बंगाल में खूनी खेल: West Bengal में चुनाव जीतने के बाद भी राजनीतिक और खूनी हिंसा का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। छह मई बुधवार की रात को BJP के वरिष्ठ नेता Suvendu Adhikari के PA की सरेआम हत्या कर दी गई है। Chandranath Rath नामक इस PA को बाइक सवार अज्ञात हमलावरों ने बहुत करीब से गोलियां मारी थीं। इस जानलेवा और अचानक हुए हमले में Chandranath Rath की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। उनके साथ कार में मौजूद उनका ड्राइवर भी इन गोलियों का शिकार होकर गंभीर रूप से घायल हो गया है।
शाहजहांपुर में तीखा प्रहार: इस हाई प्रोफाइल हत्या के बाद BJP पूरी तरह से आक्रामक है और TMC को इसका जिम्मेदार मान रही है। इसी बीच SP के वरिष्ठ नेता Naseemuddin Siddiqui का Shahjahanpur में एक बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने पत्रकारों से बातचीत के दौरान BJP की कार्यशैली और रणनीतियों पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। सपा नेता ने इशारों ही इशारों में इस पूरी हत्याकांड के पीछे खुद BJP का हाथ होने का शक जताया है। उनके इस विवादास्पद बयान के बाद से ही राज्य से लेकर केंद्र तक सियासी पारा आसमान पर पहुंच गया है।
साजिश रचने का आरोप: Naseemuddin Siddiqui ने दावा किया है कि इस तरह के कृत्य करना BJP की एक सोची-समझी रणनीति है। उन्होंने कहा कि खुद ऐसी आपराधिक घटनाएं करवाकर दूसरों को फंसाना सत्ताधारी दल की पुरानी आदत रही है। सपा नेता ने यह भी आरोप लगाया कि ऐसे षड्यंत्र रचने के मामलों में BJP के लोग पूरी तरह से माहिर हैं। उन्होंने याद दिलाया कि इतिहास में कई जगहों पर ये लोग इस तरह की साजिशें करते हुए रंगे हाथों पकड़े गए हैं। घटना की सच्चाई जानने के लिए उन्होंने कहा कि यह पूरी तरह से गहन जांच और पड़ताल का विषय है।
रामराज के नाम पर तंज: BJP द्वारा खुद को राम की राह पर चलने वाली पार्टी कहने पर सपा नेता ने कड़ी आपत्ति दर्ज कराई है। उन्होंने BJP से पूछा कि क्या भगवान शंकर जी ने उन्हें TMC को रावण सेना कहने का कोई सर्टिफिकेट दिया है। सपा नेता ने तीखे लहजे में सवाल किया कि देश में जो भी घटनाएं हो रही हैं क्या वही उनका रामराज है। उन्होंने BJP नेताओं को चेतावनी दी कि अपने गंदे राजनीतिक कामों में मर्यादा पुरुषोत्तम राम का नाम मत लाओ। उनका मानना है कि धर्म की आड़ में हिंसा करने वालों को राम का नाम लेने का कोई भी अधिकार नहीं है।
सीतापुर की घटना का उदाहरण: सपा नेता ने BJP के दावों को खारिज करते हुए Sitapur की एक बेहद दिल दहला देने वाली घटना का जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि वहां RSS के पांच लोगों ने एक पांच साल की नाबालिग बच्ची की इज्जत लूटी थी। उस जघन्य और सामूहिक अपराध के बाद उस बेचारी और मासूम बच्ची की तड़प-तड़प कर मौत हो गई थी। उन्होंने सत्तारूढ़ दल से पूछा कि क्या समाज की यह दुर्दशा ही उनके सुशासन और रामराज का असली सर्टिफिकेट है। इसके अलावा उन्होंने Hathras और Sonbhadra जैसी चर्चित घटनाओं को भी अपनी आलोचना का मुख्य आधार बनाया।
महोबा में दलित उत्पीड़न: Naseemuddin Siddiqui ने Mahoba में हुई एक और क्रूर घटना का हवाला देते हुए अपना गुस्सा जाहिर किया। उन्होंने बताया कि वहां प्रजापति समाज का एक पिछड़ी जाति का दूल्हा सिर्फ अपने शौक के लिए घोड़े पर बैठा था। घोड़े पर बैठने की हिम्मत करने के कारण BJP के समर्थकों ने उस बेचारे दूल्हे को उठाकर जमीन पर पटक दिया। लगातार आठ दिन अस्पताल में मौत से लड़ने के बाद नौवें दिन उस घायल दूल्हे ने हमेशा के लिए दम तोड़ दिया। सपा नेता ने जनता से पूछा कि इतने भयानक अपराध करने वाले लोग खुद को राम की सेना कैसे कह सकते हैं।



































