दिल्ली आबकारी नीति घोटाला मामले में तेलंगाना के मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव की बेटी कविता के ED के समाने गुरुवार को पेश होने पर संदेह है। रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने जांच एजेंसी से पेश होने के लिए कुछ और वक्त मांगा है।
हालांकि, प्रवर्तन निदेशालय की ओर से अभी तक इस पर कोई जवाब नहीं आया है। मालूम हो कि ईडी ने आबकारी नीति से जुड़े धनशोधन के मामले में पूछताछ के लिए बीआरएस लीडर को 9 मार्च को दिल्ली में एजेंसी के सामने पेश होने के लिए कहा है। मगर कविता की ओर से इसे लेकर 15 मार्च तक का समय मांगे जाने की खबर है।
भारत राष्ट्र समिति (BRS) की एमएलसी कविता ने बुधवार को कहा कि वह जांच एजेंसी को पूरा सहयोग करेंगी, लेकिन तारीख पर कानूनी राय भी लेंगी। उन्होंने कहा कि 10 मार्च को राष्ट्रीय राजधानी के जंतर-मंतर पर धरने का कार्यक्रम पहले से घोषित है। बीआरएस के राष्ट्रीय अध्यक्ष और तेलंगाना के मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव की पुत्री ने इसे लेकर बयान जारी किया है। इसमें कहा गय कि महिला आरक्षण विधेयक लंबे समय से लंबित है। हमारी एकमात्र मांग यह है कि महिलाओं को राजनीतिक भागीदारी का उचित हिस्सा देने के लिए इसे जल्द से जल्द संसद में पेश किया जाए।
कविता बोलीं- तारीख पर लूंगी कानूनी राय
कविता ने कहा कि भारत जागृति, देश भर के विपक्षी दल और महिला संगठन शुक्रवार को जंतर-मंतर पर एक दिन के शांतिपूर्ण भूख हड़ताल के लिए आएंगे। साथ ही हम भारतीय जनता पार्टी सरकार से महिला आरक्षण विधेयक पेश करने और पारित करने की मांग करेंगे। उन्होंने कहा, ‘इन घटनाओं को देखते हुए मुझे प्रवर्तन निदेशालय ने गुरुवार को नई दिल्ली में पेश होने के लिए बुलाया गया है। कानून का पालन करने वाले नागरिक के तौर पर मैं (कविता) जांच एजेंसियों के साथ पूरा सहयोग करूंगी। हालांकि, धरने और पूर्व नर्धिारित कार्यक्रमों के कारण मैं इसमें भाग लेने की तारीख पर कानूनी राय लूंगी।’
‘नहीं दबा सकते बीआरएस पार्टी की आवाज’
कविता ने केसीआर के नेतृत्व में पूरी आस्था व्यक्त करते हुए कहा, ‘मैं केंद्र में सत्ताधारी पार्टी को भी बताना चाहती हूं कि हमारे नेता केसीआर की लड़ाई और उनकी और पूरी बीआरएस पार्टी की आवाज को डराने-धमकाने की रणनीति हमें दबा नहीं सकती। हम केंद्र की विफलताओं को उजागर करने और भारत के उज्जवल व बेहतर भविष्य के लिए आवाज उठाने के लिए लड़ते रहेंगे। मैं दिल्ली के सत्ता के सौदागरों को भी याद दिला दूं कि तेलंगाना दमनकारी जनविरोधी शासन के आगे न कभी ‘झुका’ है और न कभी झुकेगा। हम लोगों के अधिकारों के लिए निर्भीक होकर मजबूती से लड़ेंगे।’ मालूम हो कि मामले की जांच कर रही सीबीआई ने पिछले साल 11 दिसंबर को हैदराबाद में उनसे पूछताछ की थी।
पिल्लई के सामने बैठाकर पूछताछ करना चाहती है ED
अधिकारियों ने बताया कि कविता को हैदराबाद के कारोबारी रामचंद्र पिल्लई के सामने बैठाकर पूछताछ के लिए बुलाया गया है। पिल्लई को ईडी ने सोमवार को गिरफ्तार किया था। पिल्लई ईडी की हिरासत में है। एजेंसी ने पहले कहा था कि पिल्लई ने बताया है कि वह कविता और अन्य से जुड़े कथित शराब गिरोह ‘दक्षिणी समूह का प्रतिनिधित्व’ करता है। ईडी के पास पिल्लई की हिरासत 12 मार्च (13 मार्च को उन्हें फिर से दिल्ली की अदालत के समक्ष पेश किया जाएगा) तक है। कविता गुरुवार को पूछताछ में शामिल नहीं होती तो एजेंसी उन्हें पिल्लई को अपनी हिरासत में रखने के दौरान पूछताछ के लिए नई तारीख दे सकती है।
जानें कविता पर क्या लगे हैं आरोप
बीआरएस नेता कविता से इससे पहले मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने भी पूछताछ की थी। आरोप है कि शराब कारोबारियों को लाइसेंस देने के लिए दिल्ली सरकार द्वारा 2021-22 के लिए लाई गई आबकारी नीति में गुटबंदी को बढ़ावा दिया गया। साथ ही कुछ शराब कारोबारियों का पक्ष लिया गया जिन्होंने कथित तौर पर इसके लिए रिश्वत दी थी। हालांकि, यहां आम आदमी पार्टी (आप) ने इन आरोपों को खारिज किया है।



































