5 अक्टूबर 2026 को आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की दशमी तिथि रहेगी और दिन सोमवार होगा। दशमी तिथि का प्रभाव देर रात 2 बजकर 7 मिनट तक बना रहेगा, जिसके बाद एकादशी तिथि प्रारंभ हो जाएगी। पितृ पक्ष के इस दिन दशमी तिथि से संबंधित पितरों के लिए श्राद्ध कर्म किया जाएगा। धार्मिक दृष्टि से सोमवार का दिन भी विशेष है, क्योंकि सुबह 9 बजकर 51 मिनट तक शिव योग रहेगा और उसके बाद सिद्ध योग का आरंभ होगा। वहीं पुष्य नक्षत्र रात 11 बजकर 9 मिनट तक रहने के बाद आश्लेषा नक्षत्र में परिवर्तित हो जाएगा। इसके अलावा सुबह 6 बजकर 16 मिनट से रात 11 बजकर 9 मिनट तक सर्वार्थ सिद्धि योग रहेगा। ऐसे में आज के पंचांग में श्राद्ध कर्म के साथ शुभ कार्यों के लिए उपलब्ध मुहूर्त, राहुकाल, चौघड़िया और ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति महत्वपूर्ण रहेगी।
मुख्य पंचांग विवरण
वार: सोमवार
विक्रम संवत: 2083 (सिद्धार्थी)
शक संवत: 1948 (पराभव)
अयन: दक्षिणायन
ऋतु: शरद ऋतु
मास: आश्विन मास
पक्ष: कृष्ण पक्ष
तिथि: दशमी तिथि रात्रि 02:07 बजे तक, इसके बाद एकादशी
नक्षत्र: पुष्य नक्षत्र रात्रि 11:09 बजे तक, तत्पश्चात आश्लेषा
योग: शिव योग सुबह 09:51 बजे तक, इसके बाद सिद्ध योग
सूर्य राशि: कन्या राशि में
चन्द्र राशि: कर्क राशि में
शुभ मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त: 04:38 ए एम से 05:27 ए एम
प्रातः संध्या: 05:03 ए एम से 06:16 ए एम
अभिजित मुहूर्त: 11:46 ए एम से 12:33 पी एम
विजय मुहूर्त: 02:07 पी एम से 02:54 पी एम
गोधूलि मुहूर्त: 06:03 पी एम से 06:27 पी एम
सायाह्न संध्या: 06:03 पी एम से 07:16 पी एम
अमृत काल: 05:02 पी एम से 06:34 पी एम
निशिता मुहूर्त: 11:45 पी एम से 12:34 ए एम, 6 अक्टूबर
सर्वार्थ सिद्धि योग: 06:16 ए एम से 11:09 पी एम
अशुभ मुहूर्त
राहुकाल: सुबह 07:44 ए एम से 09:13 ए एम
यमगण्ड काल: सुबह 10:41 ए एम से दोपहर 12:09 पी एम
गुलिक काल: दोपहर 01:38 पी एम से 03:06 पी एम
भद्रा (विष्टि करण): दोपहर 03:01 पी एम से रात्रि 02:07 ए एम, अगले दिन
दिशाशूल: पूर्व दिशा
दिशाशूल उपाय: पूर्व दिशा में यात्रा आवश्यक होने पर दर्पण देखकर या दूध पीकर प्रस्थान करने की मान्यता है।
सूर्योदय, सूर्यास्त और चन्द्रोदय-चन्द्रास्त
सूर्योदय: सुबह 06:16 ए एम
सूर्यास्त: शाम 06:03 पी एम
चन्द्रोदय: दोपहर बाद 01:47 ए एम, 6 अक्टूबर की सुबह
चन्द्रास्त: दोपहर 02:43 पी एम, अगले दिन
दिन की चौघड़िया
अमृत: सुबह 06:16 ए एम से 07:44 ए एम
काल: सुबह 07:44 ए एम से 09:13 ए एम
शुभ: सुबह 09:13 ए एम से 10:41 ए एम
रोग: सुबह 10:41 ए एम से 12:09 पी एम
उद्वेग: दोपहर 12:09 पी एम से 01:38 पी एम
चर: दोपहर 01:38 पी एम से 03:06 पी एम
लाभ: दोपहर 03:06 पी एम से 04:34 पी एम
अमृत: शाम 04:34 पी एम से 06:03 पी एम
रात्रि की चौघड़िया
चर: शाम 06:03 पी एम से 07:35 पी एम
रोग: रात्रि 07:35 पी एम से 09:06 पी एम
काल: रात्रि 09:06 पी एम से 10:38 पी एम
लाभ: रात्रि 10:38 पी एम से 12:09 ए एम
उद्वेग: मध्यरात्रि 12:09 ए एम से 01:41 ए एम
शुभ: रात 01:41 ए एम से 03:13 ए एम
अमृत: रात 03:13 ए एम से 04:45 ए एम
चर: सुबह 04:45 ए एम से 06:17 ए एम
राज्यवार राहुकाल
| क्रमांक | राज्य / केंद्रशासित प्रदेश | राजधानी / प्रमुख शहर | राहुकाल समय 05.10.2026 |
|---|---|---|---|
| 1 | उत्तर प्रदेश | लखनऊ | सुबह 07:40 ए एम से 09:08 ए एम |
| 2 | दिल्ली (एनसीटी) | नई दिल्ली | सुबह 07:44 ए एम से 09:13 ए एम |
| 3 | जम्मू और कश्मीर | श्रीनगर / जम्मू | सुबह 07:51 ए एम से 09:19 ए एम |
| 4 | आंध्र प्रदेश | अमरावती | सुबह 07:41 ए एम से 09:10 ए एम |
| 5 | अरुणाचल प्रदेश | ईटानगर | सुबह 06:54 ए एम से 08:22 ए एम |
| 6 | असम | दिसपुर / गुवाहाटी | सुबह 07:03 ए एम से 08:31 ए एम |
| 7 | बिहार | पटना | सुबह 07:22 ए एम से 08:50 ए एम |
| 8 | छत्तीसगढ़ | रायपुर | सुबह 07:37 ए एम से 09:06 ए एम |
| 9 | गोवा | पणजी | सुबह 08:04 ए एम से 09:34 ए एम |
| 10 | गुजरात | गांधीनगर | सुबह 08:07 ए एम से 09:37 ए एम |
| 11 | हरियाणा | चंडीगढ़ | सुबह 07:47 ए एम से 09:16 ए एम |
| 12 | हिमाचल प्रदेश | शिमला | सुबह 07:46 ए एम से 09:15 ए एम |
| 13 | झारखंड | रांची | सुबह 07:24 ए एम से 08:53 ए एम |
| 14 | कर्नाटक | बंगलुरु | सुबह 07:52 ए एम से 09:21 ए एम |
| 15 | केरल | तिरुवनंतपुरम | सुबह 07:55 ए एम से 09:24 ए एम |
| 16 | मध्य प्रदेश | भोपाल | सुबह 07:51 ए एम से 09:20 ए एम |
| 17 | महाराष्ट्र | मुंबई | सुबह 08:06 ए एम से 09:36 ए एम |
| 18 | मणिपुर | इम्फाल | सुबह 06:53 ए एम से 08:21 ए एम |
| 19 | मेघालय | शिलांग | सुबह 07:01 ए एम से 08:29 ए एम |
| 20 | मिजोरम | आइजोल | सुबह 06:55 ए एम से 08:23 ए एम |
| 21 | नागालैंड | कोहिमा | सुबह 06:52 ए एम से 08:20 ए एम |
| 22 | ओडिशा | भुवनेश्वर | सुबह 07:21 ए एम से 08:50 ए एम |
| 23 | पंजाब | चंडीगढ़ | सुबह 07:47 ए एम से 09:16 ए एम |
| 24 | राजस्थान | जयपुर | सुबह 07:54 ए एम से 09:23 ए एम |
| 25 | सिक्किम | गंगटोक | सुबह 07:11 ए एम से 08:39 ए एम |
| 26 | तमिलनाडु | चेन्नई | सुबह 07:42 ए एम से 09:11 ए एम |
| 27 | तेलंगाना | हैदराबाद | सुबह 07:45 ए एम से 09:14 ए एम |
| 28 | त्रिपुरा | अगरतला | सुबह 06:59 ए एम से 08:27 ए एम |
| 29 | उत्तराखंड | देहरादून | सुबह 07:43 ए एम से 09:11 ए एम |
| 30 | पश्चिम बंगाल | कोलकाता | सुबह 07:12 ए एम से 08:41 ए एम |
5 अक्टूबर 2026 दशमी तिथि श्राद्ध मुहूर्त
कुतुप मुहूर्त: 11:46 ए एम से 12:33 पी एम
रौहिण मुहूर्त: 12:33 पी एम से 01:20 पी एम
अपराह्न काल: 01:20 पी एम से 03:41 पी एम
दशमी तिथि श्राद्ध
पितृ पक्ष में 5 अक्टूबर को दशमी तिथि का श्राद्ध किया जाएगा। यह कर्म उन पूर्वजों के लिए किया जाता है जिनका निधन किसी भी माह के शुक्ल या कृष्ण पक्ष की दशमी तिथि को हुआ हो। मान्यता है कि इस तिथि पर श्रद्धा और विधि-विधान से पितरों का तर्पण व श्राद्ध करने से उनका आशीर्वाद परिवार को प्राप्त होता है। धार्मिक विश्वास के अनुसार दशमी श्राद्ध करने वाले व्यक्ति के घर में धन-धान्य और समृद्धि का अभाव नहीं रहता तथा लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है।
















































