पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में मौजूद सुरक्षा बल लगातार घातक हमलों का सामना कर रहे हैं। ग्वादर जिले के जिवानी स्थित पनवान इलाके में कोस्ट गार्ड कैंप पर एक ऐसा ही भीषण हमला हुआ है। द बलूचिस्तान पोस्ट की हालिया रिपोर्ट के अनुसार यह एक सुनियोजित फिदायी या आत्मघाती हमला था। इस जानलेवा हमले को बीएलए के विशेष दस्ते मजीद ब्रिगेड द्वारा पूरी तरह से अंजाम दिया गया है। शुक्रवार शाम को हुए इस हमले ने पाकिस्तान की तटीय सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
विस्फोट का वीडियो हुआ जारी हमले के बाद संगठन के मीडिया विंग हक्काल ने एक भयानक वीडियो भी ऑनलाइन जारी किया है। यह तैंतालीस सेकंड का छोटा वीडियो हमले की क्रूरता और कैंप की तबाही को साफ तौर पर दिखाता है। वीडियो में विस्फोटकों से भरा एक बड़ा माजदा ट्रक कैंप के अंदर प्रवेश करता हुआ दिखाई दे रहा है। ट्रक के अंदर जाने के थोड़ी ही देर बाद वहां एक बहुत ही जबरदस्त और विनाशकारी विस्फोट होता है। इसके बाद जारी अन्य वीडियो में कैंप का एक बहुत बड़ा हिस्सा पूरी तरह से तबाह नजर आ रहा है।
हमलावर अताउल्लाह की मुख्य भूमिका इस पूरे फिदायीन हमले में अताउल्लाह बलोच उर्फ अजमल नामक हमलावर की सबसे मुख्य भूमिका रही। उसने शुक्रवार शाम लगभग 6:32 बजे अपने विस्फोटकों से लदे हुए ट्रक को कैंप की तरफ आगे बढ़ाया। अताउल्लाह ने अपने ट्रक को सीधे कोस्ट गार्ड के मजबूत और किलेनुमा कैंप में ले जाकर तेज गति से घुसा दिया। इस सीधी टक्कर और भारी विस्फोट से पूरा कैंप पल भर में ही मलबे के एक बड़े ढेर में बदल गया। संगठन के प्रवक्ता ने अपने आधिकारिक बयान में इस पूरी विनाशकारी घटना की स्पष्ट रूप से पुष्टि की है।
फतेह स्क्वाड का घातक ग्राउंड ऑपरेशन शक्तिशाली ट्रक धमाके के बाद बीएलए की अग्रिम इकाई फतेह स्क्वाड ने भी अपना मोर्चा तुरंत संभाल लिया। विस्फोट के ठीक बाद इन विशेष लड़ाकों ने बहुत ही तेजी और संगठित तरीके से अपने कदम आगे बढ़ाए। उन्होंने चारों दिशाओं से घेरकर इस तबाह हो चुके कैंप पर अपना भयानक जमीनी हमला शुरू कर दिया। फतेह स्क्वाड के लड़ाकों ने वहां जिंदा बच गए कोस्ट गार्ड कर्मियों के साथ बेहद नजदीक से सीधी लड़ाई की। इस तरह के तेज और समन्वित हमले से वहां मौजूद पाकिस्तानी जवानों को अपनी जान बचाने का कोई रास्ता नहीं मिला।
भारी जानमाल के नुकसान का दावा इस भीषण सैन्य संघर्ष में पाकिस्तान कोस्ट गार्ड के कई जवानों को अपनी जान गंवानी पड़ी है। बीएलए ने हमले की पूरी जिम्मेदारी लेते हुए दावा किया है कि इसमें तीस से ज्यादा जवान मारे गए हैं। इस भयानक हमले के कारण कैंप में मौजूद कई अन्य पाकिस्तानी सैनिक बुरी तरह से घायल भी हुए हैं। घायलों की गंभीर स्थिति और भारी मलबे के कारण मृतकों की संख्या में आने वाले समय में और वृद्धि हो सकती है। संगठन ने यह भी स्पष्ट किया है कि वह जल्द ही इस पूरे सैन्य अभियान का विस्तृत विवरण साझा करेगा।
स्वतंत्र पुष्टि का अभी भी इंतजार बीएलए ने सरकार को स्पष्ट चेतावनी दी है कि बलूचिस्तान की आजादी तक उनके ऐसे हमले रुकेंगे नहीं। पाकिस्तानी सुरक्षा बलों के खिलाफ उनका यह सशस्त्र अभियान भविष्य में भी ठीक इसी तीव्रता से चलता रहेगा। दूसरी तरफ पाकिस्तान की सेना और वहां के सरकारी अधिकारियों ने इस गंभीर विषय पर गहरी चुप्पी साध रखी है। पाकिस्तान सरकार की तरफ से मौतों, घायलों की संख्या या किसी भी प्रकार के नुकसान की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। आधिकारिक बयान न आने के कारण फिलहाल बीएलए के दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि करना अभी बिल्कुल संभव नहीं है।





































