एटीएस की बड़ी कार्रवाई: उत्तर प्रदेश एटीएस ने आज 23 अप्रैल को एक सफल ऑपरेशन को अंजाम देते हुए Noida से दो आतंकवादियों को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है। गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों में Tushar Chauhan उर्फ हिजबुल्ला अली खान और Sameer Khan शामिल हैं। पुलिस को सूचना मिली थी कि ये आरोपी पाकिस्तानी गैंगस्टर Shahzad Bhatti और खुफिया एजेंसी ISI के निर्देशों पर भारत विरोधी गतिविधियों में संलिप्त हैं।
युवाओं को बरगलाने की रणनीति: एटीएस की पड़ताल में यह तथ्य सामने आया है कि सोशल मीडिया के जरिए भारतीय युवाओं को कट्टरपंथ का पाठ पढ़ाया जा रहा है। इंस्टाग्राम जैसे प्लेटफॉर्म्स का उपयोग कर युवाओं को गुमराह किया जा रहा है ताकि वे देश के खिलाफ खड़े हो सकें। इस साजिश के पीछे पाकिस्तानी गैंगस्टर आबिद जट और शाहजाद भट्टी का हाथ बताया जा रहा है जो युवाओं के दिमाग में जहर भरने का काम कर रहे थे।
टारगेट किलिंग और ग्रेनेड हमले: पकड़े गए आरोपी Tushar Chauhan उर्फ हिजबुल्ला अली खान को पाकिस्तान से विशेष निर्देश मिले थे। उसे निर्देश दिया गया था कि वह चिन्हित किए गए लोगों पर हमला करे और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में ग्रेनेड फेंके। इन वारदातों को अंजाम देने के लिए उसे विदेश में बसने का मौका और लाखों रुपयों का लालच दिया गया था, जिसे उसने पूछताछ के दौरान कबूल किया है।
बरामद हथियार और गोला-बारूद: एटीएस ने आरोपियों के पास से एक अवैध पिस्टल, पांच कारतूस और एक चाकू जब्त किया है। ये हथियार किसी बड़ी आतंकी घटना को अंजाम देने के उद्देश्य से जुटाए गए थे। गिरफ्तारी के वक्त आरोपी किसी संवेदनशील स्थान की रेकी कर रहे थे। पुलिस इन हथियारों के स्रोत और इनके इस्तेमाल की पूरी योजना के बारे में गहनता से पूछताछ कर रही है।
संगठन का विस्तार और भर्ती: गिरफ्तार आरोपी Sameer Khan को ‘Tehrik-e-Taliban Hindustan’ के नाम का उपयोग कर नए सदस्यों की भर्ती करने का काम सौंपा गया था। उसे निर्देश थे कि वह इस संगठन के नाम पर प्रचार सामग्री फैलाए और अधिक से अधिक युवाओं को इस देशद्रोही नेटवर्क का हिस्सा बनाए। यह प्रयास भारत के भीतर एक नया आतंकी ढांचा खड़ा करने की दिशा में किया जा रहा था।
नेटवर्क की तलाश जारी: एटीएस अब इस पूरे गिरोह के अन्य सदस्यों की पहचान करने में जुटी है जो पर्दे के पीछे रहकर इनकी मदद कर रहे थे। पुलिस इन दोनों के डिजिटल साक्ष्यों और मोबाइल रिकॉर्ड्स को खंगाल रही है ताकि भारत में मौजूद अन्य स्लीपर सेल्स का पता लगाया जा सके। एटीएस का कहना है कि वे इस नेटवर्क से जुड़े हर एक व्यक्ति को खोजकर कड़ी कानूनी कार्रवाई करेंगे।



































