यशराज फिल्म्स के स्पाई यूनिवर्स की बहुप्रतीक्षित और पहली महिला केंद्रित फिल्म ‘अल्फा’ आखिरकार शुक्रवार को देशभर के सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है। इस फिल्म का पिछले कई महीनों से लगातार प्रचार किया जा रहा था और इसके गानों तथा ट्रेलर ने दर्शकों के बीच भारी उत्सुकता और उम्मीदें जगा दी थीं। हालांकि रिलीज के बाद शुरुआती पब्लिक रिस्पॉन्स और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर आ रहे रिएक्शन्स को देखकर यह साफ हो गया है कि फिल्म दर्शकों की कसौटी पर पूरी तरह खरी नहीं उतर पाई है। जहां एक तरफ फिल्म के स्टाइलिश एक्शन दृश्यों और बेहतरीन विजुअल्स की प्रशंसा की जा रही है, वहीं दूसरी ओर फिल्म की कमजोर कहानी, स्क्रिप्ट और लॉजिक के अभाव को लेकर सोशल मीडिया पर काफी तीखी और नकारात्मक प्रतिक्रियाएं भी देखने को मिल रही हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर कई दर्शकों और फिल्म समीक्षकों ने अपने मूल रिएक्शन्स साझा किए हैं, जो इस एक्शन फिल्म के हर पहलू को पूरी तरह उजागर करते हैं।
कुछ सकारात्मक और तकनीकी बातें शुरुआती निराशा के बावजूद कुछ दर्शकों को फिल्म का तकनीकी पक्ष और मुख्य कलाकारों का काम काफी हद तक पसंद भी आया है। फिल्म में मुख्य रूप से अभिनेत्री शरवरी की शानदार स्क्रीन प्रेजेंस और अभिनेता बॉबी देओल के नकारात्मक किरदार की खूब तारीफ की जा रही है। एक दर्शक ने अपनी प्रतिक्रिया में लिखा है कि ‘अल्फा’ एक ऐसी फिल्म है जिसमें कुछ दमदार एक्शन पल तो जरूर हैं, लेकिन इसकी औसत दर्जे की कहानी फिल्म को पीछे खींच लेती है। इस फिल्म की सबसे बड़ी खूबी बॉबी देओल की स्क्रीन प्रेजेंस है, जो जब भी स्क्रीन पर आते हैं तो पूरी फिल्म में एक अलग ही जोश और गहराई ले आते हैं। वहीं तकनीकी पक्ष की बात करें तो एक यूजर ने लिखा है कि फिल्म के पहले हाफ की कहानी हॉलीवुड फिल्मों का मिला जुला रूप है, लेकिन फिल्म की एडिटिंग कसी हुई है और सीजीआई तथा वीएफएक्स की रेंडर क्वालिटी भी अच्छी है।
दर्शकों की भारी निराशा फिल्म के पहले हाफ को देखने के बाद थिएटर से बाहर निकलने वाले ज्यादातर दर्शकों के चेहरों पर भारी असंतोष और निराशा साफ दिखाई दे रही थी। कई दर्शकों को फिल्म की कहानी बहुत बिखरी हुई और समझ से परे लगी। एक दर्शक ने निराशा जताते हुए लिखा कि इंटरवल तक यह समझ ही नहीं आ रहा था कि फिल्म में क्या हो रहा है, सब कुछ एक ही पैटर्न पर चल रहा है और बीच में कई बेतुके दृश्य हैं। वहीं फिल्म क्रिटिक केआरके ने भी आलिया भट्ट के अभिनय और फिल्म के स्क्रीनप्ले पर बहुत तीखा तंज कसा है। केआरके ने अपने ट्वीट में लिखा है कि फिल्म के 45 मिनट बीतने के बाद भी यह समझ नहीं आया कि आखिर यह सब बकवास क्यों चल रही है। आलिया भट्ट फिल्म के हर सीन में ऐसी कॉमेडी कर रही हैं कि कोई बेवकूफ इंसान भी पूछ बैठे कि आखिर वह क्या कर रही हैं।
हॉलीवुड की सस्ती नकल का आरोप सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने फिल्म की स्क्रिप्ट, उसमें लॉजिक की कमी और हॉलीवुड की कॉपी पेस्ट कहानी पर भी कड़ा प्रहार किया है। दर्शकों ने आरोप लगाया है कि फिल्म में हॉलीवुड की एक्शन फिल्मों की बिना सोचे समझे नकल की गई है और इसमें वही पुराना घिसा पिटा फॉर्मूला दोहराया गया है। एक दर्शक ने फिल्म को बिना दिमाग की और पूरी तरह से बेजान मुसीबत बताते हुए इसे देखने लायक एक बड़ी ट्रेनव्रेक करार दिया है। लोगों का कहना है कि यह फिल्म YRF स्पाई यूनिवर्स को ऊपर उठाने के बजाय अपनी आलसी राइटिंग, जीरो लॉजिक और दिखावटी स्टाइल से उसे पूरी तरह से खत्म कर देती है। फिल्म का स्क्रीनप्ले एक अस्त व्यस्त गड़बड़ है, जिसके संवाद बहुत ही अजीब, जबरदस्ती के और बनावटी लगते हैं और इसका दूसरा हाफ पूरी तरह से बेमतलब के मेलोड्रामा में तब्दील हो जाता है।
कहानी के ट्विस्ट पर उठे सवाल कई ट्रेड एक्सपर्ट्स और समीक्षकों ने भी फिल्म की कहानी में मौजूद अजीबोगरीब और बेतुके ट्विस्ट की पोल खोलकर रख दी है। एक यूजर ने लिखा है कि ‘अल्फा’ एक ऐसी फिल्म है जिसे देखकर शर्मिंदगी महसूस होती है और यह स्पाई यूनिवर्स की बची खुची उम्मीदों को भी खत्म कर देती है। YRF ने एक बार फिर वही पुरानी गलती की है और भारतीय सेना के अधिकारी को ही मुख्य विलेन बना दिया है जो देश के खिलाफ हो जाता है। फिल्म में बॉबी देओल ने उस अधिकारी का किरदार निभाया है जिसने अल्फा सुपर सोल्जर प्रोग्राम बनाया था, जिसे भारतीय सेना द्वारा बंद किए जाने के बाद भी वह अवैध तरीके से चलाता रहता है। आलिया और शरवरी के किरदार भी इसी प्रोग्राम की देन हैं, जिनकी शक्तियां स्पाइडर सेंस और कई हॉलीवुड फिल्मों से कॉपी की गई लगती हैं।
पठान और मिशन इम्पॉसिबल का मिक्सचर कुछ अन्य यूजर्स ने भी फिल्म के सीन्स की तुलना शाहरुख खान की ब्लॉकबस्टर फिल्म पठान और हॉलीवुड की हिट सीरीज मिशन इम्पॉसिबल के एक अजीब घालमेल से की है। एक यूजर ने व्यंग्य करते हुए लिखा है कि एजेंट फ्रेंच फ्राइज खाते हुए दुश्मन के इलाके में घुस रहा है जो देखने में बहुत बुरा लगता है। आलिया भट्ट अपनी बनावटी हंसी और एटीट्यूड की वजह से फिल्म में काफी परेशान करने वाली लग रही हैं, हालांकि कुछ एक्शन सीन जरूर अच्छे बन पड़े हैं। फिल्म की कहानी में रॉ चीफ चोर निकल जाता है और एक पूर्व सैनिक विलेन बन जाता है, ऐसा प्लॉट दर्शक पहले ही पठान फिल्म में देख चुके हैं। कुल मिलाकर दर्शकों ने इस फिल्म को हॉलीवुड फिल्म कैप्टन अमेरिका के फीमेल वर्शन, हिंदी फिल्म जुड़वा और मिशन इम्पॉसिबल का एक बहुत ही खराब और उबाऊ मिक्सचर करार दिया है।





































