भारतीय रिजर्व बैंक यानी आरबीआई ने सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड 2020-21 सीरीज-VIII के लिए समय से पहले रिडेम्पशन का भाव आधिकारिक तौर पर घोषित कर दिया है। केंद्रीय बैंक द्वारा जारी किए गए एक ताजा बयान के अनुसार, सभी संबंधित निवेशकों के पास आगामी सोमवार, 18 मई, 2026 से इस खास एसजीबी को प्रीमैच्यॉर रिडीम करने का एक बेहतरीन विकल्प पूरी तरह उपलब्ध हो जाएगा। बताते चलें कि भारतीय रिजर्व बैंक ने काफी समय पहले यानी 18 नवंबर, 2020 को इस सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड 2020-21 सीरीज-VIII को देश के निवेशकों के लिए लॉन्च किया था।
आरबीआई के नियम: रिजर्व बैंक के बयान के अनुसार, एसजीबी सीरीज का प्रीमैच्यॉर रिडेम्पशन एक तय प्रक्रिया और खास नियमों के तहत ही किया जा सकता है। नियम के मुताबिक, उस गोल्ड बॉन्ड सीरीज के जारी होने की तारीख से 5 साल पूरे होने के बाद ही इसे समय से पहले भुनाया जाना संभव होता है। इसके साथ ही, यह रिडेम्पशन केवल उसी तारीख को किया जा सकेगा, जिस तारीख को निवेशकों के खाते में ब्याज का भुगतान होना तय रहता है। आरबीआई के इस नियम के दायरे में आने वाले निवेशक ही समय से पहले अपने निवेश को वापस निकाल सकते हैं।
कीमत निर्धारण का आधार: आरबीआई के एक तय नियम के अनुसार, एसजीबी के प्रीमैच्यॉर रिडेम्पशन की वैल्यू की गणना करने का एक खास फॉर्मूला तय किया गया है। इसके तहत इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन द्वारा पिछले 3 कामकाजी दिनों के लिए प्रकाशित 999 शुद्धता वाले सोने के क्लोजिंग प्राइस का साधारण औसत निकाला जाता है। इसी साधारण औसत के आधार पर रिडेम्पशन के समय सोने की अंतिम कीमत का निर्धारण बहुत ही पारदर्शी तरीके से किया जाता है। इस बार भी इसी प्रक्रिया को अपनाते हुए आगामी भुगतान तिथि के लिए बॉन्ड की नई कीमतें तय की गई हैं।
तय हुई अंतिम कीमत: आगामी 18 मई, 2026 को देय एसजीबी सीरीज के लिए प्रीमैच्यॉर रिडेम्पशन की कीमत को आधिकारिक रूप से निर्धारित कर दिया गया है। यह कीमत पिछले तीन कारोबारी दिनों यानी 13 मई, 14 मई और 15 मई, 2026 के साधारण औसत के आधार पर प्रति यूनिट 16,012 रुपये तय की गई है। बताते चलें कि शुरुआती समय में निवेशकों को एसजीबी 2020-21 सीरीज-VIII के तहत, प्रति यूनिट 5,127 रुपये की दर से ऑनलाइन मोड में यह बॉन्ड जारी किया गया था। वहीं दूसरी तरफ, जिन निवेशकों ने इसे ऑफलाइन माध्यम से खरीदा था, उनके लिए इसकी कीमत 5,177 रुपये प्रति यूनिट तय थी।
बंपर रिटर्न का गणित: इस बार तय की गई 16,012 रुपये प्रति यूनिट के हिसाब से, सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड 2020-21 सीरीज-VIII के लिए बड़ा फायदा होने वाला है। प्रीमैच्यॉर रिडेम्पशन की तय तारीख पर कदम उठाने वाले निवेशकों को पूरे 212.30% का एक बहुत ही बंपर और शानदार रिटर्न प्राप्त होगा। इसका सीधा और साफ मतलब यह हुआ कि अगर किसी ग्राहक ने इस सरकारी स्कीम के तहत कुल 1 लाख रुपये का निवेश किया होगा, तो उसे अब कुल 3.12 लाख रुपये की बड़ी रकम मिलेगी। इस कुल मिलने वाली राशि के भीतर निवेशकों के लिए पूरे 2.12 लाख रुपये का शुद्ध मुनाफा शामिल है।
मैच्योरिटी की अवधि: यहाँ यह जानना भी बेहद जरूरी है कि भारतीय रिजर्व बैंक का यह सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड, अपनी जारी की गई तारीख से पूरे 8 साल बाद ही पूर्ण रूप से मैच्यॉर होता है। हालांकि, सरकार और रिजर्व बैंक के नियमों के अनुसार निवेशकों की सुविधा के लिए इसमें एक विशेष छूट दी जाती है, जिसके तहत इसे 5 साल पूरे होने के बाद भी बीच में भुनाया जा सकता है। इसी नियम के कारण 2020 में जारी हुई इस सीरीज को निवेशक साल 2026 में समय से पहले रिडीम करके अपना बंपर मुनाफा कमा रहे हैं।





































