अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU) एक बार फिर सुर्खियों में है, लेकिन इस बार वजह कोई शैक्षणिक उपलब्धि नहीं, बल्कि कैंपस के भीतर चल रही संदिग्ध गतिविधियाँ हैं। उत्तर प्रदेश पुलिस और एएमयू के सुरक्षा अधिकारियों (Security Officers) ने एक संयुक्त और गोपनीय ऑपरेशन के तहत Sir Ziauddin Hall हॉस्टल के एक कमरे में छापेमारी की। इस कार्रवाई ने यूनिवर्सिटी प्रशासन और स्थानीय प्रशासन के बीच हड़कंप मचा दिया है।
छापेमारी की पूरी कहानी (The Investigation Sequence)
पुलिस सूत्रों के अनुसार, यह छापेमारी मंगलवार को सिविल लाइंस इलाके में हुई एक Firing Incident की जाँच का हिस्सा थी। पुलिस ने उस मामले में तीन संदिग्धों को गिरफ्तार किया था, जिनसे हुई कड़ी पूछताछ के दौरान हॉस्टल में छिपे एक ‘अवैध कब्जेदार’ (Illegal Occupant) का नाम सामने आया। बुधवार शाम को जब पुलिस और प्रॉक्टोरियल बोर्ड की टीम ने कमरे का ताला तोड़ा, तो अंदर का नजारा चौंकाने वाला था।
बरामदगी की सूची (List of Seized Items)
तलाशी के दौरान पुलिस को निम्नलिखित आपत्तिजनक सामग्री मिली है:
- Ammunition: .32 बोर पिस्टल की गोलियां और 12 बोर के चार जिंदा कारतूस।
- Fake Currency: जाली भारतीय मुद्रा (Counterfeit Notes), जिसकी मात्रा की जाँच की जा रही है।
- Electronics: 8 मोबाइल फोन, जिनका इस्तेमाल संदिग्ध बातचीत के लिए किए जाने की आशंका है।
- Military Gear: खाली मैगजीन कवर और अन्य संदिग्ध दस्तावेज।
अवैध कब्जेदार ‘शेवाज’ का प्रोफाइल (Who is Shevaz?)
एएमयू के प्रॉक्टर नावेद खान ने पुष्टि की है कि कमरे में Shevaz नाम का व्यक्ति रह रहा था। रिकॉर्ड के अनुसार, शेवाज एएमयू का छात्र तो था, लेकिन वह एक Non-Resident Student था। इसका अर्थ है कि उसे हॉस्टल में रहने की अनुमति नहीं थी। आरोप है कि उसने वैध आवंटियों (Legitimate Allottees) को डरा-धमकाकर कमरे से बाहर निकाल दिया था और पिछले कई महीनों से वहां अपना ‘कमांड सेंटर’ चला रहा था।



































