पश्चिम बंगाल सरकार ने युवाओं को केवल रोजगार की नई उम्मीद ही नहीं दी है, बल्कि बेरोजगारों के लिए एक बड़ी वित्तीय सहायता योजना का भी ऐलान किया है। राज्य के युवाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए सरकार द्वारा एक अत्यंत महत्वाकांक्षी योजना की रूपरेखा बजट में प्रस्तुत की गई है। इस नई कल्याणकारी योजना को ‘भरोसा योजना’ का नाम दिया गया है, जिसके माध्यम से युवाओं को सीधे तौर पर वित्तीय मदद पहुंचाई जाएगी। इस योजना का मुख्य उद्देश्य नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के दैनिक खर्चों और उनके संघर्ष के समय में एक मजबूत संबल प्रदान करना है।
अक्टूबर से योजना की शुरुआत: सरकार द्वारा दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार इस नई भरोसा योजना को इसी साल अक्टूबर 2026 से पूरे राज्य में सुचारू रूप से लागू कर दिया जाएगा। योजना के अंतर्गत मुख्य रूप से 21 वर्ष से लेकर 45 वर्ष की आयु वर्ग के भीतर आने वाले सभी पात्र शिक्षित बेरोजगार युवाओं को शामिल किया जाएगा। इस निर्धारित आयु सीमा के भीतर आने वाले वे सभी युवा जो नौकरी की तलाश में हैं, वे इस भत्ते को पाने के लिए पूरी तरह हकदार माने जाएंगे। इस योजना के शुरू होने से युवाओं को अपनी आगे की पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने में बड़ी मदद मिलेगी।
ग्रेजुएट बेरोजगारों को अधिक लाभ: इस योजना के तहत मिलने वाली मासिक सहायता राशि को युवाओं की शैक्षणिक योग्यता के आधार पर दो अलग-अलग श्रेणियों में बहुत ही स्पष्ट रूप से विभाजित किया गया है। योजना के नियमों के अनुसार ग्रेजुएट यानी स्नातक की डिग्री पूरी कर चुके बेरोजगार युवाओं को हर महीने 3000 रुपये का मासिक भत्ता सीधे उनके खाते में दिया जाएगा। वहीं दूसरी तरफ, स्नातक से कम शैक्षणिक योग्यता रखने वाले अन्य सभी पात्र बेरोजगार युवाओं को प्रति माह 2000 रुपये की वित्तीय सहायता दी जाएगी। यह राशि युवाओं को तब तक मिलती रहेगी जब तक उन्हें कोई स्थायी रोजगार नहीं मिल जाता।
आय सीमा की कड़ी शर्तें: भरोसा योजना का लाभ पूरी पारदर्शिता के साथ केवल समाज के जरूरतमंद और गरीब परिवारों तक ही पहुंचे, इसके लिए सरकार ने कुछ कड़े पात्रता नियम भी तय किए हैं। इस योजना का लाभ विशेष रूप से केवल उन्हीं परिवारों के बेरोजगार युवाओं को दिया जाएगा, जिनकी कुल वार्षिक आय 1 लाख रुपये से कम होगी। इसके साथ ही एक अन्य महत्वपूर्ण शर्त यह भी जोड़ी गई है कि आवेदक युवा पहले से किसी भी अन्य सामाजिक सुरक्षा योजना का लाभ न ले रहा हो। इन नियमों के कारण योजना का पैसा बिना किसी हेराफेरी के सीधे आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग तक पहुंच सकेगा।
शिक्षा क्षेत्र में बड़े संस्थान: राज्य सरकार ने इस नए बजट के माध्यम से पश्चिम बंगाल के भीतर उच्च शिक्षा के स्तर को वैश्विक और राष्ट्रीय स्तर पर ले जाने के लिए कई बड़ी घोषणाएं की हैं। बजट प्रस्तावों के अनुसार विशेष रूप से उत्तर बंगाल के क्षेत्र में तकनीकी और चिकित्सा शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए बड़े कदम उठाए जाएंगे। इस पिछड़े इलाके में देश के प्रतिष्ठित संस्थान जैसे आईआईटी (IIT), आईआईएम (IIM) और एम्स (AIIMS) स्थापित करने की एक बहुत ही बड़ी योजना का जिक्र किया गया है। इसके अलावा झाड़ग्राम और बाकुंडा जैसे जिलों में भी नए केंद्रीय विश्वविद्यालय स्थापित करने का ऐतिहासिक प्रस्ताव रखा गया है।
मेट्रो और हवाई अड्डों का विकास: शिक्षा के साथ-साथ राज्य के बुनियादी ढांचे और सार्वजनिक परिवहन को आधुनिक बनाने के लिए भी इस बजट में भारी-भरकम प्रावधान किए गए हैं। सरकार ने राज्य के प्रमुख औद्योगिक और शहरी केंद्रों जैसे सिलीगुड़ी, आसनसोल और दुर्गापुर शहरों में आधुनिक मेट्रो परियोजनाओं को शुरू करने का एक बड़ा प्रस्ताव सामने रखा है। इन शहरों में मेट्रो आने से स्थानीय परिवहन व्यवस्था पूरी तरह बदल जाएगी और लोगों का सफर काफी सुगम हो जाएगा। इसके अतिरिक्त, राज्य के विभिन्न हिस्सों में कनेक्टिविटी को बेहतर करने के लिए नए एयरफील्ड और आधुनिक हवाई अड्डों के विकास की योजना भी इस बजट का एक मुख्य हिस्सा रही है।





































