राम मंदिर में हुई इस कथित चोरी के मामले में एक ओर जहां राज्य सरकार और भारतीय जनता पार्टी का साफ कहना है कि पूरी जांच के बाद सच सबके सामने अवश्य आएगा। वहीं दूसरी ओर देश के तमाम विपक्षी दल इस मुद्दे को लेकर सरकार को घेरते हुए नित नए दिन नए-नए तीखे सवाल खड़े कर रहे हैं। इस गंभीर मामले को लेकर पूरे देश की मीडिया और आम जनता की नजरें भी जांच की पल-पल की रिपोर्ट पर लगातार टिकी हुई हैं। अब तक इस पूरे प्रकरण में पुलिस और अदालत द्वारा कई बड़ी कानूनी कार्रवाइयां भी अमल में लाई जा चुकी हैं।
लाखों की नकदी हुई बरामद: पुलिस द्वारा अब तक की गई प्रमुख कार्रवाई के तहत इस मामले में कुल 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस ने जांच के दौरान दावा किया है कि इनमें से 7 आरोपियों के पास से भारी मात्रा में अवैध नकदी भी बरामद की गई है। इस पूरी कार्रवाई के दौरान पुलिस विभाग ने अब तक कुल 79.84 लाख रुपये की भारी-भरकम राशि सफलतापूर्वक बरामद कर ली है। इस मामले की आंच आने पर चंपत राय और अनिल मिश्रा ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया था, हालांकि अभी तक उनके इस्तीफे की मंजूरी पर संशय बना हुआ है।
आरोपियों को भेजा गया जेल: कोर्ट ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए सभी 8 आरोपियों को 14 दिन की लंबी न्यायिक हिरासत में सीधे जेल भेज दिया है। अदालत द्वारा न्यायिक हिरासत में भेजे गए इन मुख्य आरोपियों के नाम क्रमशः टिन्नू यादव, अविनाश शुक्ला, लवकुश मिश्रा और अनुकल्प मिश्रा हैं। इनके अलावा इस वारदात में शामिल रहने के आरोप में मनीष कुमार यादव, करुणेश पांडेय, रमाशंकर मिश्रा और सुभाष श्रीवास्तव को भी न्यायालय के आदेश पर सीधे जेल की सलाखों के पीछे भेज दिया गया है।
सुप्रिया श्रीनेत का तीखा हमला: भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की वरिष्ठ महिला नेता सुप्रिया श्रीनेत ने उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में पत्रकारों से बातचीत करते हुए सरकार पर सीधा और तीखा हमला बोला है। उन्होंने भरे मंच से सवाल किया कि आखिर इतने दिन बीत जाने के बाद भी अब तक चंपत राय को पुलिस द्वारा गिरफ्तार क्यों नहीं किया गया है? उन्होंने आगे पूछा कि देश के पीएम मोदी और राज्य के सीएम योगी इस गंभीर मुद्दे पर अपनी चुप्पी क्यों नहीं तोड़ते हैं? उन्होंने कहा कि बीजेपी वाले केवल हिन्दू धर्म के ठेकेदार बनने की कोशिश न करें।
देवकीनंदन ठाकुर ने जताई चिंता: सुप्रिया श्रीनेत ने कड़े लहजे में कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को विपक्ष द्वारा उठाए जा रहे इन सभी जरूरी बातों का जवाब जनता के सामने देना चाहिए। दूसरी तरफ इस संवेदनशील मामले पर मशहूर कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर ने भी अपना एक बड़ा बयान जारी किया है। उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि यह जो पूरा प्रकरण अयोध्या में हुआ है, यह पूरे सनातनी जगत के हृदय को विदीर्ण यानी पूरी तरह से दुखी करने वाला है। उन्होंने कहा कि मंदिर में अभी जांच चल रही है, यह बेहद दुखदायी है और ऐसा बिल्कुल नहीं होना चाहिए।
मंदिर के पैसे के सदुपयोग की मांग: प्रसिद्ध कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर ने आगे एक महत्वपूर्ण प्रश्न उठाते हुए कहा कि क्या हम राम मंदिर से यह एक नई शुरुआत कर सकते हैं कि देश में जितने भी बड़े मंदिर हैं, उन मंदिरों के पैसे का शत-प्रतिशत सदुपयोग केवल सनातनी जगत के कल्याण के लिए ही किया जाए। उन्होंने सवाल किया कि कोई भी ट्रस्ट आखिर अपने पास इतना ज्यादा पैसा क्यों रखेगा? उन्होंने सुझाव दिया कि किसी भी मंदिर में यदि दान का पैसा आ रहा है, तो उसका पूरा सदुपयोग गरीब बच्चों की शिक्षा, धर्म के प्रचार और अस्पताल निर्माण में होना चाहिए।





































