मई माह की शुरुआत में महंगाई: 1 मई की तारीख देश के लिए महंगाई का संदेश लेकर आई है, क्योंकि आज से ही गैस सिलेंडरों के नए दाम लागू हो गए हैं। सरकार ने कमर्शियल एलपीजी और 5 किलो वाले सिलेंडरों की दरों में संशोधन करते हुए उन्हें काफी महंगा कर दिया है। महीने के पहले ही दिन मिली इस खबर ने घरेलू बजट और व्यापारिक बजट दोनों को बिगाड़ कर रख दिया है, जिससे राजनीतिक गलियारों में आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो गए हैं।
नए दामों का गणित: नए रेट कार्ड के मुताबिक, कमर्शियल इस्तेमाल में आने वाले 19 किलो के सिलेंडर की कीमत अब 993 रुपये बढ़ गई है। वहीं, छोटे यानी 5 किलो वाले सिलेंडरों के दाम में भी 261 रुपये की वृद्धि दर्ज की गई है। इस बढ़ोत्तरी के बाद अब कमर्शियल गैस का इस्तेमाल करने वाले उद्योगों और भोजनालयों के लिए लागत का प्रबंधन करना एक बड़ी चुनौती बन गया है, जिसका खामियाजा ग्राहकों को भुगतना पड़ सकता है।
शादाब चौहान का तीखा प्रहार: एआईएमआईएम प्रवक्ता शादाब चौहान ने कीमतों में हुई इस वृद्धि पर केंद्र की मोदी सरकार को आड़े हाथों लिया है। उन्होंने भाजपा सरकार को महंगाई के मोर्चे पर पूरी तरह नाकाम बताया और कहा कि सरकार आम लोगों को राहत देने के बजाय उन पर आर्थिक बोझ लाद रही है। चौहान ने आरोप लगाया कि सरकार की प्राथमिकताएं आम नागरिकों के बजाय केवल राजस्व इकट्ठा करने तक सीमित रह गई हैं।
सुरक्षा और मणिपुर का मुद्दा: प्रवक्ता शादाब चौहान ने महंगाई के साथ-साथ देश की आंतरिक और सीमा सुरक्षा के मुद्दे पर भी सरकार को कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने कहा कि बॉर्डर सुरक्षा और कानून व्यवस्था के मामले में सरकार पूरी तरह विफल रही है। मणिपुर का उल्लेख करते हुए उन्होंने चिंता जताई कि वहां स्थितियां लगातार बिगड़ती जा रही हैं, लेकिन सरकार प्रभावी समाधान निकालने के बजाय महंगाई बढ़ाने में व्यस्त है।
आपदा को अवसर बनाने का आरोप: एआईएमआईएम ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि उसे ‘आपदा को अवसर’ नहीं बनाना चाहिए था। चौहान ने दावा किया कि जब कच्चे तेल की कीमतें कम थीं, तब सरकार ने पेट्रोल-डीजल और गैस पर खूब पैसे कमाए, लेकिन अब मुश्किल घड़ी में सारा बोझ जनता के कंधों पर शिफ्ट कर दिया गया है। उन्होंने इसे जनता के साथ विश्वासघात बताते हुए कहा कि सरकार को अपने फिजूलखर्चों पर लगाम लगानी चाहिए।
चुनाव और भविष्य की चेतावनी: शादाब चौहान ने कहा कि यह कोई संयोग नहीं है कि चुनाव खत्म होते ही दाम बढ़ा दिए गए। उन्होंने आरोप लगाया कि पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों के कारण ही सरकार ने अब तक इन कीमतों को रोक कर रखा था। बीजेपी को जनता का विरोधी बताते हुए उन्होंने ‘बहुत हुई महंगाई’ का नारा बुलंद किया और कहा कि अब समय आ गया है जब सरकार को अपनी नीतियों के लिए जनता के सामने जवाबदेह होना होगा।



































