सख्त सजा का ऐलान: बीजिंग में राष्ट्रपति शी जिनपिंग के नेतृत्व वाली सरकार ने भ्रष्टाचार के खिलाफ अब तक का सबसे सख्त कदम उठाया है। चीन ने अपने दो पूर्व रक्षा मंत्रियों को मौत की सजा देकर पूरी दुनिया को चौंका दिया है। इन अधिकारियों पर लगे भ्रष्टाचार के आरोप जांच के दौरान अदालत में पूरी तरह से सही पाए गए। राष्ट्रपति के इस फैसले ने सैन्य और राजनीतिक व्यवस्था में कड़ा संदेश भेजने का काम किया है।
अधिकारियों का विवरण: पूर्व रक्षा मंत्री Wei Fenghe और Li Shangfu को भ्रष्टाचार के विभिन्न मामलों में संलिप्त पाए जाने पर यह सजा मिली है। शिन्हुआ एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक इन दोनों पूर्व मंत्रियों के खिलाफ अलग-अलग कानूनी कार्यवाही पूरी की गई थी। वी फेंघे के कार्यकाल के समाप्त होने के बाद ली शांगफू को रक्षा मंत्री की जिम्मेदारी दी गई थी। अब इन दोनों ही पूर्व सेना नायकों को अपने किए गए अपराधों के लिए दंडित किया गया है।
न्यायिक प्रक्रिया: चीनी अदालत ने विस्तृत सुनवाई के बाद वी फेंघे को रिश्वत लेने के संगीन जुर्म में आधिकारिक तौर पर दोषी पाया है। ली शांगफू के मामले में अदालत ने उन्हें रिश्वत लेने और देने दोनों ही गतिविधियों के लिए अपराधी घोषित किया है। दोष सिद्ध होने के तुरंत बाद कानून के प्रावधानों के तहत दोनों को मौत की सजा दे दी गई है। भ्रष्टाचार के इन मामलों ने चीन की रक्षा स्थापनाओं की शुचिता पर सवाल खड़े कर दिए थे।
सैन्य आयोग का जुड़ाव: सजा पाने वाले दोनों पूर्व मंत्री राष्ट्रपति जिनपिंग के नेतृत्व वाले शक्तिशाली केंद्रीय सैन्य आयोग के सक्रिय सदस्य रहे हैं। जिनपिंग ने उन्हें व्यक्तिगत रूप से महत्वपूर्ण पदों पर नियुक्त किया था और वे उनके मार्गदर्शन में काम करते थे। इसके बावजूद भ्रष्टाचार के सबूत मिलने पर राष्ट्रपति ने उनके प्रति किसी भी प्रकार की सहानुभूति नहीं दिखाई। यह घटना साबित करती है कि चीन में अनुशासन के ऊपर व्यक्तिगत संबंध कोई मायने नहीं रखते।
रॉकेट फोर्स और अनुभव: ये दोनों पूर्व रक्षा मंत्री मूल रूप से एयरोस्पेस इंजीनियर थे और तकनीकी मामलों में बहुत अधिक विशेषज्ञता रखते थे। उन्होंने पीपल्स लिबरेशन आर्मी की रणनीतिक रॉकेट फोर्स का नेतृत्व किया था जिसकी स्थापना वर्ष 2015 में की गई थी। वी फेंघे ने पांच वर्षों तक रक्षा मंत्रालय की कमान संभाली थी जबकि शांगफू का कार्यकाल बहुत छोटा रहा। रॉकेट फोर्स के प्रमुखों पर हुई इस कार्रवाई ने विभाग के अन्य अधिकारियों को भी डरा दिया है।
भ्रष्टाचार विरोधी मुहिम: साल 2012 से चल रहे भ्रष्टाचार विरोधी अभियान के तहत शी जिनपिंग अब तक लाखों अधिकारियों को दंडित कर चुके हैं। इस अभियान की जद में अब तक कई बड़े जनरल और उच्च श्रेणी के सरकारी अधिकारी आ चुके हैं। वी फेंघे और ली शांगफू के निष्कासन के बाद कई और गिरफ्तारियां होने की संभावना भी जताई जा रही है। चीन सरकार अपने सैन्य ढांचे को पूरी तरह पारदर्शी और ईमानदार बनाने की दिशा में काम कर रही है।



































