उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी Navdeep Rinwa ने आज प्रदेश की फाइनल वोटर लिस्ट जारी कर दी है। इस बार की सूची में चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं, क्योंकि Special Inquiry & Revision (SIR) प्रक्रिया के बाद प्रदेश के कुल मतदाताओं की संख्या में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है।
मतदाताओं की संख्या का पूरा गणित (Voter Statistics):
- प्रक्रिया से पहले: SIR प्रक्रिया शुरू होने से पहले उत्तर प्रदेश में कुल 15 करोड़ 44 लाख मतदाता पंजीकृत थे।
- फाइनल लिस्ट का आंकड़ा: आज जारी हुई अंतिम सूची के अनुसार, अब प्रदेश में मतदाताओं की संख्या घटकर लगभग 13 करोड़ 40 लाख (13,39,84,792) रह गई है।
- कुल कटौती: शुद्ध रूप से देखा जाए तो लगभग 2 करोड़ 5 लाख वोटर्स के नाम सूची से हटा दिए गए हैं।
नाम कटने के मुख्य कारण (Reasons for Deletion): मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने स्पष्ट किया कि जनवरी में जारी Draft Voter List में लगभग 2.89 करोड़ नाम हटाए गए थे। इनमें से कई मतदाताओं की मैपिंग नहीं हो पाई थी, कई के पते बदल गए थे या एक ही मतदाता के नाम दो जगहों पर दर्ज थे। कई मामलों में नोटिस जारी करने के बाद भी संतोषजनक जवाब न मिलने पर नाम काटे गए हैं। हालांकि, जनवरी की तुलना में आज की लिस्ट में 84 लाख नए वोटर्स बढ़े भी हैं, जिन्होंने सुधार प्रक्रिया के दौरान अपना पंजीकरण कराया।
शिकायत और समाधान (Grievance Redressal): यदि किसी पात्र नागरिक का नाम गलती से कट गया है, तो वे सबसे पहले अपने जिले के DM (District Magistrate) से संपर्क कर सकते हैं। वहां सुनवाई न होने पर Chief Electoral Officer को शिकायत भेजी जा सकती है। जो लोग SIR प्रक्रिया का हिस्सा नहीं बन पाए, वे अभी भी Form 6 भरकर नए मतदाता के रूप में अपना नाम जुड़वा सकते हैं।



































