समारोह और मुख्यमंत्री की चेतावनी: उत्तर प्रदेश की राजधानी Lucknow में आयोजित ‘श्रमवीर गौरव समारोह 2026’ के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्रमिक कल्याण को लेकर सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने मंच से हुंकार भरते हुए कहा कि श्रमिकों के शोषण को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और नियोक्ताओं को काम के बदले उचित पारिश्रमिक देना ही होगा। मुख्यमंत्री ने भ्रष्टाचार और लापरवाही बरतने वालों को चेतावनी देते हुए सरकार के सख्त रुख से अवगत कराया।
लोकार्पण और बुनियादी सुविधाएं: इस कार्यक्रम के माध्यम से सीएम योगी ने श्रमिक कल्याण से जुड़ी कई महत्वपूर्ण योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास संपन्न किया। उन्होंने बताया कि पिछले वर्षों में करोड़ों लोगों को आवास उपलब्ध कराए गए हैं और बड़ी संख्या में शौचालयों का निर्माण किया गया है, जिससे श्रमिकों के जीवन स्तर में गुणात्मक सुधार आया है। सरकार का मुख्य उद्देश्य अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को मुख्यधारा से जोड़ना और उसे बुनियादी सुविधाएं प्रदान करना है।
औद्योगिक विकास का नया इंजन: मुख्यमंत्री ने गौरव के साथ उल्लेख किया कि उत्तर प्रदेश अब ‘उद्यम प्रदेश’ की नई पहचान बना चुका है। उनके अनुसार, आजादी के बाद से 2017 तक की तुलना में पिछले सात वर्षों में कहीं अधिक औद्योगिक इकाइयां स्थापित हुई हैं। 2017 के बाद लगे 18 हजार से अधिक नए उद्योगों ने उत्तर प्रदेश को भारत की अर्थव्यवस्था को गति देने वाला एक प्रमुख ग्रोथ इंजन बना दिया है, जिससे बड़े पैमाने पर रोजगार का सृजन हुआ है।
संकट के साथी के रूप में सरकार: कोरोना महामारी के दौरान सरकार द्वारा किए गए कार्यों को याद करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने श्रमिकों को बेसहारा नहीं छोड़ा। जहां विपक्ष के नेता घरों में बैठे थे, वहीं सरकारी तंत्र ने हजारों बसों के जरिए प्रवासियों को वापस लाने का काम किया। मुफ्त भोजन और राशन कार्ड की सुविधा प्रदान कर यह सुनिश्चित किया गया कि कोई भी श्रमिक भूखा न रहे, और मुफ्त राशन की यह व्यवस्था आज भी प्रभावी रूप से चल रही है।
आवासीय और शैक्षिक पहल: श्रमिकों के बच्चों के भविष्य को संवारने के लिए सरकार ने अटल आवासीय विद्यालयों के माध्यम से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की पहल की है। इसी कड़ी में Noida (Jewar) में नए कंपोजिट विद्यालय की स्थापना की जानकारी साझा की गई। कार्यक्रम में मेधावी छात्रों को टैबलेट वितरण और विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को सम्मान देकर यह संदेश दिया गया कि श्रमिकों के बच्चे भी अब आधुनिक शिक्षा से वंचित नहीं रहेंगे।
बीमा और मुफ्त इलाज की सुविधा: स्वास्थ्य सुरक्षा के दायरे को बढ़ाते हुए मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि अब सभी पात्र श्रमिकों के लिए आयुष्मान कार्ड बनवाए जाएंगे ताकि उन्हें मुफ्त इलाज मिल सके। इसके अलावा, दुर्घटना की स्थिति में श्रमिकों के परिवारों को वित्तीय सुरक्षा प्रदान करने हेतु पांच लाख रुपए तक के बीमा कवर की व्यवस्था की जा रही है। इन कदमों का उद्देश्य श्रमिकों को एक सुरक्षित और गरिमापूर्ण जीवन प्रदान करना है।



































