उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनपदों में बीते दिनों मौसम के बदले मिजाज के कारण तेज तूफान और भारी बारिश का भयावह रूप देखने को मिला था। इस दौरान चली अत्यधिक तेज आंधी-तूफान की वजह से विशालकाय पेड़ और बिजली के मजबूत खंभे उखड़कर गिर गए, जिससे भारी क्षति हुई। इस अचानक आई विपदा की घटना में प्रदेश भर के भीतर कुल 111 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है। इसके अतिरिक्त इस गंभीर मौसमी हादसे में करीब 72 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं, जिनका इलाज जारी है। इस प्राकृतिक आपदा ने कई परिवारों को पूरी तरह से तबाह कर दिया और चारों तरफ उदासी का माहौल छा गया।
मुख्यमंत्री की त्वरित पहल: इस बड़ी मानवीय त्रासदी के घटित होने के बाद योगी सरकार पूरी संवेदनशीलता के साथ इन प्रभावित और असहाय लोगों का मजबूत सहारा बनी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आंधी-तूफान से उजड़े 111 प्रभावित परिवारों के लिए बिना किसी आधिकारिक देरी के तत्काल सहायता राशि देने के निर्देश दिए थे। मुख्यमंत्री के इस कड़े रुख के बाद पूरे प्रदेश का प्रशासनिक अमला सक्रिय हो गया और राहत फाइलों को तुरंत मंजूरी दी गई। सरकार ने यह सुनिश्चित किया कि इस भयानक संकट के समय में किसी भी पीड़ित परिवार को दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें।
प्रभारी मंत्रियों का दौरा: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की इस विशेष अपील और निर्देश पर राज्य के सभी 75 जिलों के प्रभारी मंत्रियों ने तत्काल एक्शन लिया। इन सभी मंत्रियों ने अपने-अपने प्रभार वाले जिलों में जाकर प्रभावित लोगों से तुरंत मुलाकात की और आंधी से हुए नुकसान के इलाकों का विस्तृत दौरा किया। मंत्रियों के साथ स्थानीय जिलाधिकारी भी खुद इन प्रभावित परिवारों के घरों तक पहुंचे और उन्हें मुख्यमंत्री की तरफ से हर संभव मदद का आश्वासन दिया। शासन और प्रशासन के शीर्ष लोगों को अपने बीच पाकर पीड़ितों को इस दुखद समय में काफी ढांढस बंधा है।
रिकॉर्ड समय में मदद: सरकारी तंत्र ने मुस्तैदी दिखाते हुए महज 24 घंटे के अंदर आंधी-तूफान से बुरी तरह प्रभावित परिवारों तक योगी सरकार की तरफ से सहायता राशि पहुंचा दी। इस पूरी त्वरित प्रक्रिया के अंतर्गत कुल 5 करोड़ रुपये की सहायता राशि सरकार द्वारा आपातकालीन फंड से जारी करके प्रभावितों को प्रदान की गई है। इस पूरी राहत राशि को प्रभारी मंत्रियों और जिलाधिकारियों ने खुद पीड़ितों के पास जाकर अपने हाथों से वितरित किया है। मुख्यमंत्री के इस त्वरित फैसले की वजह से इतनी बड़ी धनराशि को मात्र एक दिन के भीतर जरूरतमंदों तक पहुंचाना पूरी तरह संभव हो सका।
आर्थिक सहायता का विवरण: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विशेष निर्देश पर आपदा का शिकार हुए सभी 111 प्रभावित परिवारों को यह सहायता राशि सौंपी गई है। इसके अंतर्गत प्रत्येक प्रभावित परिवार को उनके पुनर्वास और तात्कालिक खर्चों के लिए 4-4 लाख रुपए की आर्थिक सहायता राशि दी गई है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री के कड़े निर्देश पर जिले के वरिष्ठ अधिकारी लगातार इन प्रभावित परिवारों से संपर्क बनाए हुए हैं और उनकी स्थिति की निगरानी कर रहे हैं। सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि इस मुआवजे के अलावा भी पीड़ितों को किसी अन्य आवश्यक चीज की कमी न होने पाए।
प्रशासनिक मुस्तैदी जारी: मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों और विभिन्न संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देश दिया था कि वे लगातार प्रभावित क्षेत्रों में बने रहें। उन्होंने साफ कहा था कि पीड़ितों और उनके परिवारों को हर संभव चिकित्सा, भोजन और अन्य सहायता प्रदान करने में कोई कोताही नहीं बरती जानी चाहिए। इसी निर्देश का असर है कि पूरे उत्तर प्रदेश के सभी प्रभावित जिलों में अधिकारी और कर्मचारी पूरी मुस्तैदी से काम कर रहे हैं। सरकार के इस त्वरित और संवेदनशील कदम की वजह से पीड़ित परिवारों को इस बड़ी आपदा से उबरने में काफी मदद मिल रही है।





































