विमानन क्षेत्र में 7700 कोड को आपात स्थिति से जुड़ा महत्वपूर्ण संकेत माना जाता है। हाल ही में लंदन से शिकागो जा रही ब्रिटिश एयरवेज की उड़ान ने आयरलैंड के ऊपर से गुजरते समय इसी कोड का इस्तेमाल किया, जिसके बाद विमान की ऊंचाई करीब 37 हजार फीट से घटाकर लगभग 9 हजार फीट कर दी गई और उड़ान को वापस लंदन की ओर मोड़ दिया गया। विमान में लगा ट्रांसपोंडर हवाई यातायात नियंत्रण को अलग-अलग संकेत भेजता है और इन्हें स्क्वॉक कोड कहा जाता है। जब कोई विमान 7700 कोड प्रसारित करता है तो इसका सामान्य अर्थ यह होता है कि विमान में किसी प्रकार की आपात स्थिति पैदा हुई है और उसे सहायता की जरूरत हो सकती है।
कोड से समस्या की वजह नहीं चलती पता: 7700 कोड विमान में आई आपात स्थिति का संकेत तो देता है, लेकिन इससे यह जानकारी नहीं मिलती कि परेशानी किस वजह से हुई है। यानी यह कोड अपने आप में किसी विशेष तकनीकी खराबी, चिकित्सकीय समस्या या अन्य परिस्थिति की पहचान नहीं करता। ब्रिटिश एयरवेज की उड़ान के मामले में भी यही स्थिति रही। विमान ने यह आपात संकेत प्रसारित किया, इसके बाद उसकी ऊंचाई तेजी से कम की गई और उसे उसके निर्धारित गंतव्य की जगह वापस लंदन की ओर मोड़ दिया गया। हालांकि उपलब्ध जानकारी में यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि विमान में वास्तव में किस तरह की समस्या सामने आई थी, जिसके कारण चालक दल को यह आपात संकेत देना पड़ा।
ब्रिटिश एयरवेज की उड़ान में हुआ इस्तेमाल: ब्रिटिश एयरवेज की उड़ान बीए295 लंदन के हीथ्रो हवाई अड्डे से शिकागो के लिए रवाना हुई थी। विमान ने सुबह करीब 11 बजकर 50 मिनट पर उड़ान भरी थी और उसे लगभग 8 घंटे 40 मिनट में अपने गंतव्य शिकागो पहुंचना था। उड़ान भरने के करीब एक घंटे बाद विमान लगभग 37 हजार फीट की ऊंचाई पर पहुंच गया था। इसके बाद अचानक विमान की ऊंचाई करीब 9 हजार फीट तक घटा दी गई और उड़ान को वापस लंदन की ओर मोड़ दिया गया। उड़ान की निगरानी से जुड़ी जानकारी में 7700 कोड के इस्तेमाल की बात सामने आई, लेकिन विमान में आई समस्या की वास्तविक वजह को लेकर अधिकारियों की ओर से अभी कोई विस्तृत जानकारी नहीं दी गई है।
कुछ दिन पहले दूसरी उड़ान भी बनी थी चर्चा का विषय: इस घटना से कुछ दिन पहले फ्लाईदुबई की उड़ान एफजेड1073 भी एक अलग और गंभीर घटना के कारण चर्चा में आई थी। यह उड़ान दुबई से तेल अवीव जा रही थी, लेकिन बाद में इसे सऊदी अरब के ताबुक की ओर मोड़ दिया गया। उपलब्ध जानकारी के अनुसार उड़ान के दौरान सह-पायलट हमाम अल-हम्मामी ने पायलट कैप्टन स्मित मच्छार पर कुल्हाड़ी से हमला किया और विमान का नियंत्रण लेने की कोशिश की। यह घटना सामान्य उड़ान संबंधी आपात स्थिति से अलग थी, क्योंकि इसमें विमान के चालक दल के बीच ही हिंसक स्थिति पैदा होने की बात सामने आई थी। घटना के बाद विमान को दूसरे मार्ग की ओर मोड़ना पड़ा।
यात्रियों ने स्थिति संभालने में की मदद: फ्लाईदुबई की इस घटना के दौरान पायलट ने कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया और यात्रियों ने भी स्थिति को संभालने में मदद की। रिपोर्टों के अनुसार विमान में कुल 174 लोग सवार थे। इस घटना के बाद भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी की काफी चर्चा हुई। हालांकि यह घटना ब्रिटिश एयरवेज की उड़ान में सामने आई 7700 आपात स्थिति से अलग थी, लेकिन दोनों घटनाओं ने विमान में आपात परिस्थितियों और उड़ान के दौरान त्वरित निर्णय लेने की अहमियत को सामने ला दिया। एक मामले में विमान ने आपात संकेत प्रसारित कर मार्ग बदला, जबकि दूसरे मामले में चालक दल के भीतर पैदा हुई गंभीर स्थिति के बाद विमान को वैकल्पिक दिशा में ले जाना पड़ा।
आपात संकेत और उड़ान सुरक्षा की अहमियत: ब्रिटिश एयरवेज की उड़ान में 7700 कोड का इस्तेमाल यह बताता है कि विमान में किसी प्रकार की आपात स्थिति महसूस की गई थी, लेकिन केवल इस संकेत के आधार पर समस्या की प्रकृति तय नहीं की जा सकती। वहीं फ्लाईदुबई की घटना में विमान के भीतर सामने आई अलग तरह की गंभीर स्थिति के कारण उड़ान का मार्ग बदला गया। दोनों घटनाओं में परिस्थितियां अलग थीं, लेकिन दोनों ने यह दिखाया कि विमानन में किसी भी असामान्य स्थिति के दौरान चालक दल को तुरंत निर्णय लेने पड़ सकते हैं। ब्रिटिश एयरवेज की उड़ान के मामले में अभी समस्या की वजह स्पष्ट नहीं हुई है और अधिकारियों की ओर से विस्तृत जानकारी का इंतजार है, इसलिए फिलहाल 7700 संकेत को केवल विमान में आपात स्थिति के संकेत के रूप में ही देखा जा सकता है।
















































