नवनिर्वाचित सरकार का कड़ा फैसला: नेपाल में नई सरकार के गठन के साथ ही पिछली सरकारों के अहम फैसलों को पलटने का सिलसिला शुरू हो गया है। राष्ट्रपति के माध्यम से एक नया अध्यादेश लाकर वर्तमान सरकार ने 1500 से ज्यादा सार्वजनिक नियुक्तियों को सीधे तौर पर खारिज कर दिया है। यह कड़ा फैसला मुख्य रूप से उन नियुक्तियों पर लागू हुआ है जो 26 मार्च से पहले सत्ता हस्तांतरण के दौरान की गई थीं।
आम चुनाव में मिली ऐतिहासिक जीत: देश में 5 मार्च को हुए आम चुनावों में पारंपरिक राजनीतिक दलों के खिलाफ जनता का भारी विरोध देखने को मिला था। इस जन-विरोध का सीधा और बड़ा फायदा बालेंद्र शाह के नेतृत्व वाली ‘राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी’ को मिला, जिसने चुनावों में शानदार प्रदर्शन करते हुए सत्ता हासिल की और अब वह लगातार सख्त प्रशासनिक फैसले ले रही है।
जेन जेड आंदोलन की अहम भूमिका: वर्तमान आम चुनाव और इस नई सरकार का गठन एक बड़े ऐतिहासिक जन-आंदोलन की पृष्ठभूमि में हुआ है। सितंबर 2025 में ‘जेनरेशन जेड’ (1997 से 2012 के बीच जन्मे लोग) द्वारा किए गए भारी विरोध प्रदर्शनों के बाद केपी ओली की तत्कालीन सरकार का पतन हो गया था, जिसके कुछ महीनों बाद ही देश में ये चुनाव संपन्न हुए हैं।
अंतरिम सरकार के फैसले भी पलटे: इस नए और व्यापक अध्यादेश ने केवल पुरानी पूर्णकालिक सरकारों ही नहीं, बल्कि अंतरिम प्रशासनों के फैसलों को भी पलट कर रख दिया है। ‘जेन जेड’ आंदोलन के तुरंत बाद देश में सुशीला कार्की के नेतृत्व में एक अंतरिम सरकार का गठन किया गया था, जिसके द्वारा की गई राजनीतिक नियुक्तियों को भी इस फैसले के तहत निष्प्रभावी कर दिया गया है।
राष्ट्रपति द्वारा अध्यादेश को मंजूरी: काठमांडू पोस्ट अखबार की प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक, नवनिर्वाचित मंत्रिमंडल की सिफारिश पर राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने शनिवार को यह सख्त कदम उठाया। उन्होंने ‘सार्वजनिक पद धारकों को हटाने के लिए विशेष प्रावधानों पर अध्यादेश, 2083’ को अपनी आधिकारिक मंजूरी दे दी, जिसके बाद यह तुरंत प्रभाव से देश भर में लागू हो गया।
प्रशासनिक ढांचा बुरी तरह प्रभावित: ‘मायरिपब्लिका’ समाचार की खबर के मुताबिक, इस अध्यादेश के लागू होते ही विभिन्न क्षेत्रों में काम कर रहे 1,594 पदाधिकारियों को एक साथ बर्खास्त कर दिया गया। बिना किसी पूर्व सूचना के इतनी बड़ी संख्या में पद रिक्त होने के कारण देश के प्रशासनिक, स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्रों में भारी अस्थिरता और व्यवधान की स्थिति पैदा हो गई है।



































