उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार से पूर्वी यूपी के दौरे पर बाढ़ के हालात का जायजा लेने खुद निकले हैं। इस दौरान उन्होंने लोगों को सामग्री भी वितरित की है।
मुख्यमंत्री योगी शुक्रवार से पूर्वी उत्तर प्रदेश के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के सघन दौरे पर हैं। बाढ़ पीड़ितों के बीच पहुंचकर उनका दुख-दर्द साझा कर उन्हें राहत सामग्री प्रदान कर रहे हैं। हर समय सरकार उनके साथ होने के भरोसे के साथ अधिकारियों को निर्देशित कर रहे हैं कि किसी को तनिक भी परेशानी नहीं होनी चाहिए। शनिवार को सिद्धार्थनगर व महराजगंज के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लेने, लोगों से मिलने के बाद वह गोरखपुर पहुंचे। यहां उन्होंने झंगहा, खजनी, सहजनवा लालडिग्गी में बाढ़ प्रभावित लोगों से मुलाकात की राहत सामग्री का वितरण किया।
राहत सामग्री वितरण करने के दौरान मीडिया से मुखातिब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पूर्वी उत्तर प्रदेश नेपाल में भारी बारिश से पूर्वांचल के करीब 15 जिले बाढ़ से प्रभावित हैं। गोरखपुर में करीब 304 गांवों की 2.26 लाख आबादी बाढ़ से प्रभावित हुई है। यहां 405 नाव 50 स्टीमर लगाए गए हैं। बाढ़ चौकियों व कंट्रोल रूम के जरिये बाढ़ पर नियंत्रण के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि राप्ती खतरे के निशान से ढाई से तीन मीटर ऊपर बह रही। पिछले 50 सालों में नदियों का जलस्तर बढ़ने की इतनी खतरनाक स्थिति कभी नहीं हुई। उन्होंने कहा कि हमनें 1991 व 1998 की स्थिति को भी देखा है।
उन्होंने कहा कि बचाव के लिए समय पूर्व किए गए प्रभावी इंतजामों से जन व धन हानि को रोकने का पूरा प्रयास किया गया। इसमें कामयाबी भी मिली। बाढ़ की आशंका को देखते हुए एनडीआरएफ, एसडीआरएफ व पीएसी की फ्लड यूनिट को पहले से ही सक्रिय कर दिया गया था। पर्याप्त संख्या में नावों की व्यवस्था के साथ राहत सामग्री का पर्याप्त इंतजाम है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मंशा है कि कोई भी खुद को असहाय न समझे राज्य सरकार इसी दिशा में कार्य कर रही है। कहा कि हम पिछले डेढ़ साल से कोरोना महामारी से जूझ रहे हैं अब बाढ़ से भी, लेकिन धैर्य के साथ इस संकट का मुकाबला करते हुए हम शीघ्र ही बाढ़ की स्थिति पर नियंत्रण प्राप्त कर लेंगे।
योगी ने बताया कि बाढ़ पीड़ितों के लिए पर्याप्त मात्रा में खाद्यान्न वितरण कराया जा रहा है। हर राशन सामग्री किट में 10-10 किलो चावल आलू के अलॉस 2 किलो अरहर दाल, रिफाइंड तेल, नमक, हल्दी, मिर्च, मसाले के पैकेट, लाई, चना, गुड़, मोमबत्ती, दियासलाई आदि के साथ ही छाता व बरसाती भी दी जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि तीन दिन के भीतर सभी पीड़ितों तक राहत सामग्री पहुंचा दी जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन घरों में बाढ़ या बारिश का पानी घुस गया है, उन परिवारों के भोजन के लिए कम्युनिटी किचेन की व्यवस्था की जा रही है। सरकार इस बात के लिए प्रतिबद्ध है कि एक भी नागरिक भूखा न रहने पाए। पानी से घिरे लोगों को उनके दरवाजे पर ही भोजन पैकेट उपलब्ध कराया जा रहा है।





































