Assam में बाढ़ से उत्पन्न हुई गंभीर स्थिति पर केंद्र सरकार ने अपनी पैनी नजर बना ली है। केंद्रीय गृहमंत्री Amit Shah ने फोन पर राज्य के मौजूदा हालात की विस्तृत जानकारी हासिल की है। उन्होंने प्रदेश के मुख्यमंत्री Himanta Biswa Sarma से बातचीत कर बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लिया। इस दौरान गृहमंत्री ने विशेष रूप से Dhemaji जिले में बारिश और बाढ़ से हुए नुकसान के बारे में पूछा। केंद्र सरकार इस प्राकृतिक आपदा पर पूरी गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ नजर बनाए हुए है।
केंद्र से मदद का भरोसा फोन कॉल के दौरान केंद्रीय गृहमंत्री ने राज्य सरकार को पूरी सहायता का आश्वासन दिया है। Amit Shah ने कहा कि इस कठिन परिस्थिति से निपटने के लिए भारत सरकार की ओर से हर मुमकिन मदद दी जाएगी। केंद्र की इस त्वरित प्रतिक्रिया से बाढ़ राहत कार्यों को और अधिक गति मिलने की पूरी उम्मीद है। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल और अन्य केंद्रीय एजेंसियां जरूरत पड़ने पर मदद के लिए तैयार हैं। यह भरोसा प्रभावित लोगों और राज्य प्रशासन के लिए एक बड़ी राहत बनकर सामने आया है।
मुख्यमंत्री ने जताया आभार मुख्यमंत्री Himanta Biswa Sarma ने स्थिति की सुध लेने के लिए केंद्रीय गृहमंत्री का हृदय से धन्यवाद किया है। उन्होंने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट लिखकर Amit Shah के फोन कॉल के प्रति अपना आभार व्यक्त किया। उन्होंने लिखा कि मैं गृह मंत्री को फोन करने और बाढ़ की स्थिति के बारे में पूछने के लिए धन्यवाद देता हूं। केंद्र और राज्य के बीच यह संवाद आपदा प्रबंधन की दिशा में एक सकारात्मक कदम है। इस बातचीत से साफ है कि संकट की इस घड़ी में दोनों सरकारें मिलकर काम कर रही हैं।
राहत और पुनर्वास की जानकारी मुख्यमंत्री ने गृहमंत्री को राज्य में चलाए जा रहे बचाव कार्यों की प्रगति से अवगत कराया। Himanta Biswa Sarma ने बताया कि राज्य सरकार धेमाजी जिले में सभी संसाधन जुटा रही है। उन्होंने केंद्र को प्रभावित लोगों के लिए किए जा रहे तात्कालिक राहत और दीर्घकालिक पुनर्वास उपायों की जानकारी दी। सरकार प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और उन्हें बुनियादी सुविधाएं देने में जुटी है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि प्रशासन लोगों की सुरक्षा को लेकर किसी भी स्तर पर समझौता नहीं करेगा।
मंत्रियों की जमीनी निगरानी मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार को बताया कि राहत कार्यों की निगरानी के लिए मंत्रियों को मैदान में उतारा गया है। जल संसाधन मंत्री Sushant Borgohain को जमीनी हालात का जायजा लेने के लिए सीधे क्षेत्र में भेजा गया है। उनके साथ राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री Keshab Mahanta को भी राहत कार्यों की जिम्मेदारी दी गई है। दोनों मंत्रियों को Dhemaji में रहकर पूरे अभियान की बारीकी से निगरानी करने के सख्त निर्देश दिए गए हैं। मंत्रियों की यह मौजूदगी यह सुनिश्चित कर रही है कि राहत सामग्री सही समय पर जरूरतमंदों तक पहुंचे।
रेलवे नेटवर्क पर पड़ा असर दोनों नेताओं के बीच बुनियादी ढांचे को हुए भारी नुकसान पर भी विचार-विमर्श हुआ है। भारी कटान के कारण NFR क्षेत्र में आने वाला एक महत्वपूर्ण रेलवे पुल बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया है। इसके चलते Archipathar और Simen Chapari स्टेशनों के बीच रेल परिचालन को पूरी तरह रोक दिया गया है। मुख्यमंत्री द्वारा साझा की गई तस्वीरों में इस क्षतिग्रस्त रेलवे पुल की भयावह स्थिति साफ देखी जा सकती है। रेल कनेक्टिविटी खत्म होने से उत्पन्न हुई चुनौतियों से निपटने के लिए रेलवे प्रशासन युद्ध स्तर पर काम कर रहा है।





































