मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार के दिन रामपुर पहुंचकर क्षेत्र की जनता को छह सौ नब्बे करोड़ रुपये से ज्यादा के प्रोजेक्ट्स की ऐतिहासिक सौगात दी। इन विभिन्न जनहितकारी परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करने के बाद उन्होंने वहां मौजूद एक विशाल जनसभा को भी पूरे जोश के साथ संबोधित किया। अपने संबोधन के दौरान उन्होंने समाजवादी पार्टी को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि पहले सिर्फ एक या दो परिवारों का ही निजी विकास होता था। साल दो हजार सत्रह से पहले यूपी में सारा सरकारी पैसा केवल सैफई परिवार या फिर रामपुर के एक खास परिवार की झोली में जाता था। बाकी आम लोगों को विकास से हमेशा वंचित रखा जाता था और सपा सरकार ने प्रदेश की बहुमूल्य विरासत को अपमानित करने में कोई कसर नहीं छोड़ी थी।
भ्रष्टाचार और असुरक्षा का दौर सीएम योगी ने पुरानी सरकारों पर करारा हमला बोलते हुए कहा कि उनके कार्यकाल में पूरे प्रदेश के सामने पहचान का एक गंभीर संकट खड़ा था। उस समय प्रदेश का आम व्यापारी अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित रहता था और महिलाओं तथा बेटियों के लिए कोई भी सुरक्षित माहौल नहीं था। राज्य के गरीब किसानों की भलाई के लिए कोई योजना नहीं थी, जिससे निराश होकर अन्नदाता किसान आत्महत्या करने के लिए पूरी तरह मजबूर हो जाते थे। जब भी कोई नई सरकारी भर्ती निकलती थी, तो चाचा-भतीजे का गिरोह सीधे युवाओं से वसूली करने के लिए मैदान में उतर आता था। इस भयंकर भ्रष्टाचार को रोकने के लिए खुद देश के माननीय न्यायालय को कई बार सख्त दखल देकर उन भर्तियों पर रोक लगानी पड़ती थी।
त्योहारों पर पाबंदियों का अंत मुख्यमंत्री ने पुरानी कानून व्यवस्था की याद दिलाते हुए कहा कि पहले प्रदेश में किसी भी बड़े उत्सव से पहले भारी उपद्रव और दंगे शुरू हो जाते थे। समाजवादी पार्टी की तत्कालीन सरकार शिवभक्तों को कावड़ यात्रा नहीं निकालने देती थी और भगवान कृष्ण की जन्माष्टमी पर भी अघोषित रोक लगा दी जाती थी। उस समय राम नवमी, होली, दीपावली और विजयादशमी जैसे बड़े पर्व कभी भी शांति और उत्साह के साथ पूरे प्रदेश में नहीं मनाए जा सकते थे। लेकिन अब हमारी सरकार ने उन सभी पुरानी और बेबुनियाद बाधाओं को पूरी तरह से दूर करके राज्य का पूरा माहौल बदल कर रख दिया है। आज हर पर्व और त्योहार बिना किसी डर के उत्सवपूर्ण माहौल में मनाया जाता है और कावड़ यात्रा भी पूरे धूमधाम और धड़ाके के साथ निकलती है।
विपक्ष का बदला हुआ राजनीतिक रूप योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस और सपा पर तीखा वार करते हुए कहा कि पहले जो लोग रामभक्तों पर गोलियां चलवाते थे, आज वही आस्था की वकालत कर रहे हैं। दो हजार सत्रह से पहले जब कोई जय श्री राम बोलता था, तो प्रशासन के लोग उस निर्दोष व्यक्ति पर जमकर लाठियां बरसाते थे। लेकिन आज जनता की अपार ताकत और वोट बैंक के डर ने इन सभी विपक्षी नेताओं को भगवान राम का सबसे बड़ा पिछलग्गू बनने पर मजबूर कर दिया है। कांग्रेस पार्टी ने तो एक समय राम और कृष्ण के ऐतिहासिक अस्तित्व को ही अदालत के सामने पूरी तरह से सिरे से नकार दिया था। आज उन्हें अपने पुराने पापों पर गहरा पश्चाताप हो रहा है और वे सभी किसी भी तरह से अयोध्या जाने के लिए छटपटा रहे हैं।
तीर्थ स्थलों के कायाकल्प से परेशानी मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जब विपक्षी दल कोई भी सकारात्मक काम नहीं कर पा रहे हैं, तो वे सिर्फ झूठे बयानबाजी का सहारा ले रहे हैं। आज इन विपक्षी दलों को इस बात से सबसे अधिक मानसिक परेशानी हो रही है कि अयोध्या नगरी इतनी ज्यादा सुंदर और भव्य कैसे बन गई है। काशी विश्वनाथ धाम के शानदार कायाकल्प और मां विंध्यवासिनी धाम के दिव्य स्वरूप को देखकर भी इन नेताओं को लगातार भारी चिढ़ हो रही है। प्रयागराज में होने वाले महाकुंभ का वैश्विक वैभव आज देश और दुनिया के तमाम लोगों को अपनी ओर बहुत तेजी से आकर्षित कर रहा है। मथुरा से लेकर सुख तीर्थ तक, राज्य के हर एक पौराणिक स्थल के निरंतर हो रहे बेहतरीन विकास से विपक्ष की नींद पूरी तरह से उड़ चुकी है।
डबल इंजन सरकार में सुरक्षा योगी ने कहा कि जनता जनार्दन अब इन सभी विरोधी पार्टियों को सत्ता से पूरी तरह से बाहर का साफ रास्ता दिखा चुकी है। रामपुर के चाकू का सटीक उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि गलत व्यक्ति के हाथ में चाकू हमेशा डकैती और खौफ का ही बड़ा कारण बनता है। समाजवादी पार्टी इसी कुख्यात चाकू का घोर दुरुपयोग करके गरीब जनता की जमीनों पर जबरन कब्जा करती थी और उनका भारी शोषण करती थी। लेकिन आज भारतीय जनता पार्टी की मजबूत डबल इंजन सरकार में यही चाकू राज्य की आम जनता की कड़ी सुरक्षा के लिए उपयोग में लाया जा रहा है। आज उत्तर प्रदेश में जो शानदार सुरक्षा का माहौल बना है, वही सही मायनों में असली विकास का सबसे बड़ा और मजबूत पर्याय बन चुका है।





































