कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरे के मार्ग पर विस्फोटक मिलने के बाद राज्य की कानून व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं। कर्नाटक भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष और विधायक बी.वाई. विजयेंद्र ने इस सुरक्षा चूक को लेकर 10 मई को सोशल मीडिया पर एक बेहद तीखा पोस्ट साझा किया। उन्होंने अपने आधिकारिक पोस्ट में साफ तौर पर कहा कि कांग्रेस सरकार के शासन में राज्य में, और वह भी विशेषकर राजधानी बेंगलुरु में, कानून व्यवस्था और सुरक्षा पूरी तरह से चरमरा गई है। मुख्य विपक्षी दल ने इस घटना को अत्यंत चिंताजनक बताते हुए राज्य सरकार की कार्यप्रणाली की कड़े शब्दों में निंदा की है।
सुरक्षा की मांग
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बी.वाई. विजयेंद्र ने प्रधानमंत्री की सुरक्षा को देश का सबसे महत्वपूर्ण विषय बताते हुए सरकार को उसकी जिम्मेदारियों का अहसास कराया। उन्होंने आगे कहा कि देश के प्रधानमंत्री की सुरक्षा के मामले में किसी भी स्तर पर जरा सी भी चूक या लापरवाही नहीं होनी चाहिए। उन्होंने मांग की कि देश के प्रधान सेवक को उनके दौरे के दौरान हमेशा अधिकतम और चाक-चौबंद सुरक्षा प्रदान की जानी चाहिए। विजयेंद्र के अनुसार यह देश की प्रतिष्ठा और सुरक्षा से जुड़ा हुआ बेहद संवेदनशील मामला है, जिसमें किसी भी प्रकार की कोताही देश के लिए घातक साबित हो सकती है।
कड़ी कार्रवाई की अपील
अपने बयान को आगे बढ़ाते हुए भाजपा विधायक ने राज्य की सिद्धारमैया सरकार से इस पूरे घटनाक्रम पर तत्काल कड़े कदम उठाने की जोरदार अपील की है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार को इस संवेदनशील और गंभीर मामले को पूरी गंभीरता से लेना चाहिए और बिना समय गंवाए तत्काल गहन जांच के आदेश देने चाहिए। उन्होंने मांग की कि सरकार को न केवल इस खतरनाक कृत्य के पीछे के शरारती तत्वों की पहचान करके उन्हें सख्त से सख्त सजा देनी चाहिए, बल्कि इस ड्यूटी में लापरवाही बरतने वाले पुलिस अधिकारियों के खिलाफ भी तत्काल प्रभाव से कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई करनी चाहिए।
दौरे के समय की घटना
यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब पीएम मोदी ने गत 10 मई को बेंगलुरु का एक अत्यंत महत्वपूर्ण दौरा किया था। इस वीवीआईपी दौरे के दौरान बेंगलुरु के बाहरी इलाके में अचानक दो शक्तिशाली जिलेटिन स्टिक मिलने की सनसनीखेज घटना आधिकारिक रूप से सामने आई थी। बेंगलुरु दक्षिण (रामनगर) के पुलिस अधीक्षक के अनुसार प्रधानमंत्री के दौरे की सुबह उनके आगमन से ठीक पहले जब सुरक्षा एजेंसियां रूट क्लियरेंस कर रही थीं, तभी इस बड़ी लापरवाही का पता चला था। सुरक्षा जांच के दौरान फुटपाथ पर पड़े इस विस्फोटक को देखकर सुरक्षाकर्मियों के होश उड़ गए और तुरंत पूरे इलाके की नाकेबंदी कर दी गई।
डीआईजी का बयान
विस्फोटक मिलने की सटीक जगह और दूरी के बारे में बेंगलुरु के केंद्रीय रेंज के पुलिस उप महानिरीक्षक (डीआईजी) ने भी आधिकारिक तौर पर स्थिति साफ की है। डीआईजी ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आगमन से ठीक पहले नियमित रूप से की जाने वाली एंटी-सबातोज जांच के दौरान मुख्य कार्यक्रम स्थल से लगभग 3 किलोमीटर दूर फुटपाथ के किनारे दो जिलेटिन स्टिक लावारिस पड़ी हुई मिली थीं। इस गंभीर घटना के सामने आने के बाद से ही पुलिस प्रशासन के भीतर खलबली मची हुई है। डीआईजी ने बताया कि इस घटना के पीछे की साजिश का पर्दाफाश करने के लिए पुलिस की कई टीमें अलग-अलग कोणों से आगे की गहन कानूनी जांच कर रही हैं।
छह कर्मी निलंबित
विभागीय स्तर पर त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस अधीक्षक के आदेश पर इस मामले में अब तक कुल 6 पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया है। इन निलंबित किए गए सुरक्षाकर्मियों में एक सब-इंस्पेक्टर, एक असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर और चार पुलिस कांस्टेबल शामिल हैं, जिनकी तैनाती उस रूट की सुरक्षा में की गई थी। मामले की संवेदनशीलता और आतंकी एंगल की आशंका को देखते हुए देश की सर्वोच्च आतंकवाद रोधी एजेंसी राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण यानी एनआईए भी अब इस मामले की जांच में आधिकारिक तौर पर शामिल हो चुकी है। एनआईए और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीमें अब कार्यक्रम स्थल के आसपास लगे सभी सीसीटीवी फुटेज खंगालने और संदिग्धों से पूछताछ करने में जुटी हुई हैं।





































