संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी के साथ किसानों के बीच पहुंचीं एसडीएम, एक-एक खेत की देखी स्थिति
मिहींपुरवा बहराइच। लगातार हो रही भारी बारिश और तेज हवाओं के बीच तहसील प्रशासन पूरी तरह अलर्ट रहा। संभावित आपदा और जलभराव की स्थिति में जनहानि रोकने के लिए उपजिलाधिकारी मिहींपुरवा (मोतीपुर) मोनालिसा जौहरी ने क्षेत्र में लगातार निगरानी बनाए रखी। भारी बारिश और तूफान के बीच उन्होंने स्वयं संवेदनशील क्षेत्रों का भ्रमण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और अधीनस्थ अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। रविवार को एसडीएम मोनालिसा जौहरी किसानों की फसल क्षति का स्थलीय आकलन करने स्वयं खेतों में पहुंचीं। उन्होंने तहसील मिहींपुरवा के ग्राम गायघाट, रायबोझा, पुरैना भवानी भक्श, सर्रामुंद्री और कुड़वा में भारी बारिश से हुए फसल नुकसान का जायजा लिया। उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों में खेत-खेत जाकर फसलों की स्थिति देखी और स्वयं मौके पर नुकसान का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने ग्रामवासियों, ग्राम प्रधानों एवं पंचायत सहायकों से वार्ता कर बारिश से हुए नुकसान की जानकारी ली। साथ मौजूद तहसीलदार और क्षेत्रीय लेखपालों को निर्देशित किया कि प्रत्येक प्रभावित खेत का वास्तविक स्थिति के आधार पर निरीक्षण करते हुए फसल क्षति की निष्पक्ष एवं पारदर्शी आकलन किया जाए। एसडीएम ने अधिकारियों से कहा कि फसल क्षति के आकलन में किसी प्रकार की लापरवाही न हो और प्रभावित किसानों की वास्तविक क्षति रिपोर्ट में दर्ज की जाए। स्थलीय निरीक्षण के उपरांत राजस्व टीम द्वारा तैयार की गई आकलन रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को प्रेषित की जाएगी। लगातार बारिश के दौरान एसडीएम की सक्रियता केवल फसल क्षति के आकलन तक सीमित नहीं रही। संभावित जलभराव, तेज बारिश और अन्य आपदा संबंधी परिस्थितियों को देखते हुए उन्होंने संबंधित अधिकारियों को लगातार सतर्क रहने तथा संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए, ताकि किसी भी विषम परिस्थिति में तत्काल राहत एवं बचाव की कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। मौके पर खेतों में एसडीएम को किसानों के बीच पहुंचकर स्वयं फसल की स्थिति देखते हुए पाया गया। प्रशासनिक अधिकारी के स्तर से खेतों तक पहुंचकर नुकसान का प्रत्यक्ष आकलन किए जाने से किसानों में भी संतोष नजर आया। स्थानीय स्तर पर एसडीएम की इस सक्रिय कार्यशैली और मौके पर पहुंचकर समस्याओं को समझने के प्रयास की सराहना की जा रही है। निरीक्षण के दौरान तहसीलदार, नायब तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक, क्षेत्रीय लेखपाल सहित अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।








































