WHITE HOUSE हमले के बाद DONALD TRUMP की प्रेस कॉन्फ्रेंस: VANCE सुरक्षित, REPUBLICAN नेताओं पर पहले भी हुए हैं हमले
प्रेस कॉन्फ्रेंस में सुरक्षाबलों की सराहना: WHITE HOUSE कॉरेस्पॉन्डेंस डिनर में हुई भयानक फायरिंग के बाद DONALD TRUMP ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया और पूरी घटना की विस्तृत जानकारी दी। इस दौरान उन्होंने सीक्रेट सर्विस और अन्य सभी सुरक्षाकर्मियों की जमकर तारीफ की। उन्होंने स्पष्ट किया कि सुरक्षाबलों की मुस्तैदी के कारण ही एक बड़ा हादसा टल गया और उपराष्ट्रपति VANCE सहित कैबिनेट के सभी सदस्य सुरक्षित बच गए।
हमलावर की पहचान और हथियार: प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बताया गया कि गिरफ्तार किए गए हमलावर का नाम COLE TOMEN ALLEN है, जिसकी उम्र 31 वर्ष है और वह CALIFORNIA के TORRANCE का निवासी है। इस बात का भी खुलासा किया गया कि यह हमलावर मल्टीपल हथियारों से लैस होकर आया था। हालांकि, सुरक्षाकर्मियों ने अपनी जान की परवाह किए बिना अदम्य साहस का परिचय दिया और इतने सारे हथियारों से लैस होने के बावजूद उसे सफलतापूर्वक काबू में कर लिया।
कार्यक्रम जारी रखने का दृढ़ संकल्प: इस जानलेवा हमले और सुरक्षा की भारी चिंता के बावजूद, घटनाओं को लेकर एक कड़ा संदेश दिया गया है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्पष्ट किया गया कि वे अपने तय कार्यक्रमों और इवेंट्स को जारी रखने के लिए पूरी तरह से दृढ़ संकल्पित हैं। उन्होंने बताया कि इस खौफनाक वारदात के बाद भी डिनर कार्यक्रम को आगे बढ़ाने के लिए उनकी तरफ से बहुत कोशिश की गई थी।
गुंडों को कामयाब नहीं होने देंगे: समाज में दहशत फैलाने वालों को लेकर बेहद सख्त रुख अपनाया गया है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में साफ तौर पर कहा गया कि वे किसी भी हाल में इन बीमार मानसिकता वाले लोगों, गुंडों और बुरे लोगों को अपने इवेंट या कार्यक्रमों का रुख बदलने की इजाज़त बिल्कुल नहीं देंगे। यह संदेश उन सभी के लिए था जो हिंसा के जरिए डर का माहौल पैदा करना चाहते हैं।
नेताओं पर हमलों का पुराना पैटर्न: इस हमले को एक अकेली घटना न मानते हुए इसके पीछे के एक बड़े पैटर्न की ओर इशारा किया गया। DONALD TRUMP ने कहा कि यह कोई पहला मौका नहीं है जब किसी REPUBLICAN नेता पर इस तरह का जानलेवा हमला हुआ हो। उन्होंने स्पष्ट किया कि समाज में जो लोग जाने-माने हैं और जिनकी एक बड़ी पहचान है, उन्हें अक्सर इस तरह के हिंसक हमलों का निशाना बनाया जाता रहा है।
असर डालने वालों को किया जाता है टारगेट: हत्याओं और जानलेवा हमलों के इतिहास पर गहरी टिप्पणी करते हुए बताया गया कि उन्होंने ऐसी घटनाओं की बहुत बारीकी से स्टडी की है। इस अध्ययन के आधार पर उन्होंने निष्कर्ष निकाला कि जो लोग समाज में सबसे ज़्यादा काम करते हैं और जिनका सबसे ज़्यादा असर पड़ता है, हमलावर अक्सर उन्हीं के पीछे पड़ते हैं। उन्होंने इस हमले को भी इसी मानसिकता का हिस्सा बताया।



































