रूस के राष्ट्रपति पुतिन और डोनाल्ड ट्रंप के बीच शनिवार को यूक्रेन में चल रहे संघर्ष को लेकर एक बहुत ही महत्वपूर्ण फोन कॉल पर चर्चा हुई। क्रेमलिन ने इस पूरी बातचीत को बेहद “रचनात्मक” करार दिया है और इसकी सफलता की पुष्टि की है। रूस के विदेश मामलों के सलाहकार यूरी उशाकोव के अनुसार, दोनों नेताओं के बीच यह बातचीत लगभग डेढ़ घंटे यानी पूरे 90 मिनट तक चलती रही। विशेष बात यह है कि चालू वर्ष 2026 में इन दोनों बड़े नेताओं के बीच यह चौथी बार फोन पर हुई बातचीत है।
स्टीव विटकोफ और जेरेड कुशनर की भूमिका – इस लंबी बातचीत के दौरान पुतिन ने डोनाल्ड ट्रंप और समस्त अमेरिकी जनता को अमेरिका की आजादी की 250वीं सालगिरह की हार्दिक बधाई भी दी। क्रेमलिन के सलाहकार ने बताया कि ट्रंप ने यूक्रेन में चल रही लड़ाई को जल्द से जल्द खत्म करने की अपनी पुरानी प्रतिबद्धता को एक बार फिर से दोहराया है। संकट के एक शांतिपूर्ण समाधान को खोजने में मदद करने के लिए अमेरिकी पक्ष पूरी तरह से अपनी तत्परता दिखा रहा है। इस कार्य के लिए ट्रंप के खास दूत Steve Witkoff और Jared Kushner अपनी मध्यस्थता की कोशिशें लगातार जारी रखेंगे और वे मॉस्को जाने के लिए भी तैयार हैं।
राजनयिक समाधान को प्राथमिकता – क्रेमलिन के सलाहकार उशाकोव ने स्पष्ट किया कि राष्ट्रपति पुतिन ने एक बार फिर से इस पूरे संघर्ष के केवल एक “राजनयिक समाधान के लिए रूस की प्राथमिकता” पर विशेष रूप से जोर दिया है। हालांकि रूसी नेता ने यह शर्त भी साफ तौर पर सामने रखी है कि यह समाधान तभी संभव है जब रूस के पुराने और जगजाहिर बुनियादी रुख को पूरी तरह से ध्यान में रखा जाए। रूस अपने राष्ट्रीय हितों और सुरक्षा चिंताओं से किसी भी कीमत पर समझौता नहीं करेगा। उन्होंने साफ किया कि बिना इन शर्तों के शांति की कोई भी कोशिश अधूरी ही रहेगी।
यूरोप के युद्ध समर्थक गुट पर आरोप – अपनी बातचीत के दौरान रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने यूक्रेन की सरकार यानी कीव और उसके तमाम यूरोपीय सहयोगियों पर कई गंभीर आरोप भी लगाए। उन्होंने कहा कि ये सभी देश जानबूझकर इस हिंसक संघर्ष को और लंबा खींचने और यहां तक कि इसे और अधिक बढ़ाने पर अपना पूरा दांव लगा रहे हैं। पुतिन ने तर्क दिया कि वर्तमान में “यूरोप का युद्ध-समर्थक गुट” पूरी स्थिति और संपर्क रेखा के जमीनी हालात की एक बेहद गलत समझ पर काम कर रहा है। उनकी यही गलतफहमी इस पूरे इलाके की शांति के लिए सबसे बड़ा खतरा बनी हुई है।
युद्ध के मैदान की असली स्थिति – इसके साथ ही पुतिन ने बातचीत में ट्रंप को “युद्ध के मैदान की असली स्थिति” के बारे में भी बहुत विस्तार से अवगत कराया। उन्होंने दावा किया कि वर्तमान में रूसी सेना पूरे आत्मविश्वास के साथ लगातार आगे की ओर बढ़ रही है। मैदान पर रूसी सैनिक एक के बाद एक नए इलाकों को यूक्रेनी नियंत्रण से पूरी तरह से आजाद करा रहे हैं। क्रेमलिन का मानना है कि सैन्य स्तर पर स्थिति अब पूरी तरह से रूस के नियंत्रण में आ चुकी है और वे अपनी जीत को लेकर पूरी तरह आश्वस्त हैं।
कोस्त्यांतिनिव्का पर कब्जे का दावा – रूसी नेता ने इस चर्चा में खास तौर पर यूक्रेन के सबसे मजबूत गढ़ माने जाने वाले इलाके Kostyantynivka पर अपने कब्जे का प्रमुखता से जिक्र किया। पुतिन ने इस सैन्य सफलता को पूरे Donetsk क्षेत्र की पूर्ण “आजादी” की दिशा में एक बेहद अहम और बड़ा कदम बताया है। हालांकि दूसरी तरफ कीव की सरकार ने कोस्त्यांतिनिव्का पर रूसी सेना के कब्जे के इस बड़े दावे को पूरी तरह से खारिज कर दिया है। दोनों देशों के दावों के बीच इस रणनीतिक क्षेत्र में तनाव और कशमकश लगातार बहुत गंभीर बनी हुई है।





































