24 अक्टूबर 2026, शनिवार को आश्विन शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि है। इस दिन उत्तराभाद्रपद नक्षत्र और पंचक का संयोग रहेगा। त्रयोदशी तिथि दोपहर 1 बजकर 37 मिनट तक रहेगी, इसके बाद चतुर्दशी तिथि आरंभ हो जाएगी। उत्तराभाद्रपद नक्षत्र रात 8 बजकर 32 मिनट तक रहेगा, फिर रेवती नक्षत्र लग जाएगा। इस दिन दोपहर 12 बजकर 42 मिनट पर बुध वक्री अवस्था में तुला राशि में प्रवेश करेंगे। ग्रहों की इस स्थिति के साथ दिनभर के शुभ-अशुभ समय, चौघड़िया, दिशाशूल और अलग-अलग राज्यों की राजधानियों में राहुकाल का समय जानना उपयोगी रहेगा।
मुख्य पंचांग विवरण
दिन: शनिवार
विक्रम संवत: 2083, सिद्धार्थी
शक संवत: 1948, पराभव
अयन: दक्षिणायन
ऋतु: हेमंत ऋतु
संक्रांति: उपलब्ध विवरण में उल्लेख नहीं
मास: आश्विन मास
पक्ष: शुक्ल पक्ष
तिथि: त्रयोदशी दोपहर 1 बजकर 37 मिनट तक, इसके बाद चतुर्दशी
नक्षत्र: उत्तराभाद्रपद रात 8 बजकर 32 मिनट तक, इसके बाद रेवती
योग: व्याघात रात 8 बजकर 1 मिनट तक, इसके बाद हर्षण
सूर्य राशि: तुला
चंद्र राशि: मीन
शुभ मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4:46 बजे से सुबह 5:36 बजे तक
प्रातः संध्या: सुबह 5:11 बजे से सुबह 6:27 बजे तक
अभिजित मुहूर्त: सुबह 11:43 बजे से दोपहर 12:28 बजे तक
विजय मुहूर्त: दोपहर 1:58 बजे से दोपहर 2:43 बजे तक
अमृत काल: दोपहर 3:50 बजे से शाम 5:24 बजे तक
गोधूलि मुहूर्त: शाम 5:43 बजे से शाम 6:08 बजे तक
सायाह्न संध्या: शाम 5:43 बजे से शाम 6:59 बजे तक
निशिता मुहूर्त: रात 11:40 बजे से 25 अक्टूबर की रात 12:31 बजे तक
अशुभ मुहूर्त
राहुकाल (दिल्ली): सुबह 9:16 बजे से सुबह 10:41 बजे तक
यमगण्ड काल: दोपहर 1:30 बजे से दोपहर 2:54 बजे तक
गुलिक काल: सुबह 6:27 बजे से सुबह 7:52 बजे तक
पंचक: पूरे दिन
दिशाशूल: पूर्व दिशा यात्रा पर जाने से पहले अदरक या उड़द की दाल खाकर निकलें।
सूर्योदय-सूर्यास्त और चंद्रमा का समय
सूर्योदय: सुबह 6:27 बजे
सूर्यास्त: शाम 5:43 बजे
चन्द्रोदय: रात 8:26 बजे
चन्द्रास्त: 25 अक्टूबर को सुबह 6:30 बजे
दिन की चौघड़िया
| क्रमांक | चौघड़िया | शुभ-अशुभ स्थिति | समय |
|---|---|---|---|
| 1 | काल | अशुभ | सुबह 6:27 से 7:51 बजे तक |
| 2 | शुभ | शुभ | सुबह 7:51 से 9:16 बजे तक |
| 3 | रोग | अशुभ | सुबह 9:16 से 10:40 बजे तक |
| 4 | उद्वेग | अशुभ | सुबह 10:40 से दोपहर 12:05 बजे तक |
| 5 | चर | सामान्य | दोपहर 12:05 से 1:29 बजे तक |
| 6 | लाभ | शुभ | दोपहर 1:29 से 2:54 बजे तक |
| 7 | अमृत | सर्वोत्तम | दोपहर 2:54 से शाम 4:19 बजे तक |
| 8 | काल | अशुभ | शाम 4:19 से 5:43 बजे तक |
रात्रि की चौघड़िया
| क्रमांक | चौघड़िया | शुभ-अशुभ स्थिति | समय |
|---|---|---|---|
| 1 | लाभ | शुभ | शाम 5:43 से 7:19 बजे तक |
| 2 | उद्वेग | अशुभ | शाम 7:19 से 8:54 बजे तक |
| 3 | शुभ | शुभ | रात 8:54 से 10:30 बजे तक |
| 4 | अमृत | सर्वोत्तम | रात 10:30 से 25 अक्टूबर को रात 12:05 बजे तक |
| 5 | चर | सामान्य | 25 अक्टूबर को रात 12:05 से 1:41 बजे तक |
| 6 | रोग | अशुभ | 25 अक्टूबर को रात 1:41 से 3:16 बजे तक |
| 7 | काल | अशुभ | 25 अक्टूबर को रात 3:16 से 4:52 बजे तक |
| 8 | लाभ | शुभ | 25 अक्टूबर को सुबह 4:52 से 6:27 बजे तक |
राज्यवार राहुकाल
नीचे 24 अक्टूबर 2026 के लिए विभिन्न राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों की राजधानियों में राहुकाल का समय दिया गया है। स्थानीय सूर्योदय और सूर्यास्त के कारण समय में कुछ मिनटों का अंतर हो सकता है।
| क्रमांक | राज्य/केंद्रशासित प्रदेश | राजधानी | राहुकाल समय |
|---|---|---|---|
| 1 | उत्तर प्रदेश | लखनऊ | सुबह 9:02 से 10:27 बजे तक |
| 2 | जम्मू और कश्मीर (केंद्रशासित प्रदेश) | श्रीनगर | सुबह 9:24 से 10:47 बजे तक |
| 3 | दिल्ली (राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र) | नई दिल्ली | सुबह 9:16 से 10:41 बजे तक |
| 4 | आंध्र प्रदेश | अमरावती | सुबह 8:54 से 10:22 बजे तक |
| 5 | अरुणाचल प्रदेश | ईटानगर | सुबह 7:56 से 9:21 बजे तक |
| 6 | असम | दिसपुर | सुबह 8:04 से 9:29 बजे तक |
| 7 | बिहार | पटना | सुबह 8:44 से 10:09 बजे तक |
| 8 | छत्तीसगढ़ | रायपुर | सुबह 8:54 से 10:20 बजे तक |
| 9 | गोवा | पणजी | सुबह 9:16 से 10:44 बजे तक |
| 10 | गुजरात | गांधीनगर | सुबह 9:34 से 11:00 बजे तक |
| 11 | हरियाणा | चंडीगढ़ | सुबह 9:18 से 10:43 बजे तक |
| 12 | हिमाचल प्रदेश | शिमला | सुबह 9:18 से 10:42 बजे तक |
| 13 | झारखंड | रांची | सुबह 8:45 से 10:10 बजे तक |
| 14 | कर्नाटक | बेंगलुरु | सुबह 9:03 से 10:32 बजे तक |
| 15 | केरल | तिरुवनंतपुरम | सुबह 9:02 से 10:32 बजे तक |
| 16 | मध्य प्रदेश | भोपाल | सुबह 9:15 से 10:41 बजे तक |
| 17 | महाराष्ट्र | मुंबई | सुबह 9:26 से 10:53 बजे तक |
| 18 | मणिपुर | इंफाल | सुबह 7:53 से 9:18 बजे तक |
| 19 | मेघालय | शिलांग | सुबह 8:03 से 9:28 बजे तक |
| 20 | मिजोरम | आइजोल | सुबह 7:55 से 9:20 बजे तक |
| 21 | नागालैंड | कोहिमा | सुबह 7:51 से 9:16 बजे तक |
| 22 | ओडिशा | भुवनेश्वर | सुबह 8:41 से 10:06 बजे तक |
| 23 | पंजाब | चंडीगढ़ | सुबह 9:18 से 10:43 बजे तक |
| 24 | राजस्थान | जयपुर | सुबह 9:25 से 10:51 बजे तक |
| 25 | सिक्किम | गंगटोक | सुबह 8:24 से 9:49 बजे तक |
| 26 | तमिलनाडु | चेन्नई | सुबह 8:52 से 10:21 बजे तक |
| 27 | तेलंगाना | हैदराबाद | सुबह 8:57 से 10:24 बजे तक |
| 28 | त्रिपुरा | अगरतला | सुबह 8:00 से 9:25 बजे तक |
| 29 | उत्तराखंड | देहरादून | सुबह 9:14 से 10:38 बजे तक |
| 30 | पश्चिम बंगाल | कोलकाता | सुबह 8:31 से 9:56 बजे तक |
बुध का वक्री गोचर
24 अक्टूबर 2026 को दोपहर 12 बजकर 42 मिनट पर बुध वक्री अवस्था में तुला राशि में प्रवेश करेंगे। इस अवस्था में बुध 13 नवंबर 2026 की रात 9 बजकर 23 मिनट तक रहेंगे। ज्योतिष में बुध को बुद्धि, वाणी, तर्कशक्ति, व्यापार और संचार का कारक ग्रह माना जाता है। इसलिए बुध की वक्री चाल को इन क्षेत्रों से जुड़े मामलों के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जाता है।
खगोलीय दृष्टि से ग्रहों की वक्री गति एक आभासी घटना है। पृथ्वी और दूसरे ग्रह सूर्य की परिक्रमा अलग-अलग गति तथा कक्षाओं में करते हैं। पृथ्वी की स्थिति और गति के कारण कभी-कभी कोई ग्रह आकाश में पीछे की ओर चलता हुआ दिखाई देता है। इसी दिखाई देने वाली गति को वक्री और सामान्य दिशा में आगे बढ़ते हुए दिखाई देने को मार्गी कहा जाता है।
ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, बुध का संबंध जन्मपत्रिका में व्यापार, संवाद, लेखन, गणना और बौद्धिक कार्यों से होता है। बुध के वक्री गोचर के दौरान इन विषयों की समीक्षा करने, पुराने कार्यों को व्यवस्थित करने और जरूरी दस्तावेजों की दोबारा जांच करने पर विशेष ध्यान दिया जाता है।
















































