प्रेस वार्ता और परिणाम: Prayagraj स्थित यूपी बोर्ड मुख्यालय में शनिवार को आयोजित प्रेस वार्ता में शिक्षा विभाग के शीर्ष अधिकारियों ने वर्ष 2026 की परीक्षाओं का लेखा-जोखा पेश किया। सभापति डॉ. महेंद्र देव और सचिव भगवती सिंह ने बताया कि इंटरमीडिएट में कुल 80.38 प्रतिशत और हाई स्कूल में 90.42 प्रतिशत विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए हैं। बोर्ड ने इस बार तकनीक और बेहतर प्रबंधन के दम पर मूल्यांकन के महज 20 दिनों के भीतर परिणाम जारी करने की उपलब्धि हासिल की है।
इंटरमीडिएट में मेधावियों का प्रदर्शन: इंटरमीडिएट की मेरिट सूची में Shikha Verma 97.60 प्रतिशत अंकों के साथ सर्वोच्च स्थान पर रही हैं। शिक्षा परिषद द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, द्वितीय स्थान हासिल करने वाली Nandini Gupta और Shriya Verma ने 97.20 प्रतिशत अंक पाए। तीसरे स्थान पर काबिज सुरभि यादव और पूजा पाल को 97 प्रतिशत अंक मिले हैं। यह परिणाम दर्शाता है कि कड़ी प्रतिस्पर्धा के बावजूद छात्राओं ने शैक्षिक गुणवत्ता में अपना शीर्ष स्थान बरकरार रखा है।
हाई स्कूल में शीर्ष स्थान: हाई स्कूल परीक्षा के परिणामों में भी बालिकाओं का ही बोलबाला रहा, जहां Kashish Verma और Anshika Verma ने 97.83 प्रतिशत के साथ संयुक्त रूप से टॉप किया। उनके ठीक पीछे Aditi 97.50 प्रतिशत अंक पाकर दूसरे स्थान पर रहीं। Arpita, Rishabh Sahu और Pari Verma ने 97.33 प्रतिशत अंक प्राप्त कर तीसरा स्थान साझा किया। लड़कों और लड़कियों के बीच उत्तीर्ण प्रतिशत का बड़ा अंतर एक बार फिर महिला शिक्षा के बढ़ते प्रभाव को रेखांकित करता है।
परीक्षा के महत्वपूर्ण आंकड़े: इस वर्ष उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की बोर्ड परीक्षा में 50 लाख से ज्यादा परीक्षार्थियों ने हिस्सा लिया था। आंकड़ों का विश्लेषण करें तो हाई स्कूल में बालिकाओं का प्रदर्शन 93.76 प्रतिशत रहा, जबकि बालक 87.30 प्रतिशत ही सफल हो सके। इंटर में भी यही रुझान दिखा, जहां 86.32 प्रतिशत बालिकाओं की तुलना में 75.04 प्रतिशत बालक ही सफल हो पाए। बोर्ड ने नकल विहीन परीक्षा के सफल आयोजन को अपनी मुख्य उपलब्धि बताया है।
योगी आदित्यनाथ का संदेश: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से सफल विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। उन्होंने अपने संदेश में लिखा कि यह सफलता विद्यार्थियों के दृढ़ संकल्प का प्रतीक है। मुख्यमंत्री ने न केवल छात्रों को, बल्कि उनके शिक्षकों और अभिभावकों को भी इस कठिन परिश्रम में सहयोग देने के लिए बधाई दी और विद्यार्थियों को आत्मविश्वास के साथ नए आयाम स्थापित करने के लिए प्रेरित किया।
भविष्य के लिए प्रेरणा: बोर्ड के अधिकारियों ने सफल परीक्षार्थियों को उनके करियर के अगले पड़ाव के लिए प्रोत्साहित किया है। 2026 की यह परीक्षा अपनी शुचिता और तेजी के लिए जानी जाएगी। प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह भी बताया गया कि किस प्रकार अनुशासन और बेहतर योजना के कारण इतने विशाल स्तर पर परीक्षार्थियों का डेटा प्रोसेस कर समय से परिणाम सुनिश्चित किए गए। यह सफलता प्रदेश के शैक्षणिक ढांचे में आ रहे सकारात्मक बदलावों की एक महत्वपूर्ण कड़ी मानी जा रही है।



































