Pahalgam में 26 लोगों की जान लेने वाले आतंकी हमले की जांच में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने एक बहुत बड़ा खुलासा किया है। NIA की चार्जशीट के अनुसार, इस पूरे हमले का मास्टरमाइंड लश्कर-ए-तोयबा का मोस्ट वांटेड आतंकी सैफुल्लाह साजिद जट्ट उर्फ ‘लंगड़ा’ है। NIA ने उसे अपनी चार्जशीट में आरोपी नंबर एक बनाया है और उसकी तस्वीर भी संलग्न की है। साजिद जट्ट के पैर में किसी मुठभेड़ के दौरान गोली लगी थी, जिसके कारण उसे अपनी एक टांग कटवानी पड़ी थी। वह नकली टांग (Prosthetic limb) का इस्तेमाल करता है, इसी वजह से आतंकी संगठन लश्कर में उसे ‘लंगड़ा’ के नाम से जाना जाता है।
लाहौर से कर रहा था आतंकियों को गाइड जांच एजेंसियों के सूत्रों के मुताबिक, सैफुल्लाह साजिद जट्ट उर्फ लंगड़ा इस समय Pakistan के लाहौर में सुरक्षित बैठा हुआ है। Pahalgam हमले के दौरान वह लगातार उन तीनों आतंकियों का हैंडलर बना हुआ था। साजिद जट्ट लाहौर में बैठकर रियल टाइम में तीनों आतंकियों से बातचीत कर रहा था और उन्हें हमले की सटीक लोकेशन और कॉर्डिनेट भेज रहा था। सूत्रों के अनुसार, हमले से कई दिन पहले 15-16 अप्रैल को ही लाहौर में बैठे साजिद ने आतंकियों को बैसरन घाटी के पास की लोकेशन भेज दी थी। इससे यह स्पष्ट हो जाता है कि हमले की पूरी साजिश पाकिस्तान में बैठकर बहुत पहले ही रच ली गई थी।
कश्मीर में साजिद जट्ट का नेटवर्क साजिद जट्ट उर्फ लंगड़ा का कश्मीर से बहुत पुराना और गहरा नाता रहा है। NIA के अनुसार, साजिद ने साल 2005 में भारतीय सीमा पार कर जम्मू-कश्मीर में घुसपैठ की थी। इसके बाद उसने दक्षिण कश्मीर में स्थानीय युवाओं का ब्रेन वॉश करके लश्कर-ए-तोयबा का एक बहुत बड़ा और मजबूत नेटवर्क तैयार किया था। साजिद साल 2005 से 2007 तक कश्मीर के कुलगाम इलाके में ही छिपा रहा था। इसी दौरान उसने कुलगाम की ही रहने वाली शब्बीरा नाम की एक स्थानीय महिला से शादी भी कर ली थी, जिससे उसे एक बेटा भी हुआ। हालांकि, बाद में साजिद अपनी पत्नी के साथ वापस Pakistan भाग गया था।
बेटे ने की मास्टरमाइंड पिता की पहचान इस मामले की जांच में साजिद जट्ट के कश्मीर में रहने वाले बेटे ने अहम भूमिका निभाई है। जब साजिद अपनी पत्नी के साथ Pakistan भाग गया था, तो उसका बेटा कश्मीर में ही रह गया था और वह आज भी वहीं रहता है। NIA ने जांच के दौरान साजिद जट्ट के उसी बेटे का बयान दर्ज किया है। जांच एजेंसी ने लंगड़े साजिद की फोटो की पहचान कश्मीर में रह रहे उसके इसी बेटे से करवाई है, और उसी तस्वीर को चार्जशीट का मुख्य हिस्सा बनाया गया है। जानकारी के मुताबिक, साल 2017 में साजिद जट्ट का ससुर भी पाकिस्तान गया था, जहां उसकी मुलाकात अपने दामाद साजिद से हुई थी।
टीआरएफ (TRF) को खड़ा करने में भूमिका अगस्त 2019 में जब भारत सरकार ने जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटाई, तो पाकिस्तानी आतंकी संगठनों में बौखलाहट मच गई थी। उस दौरान साजिद जट्ट ने लश्कर के एक प्रॉक्सी (छद्म) संगठन ‘द रेजिस्टेंस फ्रंट’ (TRF) को खड़ा करने में बहुत बड़ी और अहम भूमिका निभाई थी। कुलगाम में रहते हुए उसने ओवर ग्राउंड वर्कर्स (OGW) का जो बड़ा नेटवर्क खड़ा किया था, उसी के दम पर वह कश्मीर में बड़े आतंकी हमलों को अंजाम दिलवाता आ रहा है। Pahalgam का यह जानलेवा हमला भी उसी TRF और OGW मॉड्यूल की एक खौफनाक साजिश का हिस्सा था।
ड्रोन से हथियारों की तस्करी और इनाम साजिद जट्ट इस समय भारत की सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा बना हुआ है। सूत्रों के मुताबिक, साजिद लगातार ड्रोन के जरिए Pakistan से भारी मात्रा में हथियारों की खेप जम्मू-कश्मीर भिजवा रहा है। इन हथियारों का इस्तेमाल सीधे तौर पर भारत में आतंकी गतिविधियों और निर्दोष लोगों की हत्याओं में किया जा रहा है। साजिद जट्ट का नाम भारत के तीन मोस्ट वांटेड आतंकियों की सूची में शामिल है। NIA ने इस खूंखार आतंकी सैफुल्लाह साजिद पर 10 लाख रुपये का बड़ा इनाम भी घोषित कर रखा है। उसका जन्म पाकिस्तान के कसूर इलाके में हुआ था और वह लगातार भारत विरोधी गतिविधियों को अंजाम दे रहा है।





































