अयोध्या राम मंदिर में हुई दान चोरी के बड़े विवाद के बाद आज सोमवार का दिन बेहद महत्वपूर्ण होने वाला है। आज दोपहर को श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के तमाम बड़े और स्थायी सदस्य एक विशेष बैठक में शामिल होने के लिए एकत्रित हो रहे हैं। इस बैठक के आयोजन की खबर सामने आते ही पूरे देश के लोगों और मीडिया की नजरें इस पर पूरी तरह से टिक गई हैं। मंदिर परिसर में सुरक्षा और पारदर्शिता को लेकर उठे गंभीर सवालों के बीच यह बैठक बुलाई गई है। इस बैठक में लिए जाने वाले निर्णयों से मंदिर के भविष्य की व्यवस्था तय होगी।
छवि को सुधारने की बड़ी चुनौती – राम मंदिर के दान-पात्रों से हुई इस कथित चोरी की घटना ने पूरे देश को पूरी तरह से झकझोर कर रख दिया है। इस पूरे विवाद के कारण न सिर्फ मंदिर प्रशासन बल्कि खुद ट्रस्ट की वैश्विक छवि को भी काफी भारी नुकसान उठाना पड़ा है। देश-विदेश के श्रद्धालुओं के मन में दान व्यवस्था को लेकर तरह-तरह की शंकाएं और सवाल लगातार खड़े हो रहे हैं। यही मुख्य वजह है कि आज होने वाली इस बैठक में ट्रस्ट के सामने अपनी गिरती हुई साख को फिर से बहाल करने और व्यवस्था को पूरी तरह से पारदर्शी बनाने की एक बहुत बड़ी और कड़ी चुनौती मौजूद है।
महासचिव और ट्रस्टी के इस्तीफे पर मंथन – आज की इस महत्वपूर्ण बैठक के मुख्य एजेंडे में दो बड़े प्रशासनिक चेहरों के भविष्य का फैसला होना पूरी तरह से तय है। ट्रस्ट के वर्तमान महासचिव चंपत राय और अहम ट्रस्टी डॉक्टर अनिल मिश्रा ने इस पूरे विवाद के सामने आने के बाद नैतिक आधार पर अपने-अपने पदों से इस्तीफा देने की पेशकश की है। आज दोपहर तीन बजे शुरू होने वाली इस चर्चा में इन दोनों ही वरिष्ठ अधिकारियों के त्यागपत्र को स्वीकार करने या न करने पर बहुत ही बारीकी से मंथन किया जाएगा। इस बड़े निर्णय को लेकर ट्रस्ट के आंतरिक सदस्यों के बीच काफी कशमकश का माहौल बना हुआ है।
पक्ष रखने का मिलेगा पूरा मौका – ट्रस्ट के स्थापित नियमों और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं के अनुसार कोई भी एकतरफा कार्रवाई बिल्कुल नहीं की जाएगी। किसी भी अंतिम और बड़े निर्णय पर पहुंचने से पहले चंपत राय और डॉक्टर अनिल मिश्रा दोनों को ही इस विशेष बैठक के सामने अपनी बात और अपना पक्ष पूरी तरह से रखने का पूरा अवसर दिया जाएगा। वे दोनों इस विवाद को लेकर अपनी सफाई और प्रशासनिक परिस्थितियों के बारे में सभी सदस्यों को विस्तार से अवगत कराएंगे। दोनों अधिकारियों का पक्ष सुनने और उस पर गहन विचार करने के बाद ही ट्रस्ट के अन्य सदस्य कोई न्यायसंगत और ठोस निर्णय लेंगे।
अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास की बड़ी चिट्ठी – इस बेहद महत्वपूर्ण बैठक के शुरू होने से कुछ समय पहले ही ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास ने एक बेहद प्रभावी पत्र जारी किया है। अपने इस पत्र में उन्होंने स्पष्ट शब्दों में लिखा है कि रामलला के पावन मंदिर में हुई इस दान चोरी की घटना से उनके मन को बेहद गहरी ठेस पहुंची है। उन्होंने इस पूरी वारदात को एक अक्षम्य महापाप करार देते हुए इसमें शामिल सभी दोषियों को बेनकाब करने की मांग की है। अध्यक्ष द्वारा लिखे गए इस कड़े पत्र ने आज होने वाली बैठक की गंभीरता और इसके महत्व को कई गुना ज्यादा बढ़ा दिया है।
ट्रस्ट का निर्णय ही होगा सर्वोपरि – इस पूरे मामले में कानून और संस्था के नियमों के मुताबिक श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट द्वारा लिया गया सामूहिक फैसला ही पूरी तरह से अंतिम और सर्वोपरि माना जाएगा। बैठक के दौरान बीते पूरे वित्त वर्ष की ऑडिट रिपोर्ट को भी सभी सदस्यों के सामने बारीकी से जांच के लिए प्रस्तुत किया जाएगा ताकि वित्तीय गड़बड़ियों का पता लगाया जा सके। पूरी दुनिया की निगाहें अब इस बात पर टिकी हैं कि क्या ट्रस्ट इन दोनों बड़े इस्तीफों को पूरी तरह मंजूर करता है या फिर मंदिर प्रबंधन के लिए कोई बिल्कुल नया और चौंकाने वाला रास्ता चुनता है।





































