सैन्य नेतृत्व और सामूहिक शासन की नई प्रणाली ईरान का शासन संचालन अब एक नई दिशा में बढ़ रहा है, जहाँ सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने निर्णय लेने की शक्तियों को आईआरजीसी (IRGC) के शीर्ष जनरलों के साथ साझा किया है। राजनेता अब्दोलरेज़ा दावरी, जो मोजतबा के करीबी माने जाते हैं, के अनुसार ईरान की प्रशासनिक व्यवस्था अब एक ‘कॉर्पोरेट बोर्ड’ की तरह काम कर रही है। मोजतबा खामेनेई स्वयं इस बोर्ड के निदेशक की भूमिका में हैं, जबकि सैन्य जनरल इसके सक्रिय सदस्य हैं। कोई भी बड़ा फैसला अकेले नहीं लिया जाता, बल्कि जनरलों के परामर्श और सामूहिक सहमति के आधार पर ही देश की नीतियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। यह सामूहिक नेतृत्व मॉडल वर्तमान संकट के समय में सत्ता को स्थिरता प्रदान करने का एक प्रयास है।
सुरक्षित संदेश प्रेषण और गुप्त संचार व्यवस्था दुश्मन देशों की उन्नत जासूसी तकनीकों से बचने के लिए मोजतबा खामेनेई ने संचार के सबसे पुराने और विश्वसनीय तरीकों को अपनाया है। वे वर्तमान में पूरी तरह गुप्तवास में हैं और उनके संदेश केवल कागजों पर लिखकर विशेष दूतों के माध्यम से भेजे जा रहे हैं। इन पत्रों को लिफाफों में सील किया जाता है और संदेशवाहकों की एक टोली इन्हें गंतव्य तक पहुँचाती है। तकनीक के उपयोग से बचते हुए, ये दूत ग्रामीण रास्तों और कम आबादी वाले क्षेत्रों से यात्रा करते हैं ताकि किसी की नजर उन पर न पड़े। सूचनाओं का यह आदान-प्रदान पूरी तरह से गोपनीय रखा जाता है, जिससे उनके ठिकाने का पता लगाना लगभग असंभव बना हुआ है।
हमले का प्रभाव और व्यक्तिगत अपूरणीय क्षति मोजतबा खामेनेई के जीवन में आया यह बड़ा बदलाव 28 फरवरी के उन हमलों का परिणाम है, जिनमें इजरायल और अमेरिका की संलिप्तता बताई गई थी। उस हवाई हमले ने न केवल उनके पिता अयातुल्ला अली खामेनेई के जीवन का अंत किया, बल्कि मोजतबा के अपने परिवार को भी उजाड़ दिया। इस हमले में उनकी पत्नी और बेटे की दुखद मृत्यु हो गई। मोजतबा स्वयं मौत के मुंह से बचकर निकले, लेकिन इस घटना ने उन्हें गहरे मानसिक और शारीरिक आघात पहुँचाए हैं। इसी कारण से उन्होंने खुद को दुनिया की नजरों से दूर कर लिया है और वर्तमान में उनकी सुरक्षा व्यवस्था इतनी कड़ी है कि केवल आवश्यक चिकित्सा दल ही उनके संपर्क में आ सकता है।
राष्ट्रपति पेज़ेश्कियन की देखरेख में विशेष उपचार मोजतबा के स्वास्थ्य को बहाल करना वर्तमान सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता बन गया है। उनके चिकित्सा उपचार की कमान स्वयं राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन और देश के स्वास्थ्य मंत्री ने संभाल रखी है। चूँकि राष्ट्रपति पेज़ेश्कियन स्वयं हृदय रोग विज्ञान के विशेषज्ञ डॉक्टर हैं, इसलिए वे मोजतबा के घावों और रिकवरी की प्रगति पर निजी तौर पर ध्यान दे रहे हैं। यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि उन्हें सर्वश्रेष्ठ चिकित्सा सुविधाएं मिलें। उनकी सुरक्षा के मद्देनजर, अस्पताल के बजाय एक गुप्त और सुरक्षित स्थान पर ही आईसीयू जैसी सुविधाएं स्थापित की गई हैं, जहाँ केवल विश्वसनीय चिकित्सा कर्मी ही तैनात किए गए हैं।
शारीरिक स्थिति और कृत्रिम अंगों का उपयोग हमले की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि मोजतबा के एक पैर का तीन बार ऑपरेशन करना पड़ा है। चिकित्सकों ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में उन्हें चलने के लिए कृत्रिम पैर का उपयोग करना होगा। साथ ही, उनके हाथ की सर्जरी भी सफल रही है और वह धीरे-धीरे ठीक हो रहा है। हालाँकि, सबसे बड़ी चुनौती उनके चेहरे और होंठों पर आए जलने के निशानों को ठीक करना है। जलने के कारण उन्हें बोलने में भारी समस्या हो रही है, जिससे उनके लिए भाषण देना असंभव हो गया है। चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार, उनके चेहरे की सामान्य स्थिति बहाल करने के लिए प्लास्टिक सर्जरी की प्रक्रिया अपनाई जा सकती है।
मजबूत छवि बनाए रखने के लिए लिखित संवाद का सहारा गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद मोजतबा की दिमागी कुशलता वैसी ही बनी हुई है, लेकिन शारीरिक रूप से वे अभी काफी कमजोर हैं। अपनी इस शारीरिक असमर्थता और बोलने की कठिनाई को देखते हुए, उन्होंने जनता के सामने आने या कोई भी मौखिक बयान देने से परहेज किया है। वे नहीं चाहते कि उनकी लाचारी या चोटें किसी भी रूप में सार्वजनिक हों, जिससे शासन की मजबूती पर सवाल खड़े हों। इसलिए, वे केवल हस्तलिखित या टाइप किए गए आधिकारिक पत्र ही जारी कर रहे हैं। यह चुप्पी और केवल लिखित संवाद की नीति उनकी कमजोरी को छिपाने और सत्ता पर उनकी पकड़ को अखंड दिखाने की एक सोची-समझी रणनीतिक चाल है।



































