न्यूजीलैंड-ए के खिलाफ लिंकन में खेले जा रहे चार दिवसीय मुकाबले में भारतीय ए टीम की बल्लेबाजी लगातार दबाव में नजर आई। केएल राहुल और यशस्वी जायसवाल दोनों पारियों में बड़ी पारी खेलने में नाकाम रहे, जिससे टीम की स्थिति कमजोर हो गई। न्यूजीलैंड-ए ने पहली पारी में 317 रन बनाए थे, जिसके जवाब में इंडिया-ए की पूरी टीम महज 113 रन पर सिमट गई और मेजबान टीम को 204 रन की बड़ी बढ़त मिल गई। दूसरी पारी में भी भारतीय टीम की शुरुआत खराब रही और शुरुआती दो विकेट केवल 10 रन के स्कोर पर गिर गए। हालांकि, देवदत्त पडिक्कल और साई सुदर्शन ने संभलकर बल्लेबाजी करते हुए पारी को आगे बढ़ाया। दूसरे दिन का खेल समाप्त होने तक इंडिया-ए ने दो विकेट पर 106 रन बना लिए थे, लेकिन टीम अब भी न्यूजीलैंड-ए से 98 रन पीछे थी।
देवदत्त पडिक्कल ने दबाव में खेली जिम्मेदारी भरी पारी: शुरुआती झटकों के बाद देवदत्त पडिक्कल ने क्रीज पर टिककर बल्लेबाजी की और टीम को मुश्किल स्थिति से बाहर निकालने की कोशिश की। उन्होंने 89 गेंदों का सामना करते हुए नाबाद 56 रन बनाए और इस दौरान धैर्य के साथ रन जुटाए। पारी के शुरुआती चरण में उन्हें किस्मत का साथ भी मिला, जब क्रिस्टियन क्लार्क की गेंद पर उनके बल्ले का किनारा लगा, लेकिन दूसरी स्लिप में मौजूद राइस मारियू कैच पकड़ने में नाकाम रहे। इस जीवनदान का फायदा उठाते हुए पडिक्कल ने अपनी पारी को आगे बढ़ाया और अर्धशतक पूरा किया। पहली पारी में भारतीय बल्लेबाजी के पूरी तरह बिखरने के बाद उनका यह प्रदर्शन टीम के लिए अहम साबित हुआ। हालांकि, अभी इंडिया-ए को पहली पारी की बड़ी बढ़त का अंतर खत्म करने के लिए लंबा रास्ता तय करना था।
साई सुदर्शन के साथ 96 रन की नाबाद साझेदारी: देवदत्त पडिक्कल को दूसरे छोर पर साई सुदर्शन का अच्छा साथ मिला। दोनों बल्लेबाजों ने शुरुआती विकेट गिरने के बाद जल्दबाजी करने के बजाय संयम से खेलते हुए तीसरे विकेट के लिए 188 गेंदों पर 96 रन की नाबाद साझेदारी कर ली। साई सुदर्शन ने 104 गेंदों पर नाबाद 39 रन बनाए और पडिक्कल के साथ मिलकर भारतीय पारी को स्थिरता दी। इस साझेदारी से टीम को लगातार गिरते विकेटों के दबाव से उबरने का अवसर मिला। पडिक्कल और सुदर्शन दोनों टेस्ट टीम में तीसरे नंबर के बल्लेबाज के स्थान के लिए अपनी दावेदारी पेश कर रहे हैं। ऐसे में न्यूजीलैंड-ए के खिलाफ मुश्किल परिस्थितियों में खेली गई यह पारी उनके लिए महत्वपूर्ण रही। हालांकि, मुकाबले में भारत की स्थिति सुधारने के लिए इस साझेदारी को अगले दिन बड़ी पारी में बदलना जरूरी था।
केएल राहुल और यशस्वी जायसवाल दोनों पारियों में नाकाम: भारतीय टीम के अनुभवी बल्लेबाज केएल राहुल और युवा सलामी बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल का प्रदर्शन इस मुकाबले में निराशाजनक रहा। राहुल पहली पारी में बिना खाता खोले आउट हो गए थे, जबकि दूसरी पारी में भी वह केवल चार रन ही बना सके। दूसरी पारी में अंदरूनी किनारा लगने के बाद गेंद को विकेटों से दूर धकेलने की कोशिश में वह हिट विकेट हो गए। जायसवाल भी दोनों पारियों में अपनी छाप नहीं छोड़ सके। उन्होंने पहली पारी में 17 रन बनाए, जबकि दूसरी पारी में उनका योगदान महज पांच रन रहा। दोनों बल्लेबाज पूरे मुकाबले में कुल मिलाकर केवल 77 गेंदों का सामना कर सके। लगातार दो पारियों में इस तरह जल्दी आउट होने से उनकी बल्लेबाजी की तैयारी और लय को लेकर सवाल खड़े हुए हैं।
आगामी टेस्ट सीरीज से पहले प्रदर्शन ने बढ़ाई चिंता: न्यूजीलैंड-ए के खिलाफ यह चार दिवसीय मुकाबला आगामी टेस्ट सीरीज की तैयारी के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। नवंबर के तीसरे सप्ताह से शुरू होने वाली टेस्ट सीरीज से पहले केएल राहुल और यशस्वी जायसवाल की लगातार नाकामी भारतीय टीम प्रबंधन के लिए चिंता का विषय बन सकती है। दूसरी ओर, देवदत्त पडिक्कल और साई सुदर्शन ने दबाव में साझेदारी कर चयनकर्ताओं के सामने अपनी उपयोगिता साबित करने का प्रयास किया। इस मुकाबले में दोनों की बल्लेबाजी ने दिखाया कि शुरुआती विकेट गिरने के बाद भी संयम के साथ पारी को संभाला जा सकता है। हालांकि, केवल एक अच्छी साझेदारी से टीम की स्थिति पूरी तरह नहीं बदल सकती, खासकर तब जब पहली पारी में 204 रन की बढ़त गंवाने के बाद टीम अभी भी पीछे चल रही हो।
डीन फॉक्सक्रॉफ्ट की उपयोगी पारियों से न्यूजीलैंड-ए को बढ़त: न्यूजीलैंड-ए ने पहली पारी में तीन विकेट पर 135 रन से आगे खेलना शुरू किया था और बाद में अपना स्कोर 317 रन तक पहुंचा दिया। इस दौरान डीन फॉक्सक्रॉफ्ट ने निचले क्रम के बल्लेबाजों के साथ उपयोगी साझेदारियां कर टीम को मजबूत स्कोर तक पहुंचाने में अहम योगदान दिया। भारतीय गेंदबाजों के सामने मेजबान टीम के बल्लेबाजों ने पारी को आगे बढ़ाया, जिसका फायदा उन्हें 204 रन की बढ़त के रूप में मिला। इसके बाद भारतीय बल्लेबाजी क्रम एक बार फिर दबाव में बिखर गया और पहली पारी केवल 113 रन पर समाप्त हो गई। दूसरे दिन का खेल खत्म होने तक पडिक्कल और सुदर्शन की साझेदारी ने इंडिया-ए को कुछ राहत जरूर दी, लेकिन टीम 98 रन पीछे थी और मुकाबले पर न्यूजीलैंड-ए की पकड़ बनी हुई थी।

















































