गायक दलेर मेहंदी और उत्तराखंड के मंत्री सुबोध उनियाल के बीच शुरू हुआ विवाद अब और गहराता जा रहा है। इस मामले में दलेर मेहंदी के भाई और गायक मीका सिंह ने एक बार फिर अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से हस्तक्षेप करने की अपील की है। मीका चाहते हैं कि मुख्यमंत्री मंत्री सुबोध उनियाल से दलेर मेहंदी के सामने की गई टिप्पणी पर स्पष्टीकरण देने और सार्वजनिक रूप से माफी मांगने को कहें। उनकी मांग है कि मंत्री एक छोटा-सा वीडियो जारी करके अपने बयान की सफाई दें और यह स्वीकार करें कि प्रस्तुति के दौरान दलेर मेहंदी के नशे में होने की बात कहना अनुचित था। मीका ने मुख्यमंत्री के प्रति सम्मान जताते हुए स्पष्ट किया कि वह इस विवाद को लंबा खींचने के बजाय सम्मानजनक तरीके से समाप्त करना चाहते हैं।
मुख्यमंत्री धामी के प्रति जताया सम्मान: मीका सिंह ने सामाजिक माध्यम एक्स पर एक पोस्ट साझा करके मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के साथ हुई बातचीत का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने स्वयं उन्हें फोन किया था और दलेर मेहंदी से जुड़े विवाद पर चर्चा की थी। मीका ने धामी की इस पहल की सराहना करते हुए उन्हें विनम्र और जमीन से जुड़ा व्यक्ति बताया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के प्रति उनके मन में बहुत सम्मान है और वह उनकी पहल की सच्चे दिल से सराहना करते हैं। मीका ने अपने संदेश में यह भी स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री के प्रति सम्मान बनाए रखते हुए वह अपनी मांग रखना चाहते हैं। उनके मुताबिक, विवाद को सुलझाने के लिए मंत्री की ओर से एक छोटा-सा सार्वजनिक संदेश पर्याप्त कदम साबित हो सकता है, जिससे दलेर मेहंदी की प्रतिष्ठा को लेकर उठे सवालों का समाधान हो सके।
वीडियो जारी कर माफी मांगने की मांग: मीका सिंह ने अपनी पोस्ट में मुख्यमंत्री से विनम्र आग्रह किया कि वह सुबोध उनियाल से एक वीडियो जारी करने को कहें, जिसमें मंत्री अपने बयान पर सफाई दें और दलेर मेहंदी से माफी मांगें। मीका का कहना है कि गलतफहमियां किसी भी परिस्थिति में पैदा हो सकती हैं, लेकिन उन्हें शालीनता और आपसी संवाद के जरिए दूर किया जाना चाहिए। उन्होंने उम्मीद जताई कि मंत्री का यह छोटा-सा कदम विवाद को समाप्त करने में मदद करेगा और दलेर मेहंदी की गरिमा तथा प्रतिष्ठा का सम्मान सुनिश्चित करेगा। मीका ने मुख्यमंत्री के नेतृत्व और समझ पर भरोसा जताते हुए कहा कि वह इस मामले का समाधान चाहते हैं। उनकी मांग केवल स्पष्टीकरण तक सीमित नहीं है, बल्कि वह चाहते हैं कि प्रस्तुति के दौरान दलेर मेहंदी के नशे में होने संबंधी टिप्पणी के लिए मंत्री सार्वजनिक रूप से खेद भी व्यक्त करें।
नवरात्रि के कार्यक्रम से शुरू हुआ विवाद: दलेर मेहंदी और सुबोध उनियाल के बीच विवाद की शुरुआत उत्तराखंड में नवरात्रि के दौरान आयोजित एक कार्यक्रम से हुई थी, जहां दलेर मेहंदी ने प्रस्तुति दी थी। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, कार्यक्रम के दौरान गायक की तबीयत ठीक नहीं थी। इसी बीच मंत्री सुबोध उनियाल की ओर से उनके नशे में प्रस्तुति देने संबंधी टिप्पणी की गई, जिसके बाद मामला विवाद में बदल गया। इस टिप्पणी को लेकर लोगों ने सामाजिक माध्यमों पर भी नाराजगी जाहिर की। दलेर मेहंदी के बारे में की गई बात पर उनके भाई मीका सिंह ने कड़ा रुख अपनाया और मंत्री से जवाब मांगा। मीका लगातार यह मांग उठा रहे हैं कि मंत्री अपने बयान की जिम्मेदारी लेते हुए स्थिति स्पष्ट करें और दलेर मेहंदी के सम्मान को ध्यान में रखते हुए उनसे माफी मांगें।
विवाद सुलझाने के लिए संवाद पर जोर: मामला बढ़ने के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मीका सिंह से बातचीत करके इसे आपसी संवाद के जरिए सुलझाने की पहल की थी। अब मीका ने मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए अपनी मांग फिर दोहराई है। उनके रुख से संकेत मिलता है कि वह विवाद को और बढ़ाने के बजाय ऐसा समाधान चाहते हैं, जिसमें दलेर मेहंदी की गरिमा का सम्मान हो और मंत्री की टिप्पणी को लेकर स्थिति स्पष्ट हो जाए। मीका ने मुख्यमंत्री से सीधे मंत्री को वीडियो जारी करने और माफी मांगने के लिए कहने का अनुरोध किया है। इस पूरे घटनाक्रम में मुख्यमंत्री की पहल को मीका ने सकारात्मक कदम बताया है, लेकिन उनकी मांग है कि विवाद का समाधान केवल बातचीत तक सीमित न रहे, बल्कि मंत्री की ओर से सार्वजनिक रूप से स्पष्टीकरण भी सामने आए।
अब मंत्री के अगले कदम पर टिकी नजरें: मीका सिंह की अपील के बाद अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि सुबोध उनियाल इस विवाद पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं और क्या वह वीडियो जारी करके अपने बयान पर सफाई देते हुए दलेर मेहंदी से माफी मांगते हैं। फिलहाल मीका ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के प्रति सम्मान बनाए रखते हुए अपनी बात स्पष्ट रूप से रखी है। वह चाहते हैं कि मामले का अंत आपसी सम्मान और शालीनता के साथ हो, ताकि दलेर मेहंदी की प्रतिष्ठा को लेकर पैदा हुआ विवाद खत्म किया जा सके। मुख्यमंत्री पहले ही मीका से बातचीत कर चुके हैं, ऐसे में आगे की कार्रवाई और मंत्री की प्रतिक्रिया पर सबकी नजर रहेगी। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में मंत्री की ओर से इस मांग पर कोई नई प्रतिक्रिया सामने आने का उल्लेख नहीं है।













































