सतिंदरजीत सिंह उर्फ गोल्डी बराड़ को अमेरिका की संघीय जांच एजेंसी एफबीआई ने अपनी दस सबसे वांछित भगोड़ों की सूची में शामिल कर लिया है। एजेंसी ने गोल्डी बराड़ की गिरफ्तारी में सहायता करने वाली जानकारी के लिए 10 लाख डॉलर तक के इनाम की घोषणा की है, जो करीब 8.3 करोड़ रुपये के बराबर है। गोल्डी पर लॉरेंस बिश्नोई से जुड़े संगठित अपराध समूह का कथित हिस्सा होने और उत्तरी अमेरिका में उसके नेटवर्क को संचालित करने में भूमिका निभाने के आरोप हैं। अमेरिकी जांच के अनुसार वह अमेरिका में रह रहा है और उसे हथियारबंद तथा खतरनाक भगोड़ा माना जाना चाहिए।
अमेरिका और कनाडा में हिंसक गतिविधियों का आरोप: एफबीआई ने गोल्डी बराड़ से जुड़े कथित गिरोह की गतिविधियों को दक्षिणी कैलिफोर्निया तक सीमित नहीं बताया है। जांच एजेंसी के अनुसार यह नेटवर्क अमेरिका और कनाडा के विभिन्न हिस्सों में कथित तौर पर हिंसक गतिविधियों में शामिल रहा है। गोल्डी बराड़ को उत्तरी अमेरिका में इस नेटवर्क का कथित नेतृत्वकर्ता बताया गया है। जांचकर्ताओं का आरोप है कि उसने दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में मौजूद नेटवर्क के सदस्यों और सहयोगियों को निर्देश देने में मदद की। इस तरह अमेरिकी जांच में गोल्डी को भारत से जुड़े अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध नेटवर्क की उत्तरी अमेरिकी गतिविधियों के एक प्रमुख कथित संचालक के रूप में देखा गया है।
गंभीर अपराधों की लंबी सूची: अमेरिकी एजेंसी ने गोल्डी बराड़ पर कई तरह के गंभीर अपराधों में कथित रूप से शामिल होने के आरोप लगाए हैं। इनमें राजनीतिक और धार्मिक हस्तियों की हत्या, गोलीबारी, हत्या, अपहरण, जबरन वसूली और मारपीट जैसे हिंसक अपराध शामिल हैं। इसके अलावा उस पर नशीले पदार्थों और हथियारों की तस्करी से जुड़ी गतिविधियों में कथित संलिप्तता के आरोप भी लगाए गए हैं। एफबीआई की कार्रवाई में इन आरोपों को गंभीरता से लिया गया है और इसी पृष्ठभूमि में गोल्डी बराड़ को अपनी सबसे वांछित भगोड़ों की सूची में रखा गया है।
संघीय अदालत से गिरफ्तारी वारंट: गोल्डी बराड़ के खिलाफ अमेरिकी अदालत से गिरफ्तारी का संघीय वारंट भी जारी हो चुका है। एक जुलाई को कैलिफोर्निया के केंद्रीय जिले की संघीय जिला अदालत ने यह वारंट जारी किया था। उसके खिलाफ संगठित आपराधिक संगठनों से जुड़े कानून के तहत साजिश, जबरन वसूली के माध्यम से कारोबार में हस्तक्षेप करने की साजिश और प्रयास तथा प्रतिबंधित पदार्थों के वितरण और वितरण के इरादे से उन्हें अपने पास रखने की साजिश जैसे आरोप लगाए गए थे। वारंट जारी होने के बाद एफबीआई की मोस्ट वांटेड सूची में उसका नाम शामिल होना अमेरिकी कार्रवाई के अगले बड़े चरण के रूप में सामने आया है।
ऑपरेशन हार्डबॉल से जुड़ी जांच: गोल्डी बराड़ उन भगोड़ों में शामिल था जिनकी पहचान ऑपरेशन हार्डबॉल के दौरान हुई थी। यह भारत स्थित अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध समूहों के खिलाफ कई वर्षों तक चली संघीय जांच थी। जुलाई में अमेरिकी अधिकारियों ने ऐसे तीन संगठित अपराध समूहों से जुड़े 37 आरोपियों के खिलाफ आरोप तय किए जाने की घोषणा की थी। एफबीआई के अनुसार, इस कार्रवाई में एक आरोप-पत्र विशेष रूप से बिश्नोई नेटवर्क पर केंद्रित था। इसमें गोल्डी बराड़ को कथित तौर पर नेटवर्क के प्रमुख लोगों में शामिल बताया गया और जांचकर्ताओं ने आरोप लगाया कि उसने दुनियाभर में नेटवर्क से जुड़े सदस्यों और सहयोगियों को दिशा-निर्देश देने में भूमिका निभाई।
बिश्नोई नेटवर्क से जुड़ाव की जांच: लॉरेंस बिश्नोई फिलहाल भारत की जेल में बंद है, लेकिन उस पर जेल के भीतर से भी एक बड़े आपराधिक नेटवर्क को संचालित करने के आरोप हैं। उसके समूह में सैकड़ों शूटर होने की बात कही जाती है और भारत में कई चर्चित हत्याओं में उसका नाम सामने आया है, जिनमें सिद्धू मूसेवाला और मुंबई के राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी नेता बाबा सिद्दीकी की हत्या प्रमुख है। गोल्डी बराड़ को इसी नेटवर्क से कथित रूप से जोड़ा गया है। इससे पहले गोल्डी बराड़ ने हरदीप निज्जर की हत्या कराने का दावा किए जाने की खबर भी सामने आई थी और उस पर छोटे बच्चों से नशीले पदार्थ बिकवाने का आरोप लगाया था। अब एफबीआई की दस सबसे वांछित भगोड़ों की सूची में शामिल होने और भारी इनामी राशि घोषित होने से उसकी तलाश अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और महत्वपूर्ण हो गई है।














































