लंबे समय के कड़े संघर्ष के बाद अभिनेता दिलजीत दोसांझ की फिल्म आखिरकार दर्शकों के सामने आई थी। करीब तीन साल के लंबे इंतजार के बाद इस बहुचर्चित फिल्म को तीन जुलाई को ओटीटी प्लेटफॉर्म जी5 पर रिलीज किया गया था। निर्देशक हनी तेहरान द्वारा बनाई गई इस फिल्म ने रिलीज होते ही दर्शकों के बीच काफी हल्ला मचाना शुरू कर दिया था। दर्शकों ने इस फिल्म को खूब पसंद किया और इसे आईएमडीबी (IMDB) पर 9.3 की शानदार रेटिंग भी प्राप्त हुई थी। खासकर नब्बे के दशक के काले दौर में अपनों को खोने वाले सिख समुदाय के लोगों को इस कहानी ने काफी भावुक कर दिया।
अचानक ओटीटी प्लेटफॉर्म से हटाई गई फिल्म भारी सफलता और शानदार रेटिंग मिलने के बावजूद दर्शकों को बीते रोज एक बहुत ही हैरान करने वाली खबर सुनने को मिली। रिलीज के कुछ ही दिनों बाद इस चर्चित फिल्म को अचानक ओटीटी प्लेटफॉर्म जी5 से पूरी तरह हटा दिया गया है। ओटीटी प्लेटफॉर्म जी5 ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर एक पोस्ट के माध्यम से फिल्म हटाए जाने की स्पष्ट जानकारी दी। फिल्म को इस तरह अचानक हटाए जाने के फैसले ने सोशल मीडिया पर दर्शकों और फिल्म के फैंस के बीच भारी बहस छेड़ दी है। फिल्म के प्लेटफार्म से हटने के बावजूद इंटरनेट और सोशल मीडिया पर इसकी कहानी और इसके दृश्यों की जमकर चर्चा हो रही है।
अभिनेता दिलजीत दोसांझ की इंस्टाग्राम पोस्ट फिल्म के ओटीटी से हटाए जाने के तुरंत बाद मुख्य अभिनेता दिलजीत दोसांझ ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक पोस्ट साझा किया। इस नई इंस्टाग्राम पोस्ट में उन्होंने फिल्म के मंच से हटने को लेकर सीधे तौर पर अपनी कोई भी आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। अभिनेता ने अपनी पोस्ट में फिल्म सतलुज का एक खास वीडियो क्लिप लगाया है जो अंधेरों में उजाला फैलाने का गहरा संदेश देता है। हालांकि उन्होंने कुछ स्पष्ट नहीं कहा, लेकिन उनके प्रशंसकों ने इस पोस्ट को फिल्म हटाए जाने के खिलाफ उनकी प्रतिक्रिया के रूप में ही माना है। दर्शक उनके इस प्रतीकात्मक संदेश को फिल्म को दबाने की कोशिशों के खिलाफ एक मजबूत और शांत जवाब मान रहे हैं।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ दिलजीत का वीडियो इंस्टाग्राम पोस्ट के साथ-साथ इंटरनेट पर अभिनेता दिलजीत दोसांझ का एक वीडियो भी तेजी से वायरल हो रहा है। इस वायरल वीडियो क्लिप में अभिनेता स्पष्ट रूप से यह कहते हुए दिखाई दे रहे हैं कि फिल्म हट गई है तो उसे हट जाने दो। उन्होंने वीडियो में यह भी दावा किया है कि फिल्म हटने से पहले ही बहुत सारे लोगों ने इसे अपने डिवाइस में डाउनलोड कर लिया है। दिलजीत का मानना है कि असली मकसद सिर्फ जसवंत सिंह खालरा की सच्ची कहानी को दुनिया के सामने लाना था जो अब बाहर आ चुकी है। उन्होंने पूरे विश्वास के साथ कहा कि कहानी अब छिप नहीं सकती और लोग किसी न किसी माध्यम से इस फिल्म को जरूर देख लेंगे।
हरभजन सिंह ने एक्स अकाउंट पर किया रिव्यू इसी बीच भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व खिलाड़ी हरभजन सिंह ने भी इस विवादित फिल्म का रिव्यू अपने एक्स अकाउंट पर शेयर किया है। क्रिकेटर ने सतलुज को एक कमाल की फिल्म बताते हुए जसवंत सिंह खालरा के अदम्य साहस को पूरी तरह से सलाम ठोका है। हरभजन ने लिखा कि जलियांवाला बाग का दर्दनाक हत्याकांड यकीनन औपनिवेशिक शासन के इतिहास की सबसे बड़ी त्रासदियों में से एक है। उन्होंने आगे लिखा कि जसवंत सिंह खालरा की इस कहानी को देखने के बाद उनके मन में एक अलग ही गहरा सवाल पैदा होता है। उन्होंने सवाल उठाया कि बाहरी लोगों के जुल्म से ज्यादा दर्दनाक बात और क्या हो सकती है जब रक्षक ही भक्षक बन जाएं।
सरकारी ताकत के गलत इस्तेमाल पर उठे सवाल हरभजन सिंह ने अपनी पोस्ट में लिखा कि एक पुलिस अफसर का असली फर्ज बेगुनाह लोगों की जान बचाना होता है, न कि ताकत का गलत इस्तेमाल करना। उन्होंने बताया कि खालरा की हिम्मत ने ही लोगों को गायब करने और गुपचुप अंतिम संस्कार करने जैसे कथित गैर-कानूनी कामों के सबूत सामने लाए थे। क्रिकेटर ने दुख जताते हुए लिखा कि सरकारी ताकत के इस तरह के गलत इस्तेमाल से ऐसे गहरे जख्म लग सकते हैं जो पीढ़ियों तक बने रहते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि पंजाब की अनगिनत माताएं और कई पीड़ित परिवार आज भी अपने अपनों के लिए सच्चे इंसाफ का इंतजार कर रहे हैं। अंत में उन्होंने लिखा कि सच को हमेशा के लिए दबाया नहीं जा सकता और इस कहानी को सामने लाने के लिए हनी तेहरान तथा दिलजीत दोसांझ का काम बेहतरीन है।





































