एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का बड़ा मामला सामने आया है। एंटी-करप्शन ब्यूरो ने इस भ्रष्ट अधिकारी के खिलाफ सख्त कानूनी कदम उठाए हैं। यह मामला भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत पूरी गंभीरता के साथ दर्ज किया गया है। जांच टीम ने अधिकारी के खिलाफ धारा तेरह के विभिन्न प्रावधानों का इस्तेमाल किया है। इसके बाद उनके कई ठिकानों पर एक साथ व्यापक स्तर पर सघन तलाशी ली गई है।
राज्य में कृषि भूमि की खोज: इस जांच के दौरान अधिकारी के नाम पर कई एकड़ कृषि भूमि का खुलासा हुआ है। तेलंगाना के संगारेड्डी जिले के जहीराबाद में साढ़े तीन एकड़ जमीन के दस्तावेज मिले हैं। विकाराबाद जिले के मोमिनपेट इलाके में भी अधिकारी की दो एकड़ कृषि भूमि पाई गई है। इसके अलावा मुचिंताला गांव में चार एकड़ से अधिक जमीन के कागज जांचकर्ताओं को मिले हैं। इन सभी जमीनों की कीमत आज के समय में करोड़ों रुपये में आंकी जा रही है।
पड़ोसी राज्य में भी संपत्तियां: अधिकारी ने सिर्फ अपने राज्य में ही नहीं बल्कि पड़ोसी राज्य में भी जमीनें खरीदी हैं। जांच में कर्नाटक राज्य के अंदर भी भारी मात्रा में भूमि निवेश का पता चला है। वहां अलग-अलग जगहों पर छह एकड़ और अड़तीस एकड़ जमीन के अहम दस्तावेज बरामद हुए हैं। इसके साथ ही बेंगलुरु के पास देवनहल्ली में भी एक एकड़ की कीमती जमीन मिली है। यह साबित करता है कि अधिकारी ने अपने काले धन का इस्तेमाल कई राज्यों में किया है।
व्यावसायिक निवेश का भी खुलासा: जमीन और फ्लैट के अलावा अधिकारी ने अपना पैसा व्यापार में भी लगा रखा था। एंटी-करप्शन ब्यूरो की जांच में उनके एक बड़े व्यावसायिक निवेश का भी पता चला है। उन्होंने राघवेंद्र रॉक सैंड मिनरल्स नाम की कंपनी में भारी मात्रा में धन लगाया था। दस्तावेजों के अनुसार इस व्यापार में उनका कुल पचहत्तर लाख रुपये का बड़ा निवेश है। जांच टीम अब इस कंपनी के साथ उनके संबंधों की भी गहराई से पड़ताल कर रही है।
सोने और चांदी का जखीरा: नकदी और जमीन के साथ-साथ अधिकारी के ठिकानों से भारी मात्रा में आभूषण भी मिले हैं। छापे के दौरान जांच दल को लगभग दो किलोग्राम वजन के सोने के गहने बरामद हुए हैं। सोने के अलावा करीब बीस किलोग्राम वजन की चांदी की कीमती चीजें भी घर से मिली हैं। इन सभी बेशकीमती धातुओं की कीमत बाजार में कई लाख रुपये से भी अधिक बताई जा रही है। इतनी बड़ी मात्रा में आभूषण मिलना उनके भ्रष्टाचार के दावों को और मजबूत करता है।
बाजार मूल्य और आगे की जांच: बरामद की गई संपत्तियों का असली मूल्य उनके रजिस्टर्ड मूल्य से कहीं अधिक माना जा रहा है। जांच एजेंसी के अनुसार अचल संपत्तियों की मौजूदा बाजार कीमत कई गुना ज्यादा हो सकती है। फिलहाल सभी जब्त किए गए दस्तावेजों और संपत्तियों का गहन मूल्यांकन किया जा रहा है। जांच अधिकारी अभी भी बेनामी संपत्तियों की पूरी जानकारी जुटाने में दिन-रात लगे हुए हैं। इस पूरे हाई प्रोफाइल मामले की विस्तृत जांच लगातार बिना किसी रुकावट के जारी है।





































