1 अक्टूबर को आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि और गुरुवार का दिन है। आज पंचमी तिथि दोपहर 12:35 बजे तक रहेगी, इसके बाद षष्ठी तिथि प्रारंभ हो जाएगी। पितृपक्ष के दौरान आज पंचमी और षष्ठी तिथि में दिवंगत हुए पूर्वजों का श्राद्ध किया जाएगा। दिन में सिद्धि योग का संयोग रहेगा, जबकि रोहिणी नक्षत्र अगले दिन तड़के 04:27 बजे तक रहेगा। इसके साथ ही आज चन्द्रषष्ठी व्रत भी रखा जाएगा। जानिए गुरुवार का पंचांग, शुभ-अशुभ मुहूर्त, राहुकाल, चौघड़िया और सूर्योदय-सूर्यास्त का समय।
प्रमुख पंचांग विवरण
वार: गुरुवार
विक्रम संवत: 2083 (सिद्धार्थी संवत्सर)
शक संवत: 1948
मास: आश्विन मास, कृष्ण पक्ष
तिथि: पंचमी तिथि दोपहर 12:35 बजे तक, इसके बाद षष्ठी तिथि
नक्षत्र: रोहिणी नक्षत्र अगले दिन तड़के 04:27 बजे तक, इसके बाद मृगशिरा
योग: सिद्धि योग रात्रि 09:18 बजे तक, इसके बाद व्यतीपात योग
सूर्य राशि: कन्या राशि
चंद्र राशि: वृषभ राशि
शुभ मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त: 04:37 ए एम से 05:26 ए एम
प्रातः सन्ध्या: 05:01 ए एम से 06:14 ए एम
अभिजित मुहूर्त: 11:47 ए एम से 12:34 पी एम
विजय मुहूर्त: 02:09 पी एम से 02:57 पी एम
गोधूलि मुहूर्त: 06:07 पी एम से 06:31 पी एम
सायाह्न सन्ध्या: 06:07 पी एम से 07:20 पी एम
अमृत काल: 01:28 ए एम से 02:57 ए एम, 2 अक्टूबर
कुतुप मुहूर्त: 11:47 ए एम से 12:34 पी एम
रौहिण मुहूर्त: 12:34 पी एम से 01:22 पी एम
अपराह्न काल: 01:22 पी एम से 03:45 पी एम
अशुभ मुहूर्त
राहुकाल: दिल्ली मानक समय के अनुसार दोपहर 01:40 पी एम से 03:09 पी एम तक
यमगण्ड: प्रातः 06:14 ए एम से 07:43 ए एम तक
गुलिक काल: प्रातः 09:12 ए एम से 10:41 ए एम तक
दुर्मुहूर्त: दोपहर 11:47 ए एम से 12:35 पी एम तक
वर्ज्यम्: सायं 06:49 पी एम से रात्रि 08:19 पी एम तक
दिशाशूल: दक्षिण दिशा
सूर्य और चंद्रमा के उदय-अस्त का समय
सूर्योदय: प्रातः 06:14 बजे
सूर्यास्त: सायं 06:07 बजे
चन्द्रोदय: रात्रि 09:24 बजे
चन्द्रास्त: 2 अक्टूबर को सुबह 10:57 बजे
दिन की चौघड़िया
शुभ: सुबह 06:14 से 07:43 बजे तक
रोग: सुबह 07:43 से 09:12 बजे तक
उद्वेग: सुबह 09:12 से 10:41 बजे तक
चर: सुबह 10:41 से 12:10 बजे तक
लाभ: दोपहर 12:10 से 01:40 बजे तक
अमृत: दोपहर 01:40 से 03:09 बजे तक
काल: दोपहर 03:09 से 04:38 बजे तक
शुभ: शाम 04:38 से 06:07 बजे तक
रात्रि की चौघड़िया
अमृत: शाम 06:07 से 07:38 बजे तक
चर: रात 07:38 से 09:08 बजे तक
रोग: रात 09:08 से 10:38 बजे तक
काल: रात 10:38 से 12:08 बजे तक
लाभ: 2 अक्टूबर को रात 12:08 से 01:38 बजे तक
उद्वेग: 2 अक्टूबर को रात 01:38 से 03:08 बजे तक
शुभ: 2 अक्टूबर को सुबह 03:08 से 04:38 बजे तक
अमृत: 2 अक्टूबर को सुबह 04:38 से 06:14 बजे तक
राज्यवार राहुकाल
| क्रमांक | राज्य / केंद्रशासित प्रदेश | राजधानी / प्रमुख शहर | राहुकाल समय (01.10.2026) |
|---|---|---|---|
| 1 | उत्तर प्रदेश | लखनऊ | दोपहर 01:25 पी एम से 02:54 पी एम |
| 2 | दिल्ली (केंद्र शासित) | नई दिल्ली | दोपहर 01:40 पी एम से 03:09 पी एम |
| 3 | जम्मू और कश्मीर (केंद्र शासित) | श्रीनगर / जम्मू | दोपहर 01:47 पी एम से 03:15 पी एम |
| 4 | आंध्र प्रदेश | अमरावती | दोपहर 01:28 पी एम से 02:57 पी एम |
| 5 | अरुणाचल प्रदेश | ईटानगर | दोपहर 12:29 पी एम से 01:58 पी एम |
| 6 | असम | दिसपुर | दोपहर 12:40 पी एम से 02:09 पी एम |
| 7 | बिहार | पटना | दोपहर 01:10 पी एम से 02:39 पी एम |
| 8 | छत्तीसगढ़ | रायपुर | दोपहर 01:28 पी एम से 02:57 पी एम |
| 9 | गोवा | पणजी | दोपहर 01:48 पी एम से 03:18 पी एम |
| 10 | गुजरात | गांधीनगर | दोपहर 02:01 पी एम से 03:30 पी एम |
| 11 | हरियाणा | चंडीगढ़ | दोपहर 01:42 पी एम से 03:11 पी एम |
| 12 | हिमाचल प्रदेश | शिमला | दोपहर 01:41 पी एम से 03:10 पी एम |
| 13 | झारखंड | रांची | दोपहर 01:13 पी एम से 02:42 पी एम |
| 14 | कर्नाटक | बेंगलुरु | दोपहर 01:38 पी एम से 03:08 पी एम |
| 15 | केरल | तिरुवनंतपुरम | दोपहर 01:40 पी एम से 03:10 पी एम |
| 16 | मध्य प्रदेश | भोपाल | दोपहर 01:43 पी एम से 03:12 पी एम |
| 17 | महाराष्ट्र | मुंबई | दोपहर 01:56 पी एम से 03:26 पी एम |
| 18 | मणिपुर | इम्फाल | दोपहर 12:28 पी एम से 01:57 पी एम |
| 19 | मेघालय | शिलांग | दोपहर 12:41 पी एम से 02:10 पी एम |
| 20 | मिजोरम | आइजोल | दोपहर 12:31 पी एम से 02:00 पी एम |
| 21 | नागालैंड | कोहिमा | दोपहर 12:27 पी एम से 01:56 पी एम |
| 22 | ओडिशा | भुवनेश्वर | दोपहर 01:12 पी एम से 02:41 पी एम |
| 23 | पंजाब | चंडीगढ़ | दोपहर 01:43 पी एम से 03:12 पी एम |
| 24 | राजस्थान | जयपुर | दोपहर 01:50 पी एम से 03:19 पी एम |
| 25 | सिक्किम | गंगटोक | दोपहर 12:56 पी एम से 02:25 पी एम |
| 26 | तमिलनाडु | चेन्नई | दोपहर 01:28 पी एम से 02:58 पी एम |
| 27 | तेलंगाना | हैदराबाद | दोपहर 01:33 पी एम से 03:02 पी एम |
| 28 | त्रिपुरा | अगरतला | दोपहर 12:35 पी एम से 02:04 पी एम |
| 29 | उत्तराखंड | देहरादून | दोपहर 01:39 पी एम से 03:08 पी एम |
| 30 | पश्चिम बंगाल | कोलकाता | दोपहर 12:58 पी एम से 02:27 पी एम |
पंचमी-षष्ठी श्राद्ध और चन्द्रषष्ठी व्रत: पितृपक्ष में आज पंचमी तिथि और इसके बाद शुरू होने वाली षष्ठी तिथि में दिवंगत हुए पूर्वजों का श्राद्ध किया जाएगा। मान्यता के अनुसार संबंधित तिथि पर विधि-विधान से श्राद्ध करने से पितरों का आशीर्वाद प्राप्त होता है। इसके साथ ही आज चन्द्रषष्ठी व्रत भी रखा जाएगा। मान्यता है कि इस व्रत में कन्याएं अच्छे पति और सुखी एवं समृद्ध वैवाहिक जीवन की कामना से उपवास करती हैं। व्रत के दौरान चंद्र देव की पूजा की जाती है और रात में चंद्रोदय के समय चंद्रमा को अर्घ्य देकर व्रत का पारण किया जाता है।











































