राम मंदिर के लिए दिए गए दान के कथित गबन मामले में अब जांच एजेंसियों ने अपनी कार्रवाई बहुत तेज कर दी है। इस पूरे मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम का पहले ही गठन किया गया है। विनय कटियार के बयान के मुताबिक इस एसआईटी टीम ने अपनी जांच की समयसीमा को और पंद्रह दिन के लिए बढ़ा दिया है। जांच के लिए अतिरिक्त समय मांगने का मुख्य उद्देश्य मामले की तह तक जाकर सच्चाई को पूरी तरह से बाहर लाना है। इस अहम फैसले से स्पष्ट है कि जांच एजेंसियां इस हाई-प्रोफाइल मामले में किसी भी तरह की जल्दबाजी नहीं करना चाहती हैं।
गहनता से पड़ताल का लक्ष्य: स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम को अपनी जांच पूरी करने के लिए यह पंद्रह दिन का अतिरिक्त वक्त विशेष रूप से दिया गया है। यह वक्त इसलिए बढ़ाया गया है ताकि एसआईटी अपनी जांच के दायरे को और भी ज्यादा बड़ा और व्यापक कर सके। टीम इस चंदा चोरी केस के सभी छोटे-बड़े पहलुओं की बहुत ही बारीकी और गहनता से जांच करने में जुटी हुई है। पड़ताल को और भी ज्यादा बढ़ाया जाएगा ताकि हर एक बारीक पहलू की सूक्ष्मता से जांच हो पाए। जांच के हर एक स्तर पर अधिकारियों को पूरी तरह से सतर्क और सावधान रहने के कड़े निर्देश दिए गए हैं।
जांच का दूसरा दिन: एसआईटी द्वारा बढ़ाई गई नई समयसीमा के तहत की जा रही इस विस्तृत पड़ताल का आज दूसरा महत्वपूर्ण दिन है। जांच दल पुराने दस्तावेजों की छानबीन करने के साथ-साथ कई महत्वपूर्ण कड़ियों को लगातार जोड़ने का काम कर रहा है। विनय कटियार ने भी एसआईटी की इस चल रही जांच प्रक्रिया का अपनी बातचीत में प्रमुखता से जिक्र किया है। यह माना जा रहा है कि यह जांच सही दिशा में आगे बढ़ रही है और जल्द ही गबन की पूरी सच्चाई सामने आ जाएगी। पूरे देश की निगाहें भी इसी अहम जांच पर टिकी हुई हैं कि आखिर मंदिर के पवित्र दान में किसने हेराफेरी की है।
दोषियों पर शिकंजा कसने की तैयारी: जांच दल का मुख्य लक्ष्य उस पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश करना है जिसने करोड़ों के चंदे में कथित रूप से गड़बड़ी की है। जांच एजेंसियों का साफ कहना है कि इस सघन जांच के बाद कोई भी असली दोषी किसी भी हाल में बच नहीं पाएगा। गबन में शामिल सभी आरोपियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई करने की पूरी रूपरेखा तैयार की जा रही है। मंदिर ट्रस्ट की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाले हर उस व्यक्ति की तलाश की जा रही है जिसने दान का पैसा हड़पा है। एसआईटी हर एक सुराग को खंगाल रही है ताकि अदालत में दोषियों के खिलाफ पुख्ता सबूत मजबूती से पेश किए जा सकें।
पुलिस की कार्रवाई हुई तेज: एसआईटी की इस लंबी पड़ताल के समानांतर राज्य की यूपी पुलिस भी इस संवेदनशील मामले में पूरी तरह से एक्शन में आ गई है। शुक्रवार के दिन यूपी पुलिस ने राम मंदिर चंदे में कथित रूप से की गई इस हेराफेरी के केस में अपनी पड़ताल बहुत तेज कर दी है। पुलिस की अलग-अलग टीमें कई संदिग्ध व्यक्तियों और ठिकानों पर अपनी पैनी नजर बनाए हुए हैं। स्थानीय प्रशासन भी पुलिस और जांच एजेंसियों को अपना पूरा सहयोग और जरूरी संसाधन तत्काल उपलब्ध करा रहा है। पुलिस यह सुनिश्चित कर रही है कि इस मामले से जुड़ा कोई भी अहम सबूत नष्ट होने से पहले उनके मजबूत कब्जे में आ जाए।
आरोपी से लगातार पूछताछ: जांच एजेंसियों की इस तेज होती कार्रवाई के बीच पुलिस के हाथ एक बड़ी और अहम कामयाबी भी लगी है। फिलहाल पुलिस की विशेष टीम आरोपी अविनाश शुक्ला को हिरासत में लेकर उनसे लगातार कड़े सवाल-जवाब कर रही है। यह गहन पूछताछ अयोध्या में स्थित एसओजी के मुख्य दफ्तर में भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच की जा रही है। पूछताछ के दौरान एसओजी की टीम यह जानने की कोशिश कर रही है कि इस बड़े गबन में और कौन-कौन से चेहरे शामिल हैं। उम्मीद जताई जा रही है कि आरोपी अविनाश शुक्ला के बयानों से इस चंदा चोरी मामले के कई बड़े राज जल्द ही खुल जाएंगे।





































