ईरान और अमेरिका-इजरायल गठबंधन के बीच छिड़ी इस जंग में हथियारों की सप्लाई चेन एक बड़ी चुनौती बन गई है। ईरान ने खाड़ी देशों में अपनी मिसाइल शक्ति का जमकर प्रदर्शन किया है, जिसके जवाब में अमेरिका को अपने महंगे Interceptors खर्च करने पड़ रहे हैं।
JASSM-ER की ताकत: 600 मील की मारक क्षमता (Precision Strike)
Joint Air-to-Surface Standoff Missile-Extended Range (JASSM-ER) की खासियत इसकी ‘स्टेल्थ’ तकनीक है।
- यह दुश्मन के रडार और Air Defense Systems को चकमा देने में माहिर है।
- इसकी 600 मील से अधिक की रेंज अमेरिकी पायलटों को खतरे से दूर रखते हुए सुरक्षित दूरी से हमला करने की सुविधा देती है।
ईरान का पलटवार और इंटरसेप्टर की कमी (Iran’s Counter-Attack)
आधिकारिक रिपोर्टों के अनुसार, ईरान ने इस युद्ध में अभूतपूर्व पैमाने पर हमला किया है:
- ईरानी हमला: ईरान ने अब तक 1,600 से ज्यादा Ballistic Missiles और लगभग 4,000 Shahed Drones दागे हैं।
- बचाव की कीमत: इन बैलिस्टिक मिसाइलों को रोकने के लिए अमेरिका और इजरायल को कम से कम 3,200 Missile Interceptors खर्च करने पड़े हैं।
आगामी रणनीति (The Road Ahead)
अमेरिका और इजरायल का दावा है कि उन्होंने ईरान के हवाई सुरक्षा घेरे के एक बड़े हिस्से को ध्वस्त कर दिया है। अब वे महंगे हथियारों के बजाय कम खर्चीले हथियारों का उपयोग करने की योजना बना रहे हैं। हालांकि, वेनेजुएला में Nicolas Maduro को पकड़ने के लिए किए गए ऑपरेशन में भी 47 मिसाइलों के खर्च ने इस इन्वेंट्री संकट को और बढ़ा दिया है।



































