं। इससे कठोर शासन के प्रति लोगों का रुझान बढ़ सकता है। लोग चाहते हैं कि देश-प्रदेश में ऐसी सरकार बने जो इस तरह की किसी संभावित घटना को रोकने में सक्षम हो। भाजपा का दावा है कि उसने इस तरह की सरकार केंद्र और प्रदेश दोनों ही स्तर पर दिया है।
सपा नेता के बयान ने आसान किया काम वहीं, समाजवादी पार्टी के एक सांसद ने तालिबानों की तुलना स्वतंत्रता संग्राम के सेनानियों से कर दी। इस पर सियासी बवाल खड़ा हो गया और सांसद पर एनएसए की धाराओं में मामला भी दर्ज कर लिया गया। भाजपा को लग रहा है कि समाजवादी पार्टी नेता के इस तरह के बयानों से जनता में उसके विरोध में नाराजगी बढ़ेगी जिसका उसे सियासी लाभ मिल सकता है। कठोर कार्रवाई के लिए जाने जाते हैं योगी आदित्यनाथ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पिछले पांच वर्षों में अपने शासन के दौरान अपनी कठोर प्रशासक की छवि बनाई है। यूपी के अपराधियों पर उन्होंने कठोर कार्रवाई की है। कई शीर्ष अपराधियों की इमारतों को ध्वस्त कर दिया गया है और अनेक अपराधियों के एनकाउंटर कर दिये गए हैं। आज गुरुवार को भी उन्होंने विधानसभा में कहा है कि जो लोग आपराधिक काम करते हुए पाए जाएंगे, यूपी सरकार का बुलडोजर उनके पीछे आएगा। अपनी इस कठोर छवि के कारण जनता के बीच उनकी एक विशेष छवि बनी है। भाजपा को लग रहा है कि उसे योगी आदित्यनाथ की छवि का सियासी लाभ मिल सकता है।
पहले पाकिस्तान, अब अफगानिस्तान भारतीय जनता पार्टी के गठन के समय से ही पाकिस्तान उसका टॉप मुद्दा रहा है। उसके नेता जब-तब पाकिस्तान के खिलाफ बयानबाजी करते देखे जाते रहे हैं। इन बयानबाजियों ने उसे काफी राजनीतिक लाभ पहुंचाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर पार्टी के हर छोटे-बड़े नेताओं ने पाकिस्तान पर सर्जिकल स्ट्राइक को देश की बड़ी सफलता बताया है।
अब जबकि अफगानिस्तान में तालिबानी शासन स्थापित हो गया है, और उसके कुछ नेता पूर्व में भारत के खिलाफ बयानबाजी करते रहे हैं, कुछ भाजपा नेता अभी से देश से असंतुष्ट लोगों को अफगानिस्तान जाने की सलाह देना शुरू कर चुके हैं। माना जा रहा है कि अफगानिस्तान और तालिबान भी जल्दी ही भाजपा के चुनावी एजेंडे का हिस्सा बन सकते हैं। अगर इन्हें लेकर सियासी भाषणबाजी बढ़ती है तो पार्टी को इसका लाभ मिल सकता है।





































