भारतीय रेलवे नेटवर्क में हाल के दिनों में आग लगने की कई संदिग्ध घटनाएं सामने आई हैं। ट्रेनों में अचानक आग लगने और धुआं उठने की इन घटनाओं ने प्रशासन की नींद उड़ा दी है। रेलवे की शुरुआती जांच में यह बात निकलकर सामने आई है कि ये घटनाएं मात्र संयोग नहीं हैं। अधिकारियों को पूरा शक है कि ये वारदातें सुनियोजित आपराधिक और शरारती गतिविधियों का एक खतरनाक हिस्सा हैं। इसी वजह से रेल प्रशासन ने सुरक्षा एजेंसियों को सभी मामलों की बेहद गंभीरता से जांच करने के सख्त निर्देश दिए हैं।
संदिग्ध हालत में मिली सामग्री: आगजनी की एक बेहद गंभीर साजिश हावड़ा स्टेशन पर देखने को मिली है। इस स्टेशन पर खड़ी मिथिला एक्सप्रेस के एक कोच में अचानक संदिग्ध परिस्थितियों में आग लग गई। रेलवे सुरक्षा बल ने घटना की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचकर तुरंत अपनी जांच शुरू की। इस सघन जांच के दौरान कोच के भीतर से पेट्रोल से भीगा हुआ एक अधजला कपड़ा बरामद किया गया। इस ज्वलनशील सामग्री के मिलने से यह बात लगभग साफ हो गई है कि कोई साजिश रच रहा है।
ज्वलनशील वस्तु से उठा धुआं: इसी तरह की एक और डरावनी घटना अमरपुरा स्टेशन के पास से गुजरने वाली ट्रेन में घटी। हाल ही में इंदौर-जोधपुर एक्सप्रेस के बी1 कोच में अचानक भारी मात्रा में धुआं उठने लगा था। जांच में रेलवे ने पाया कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने इस्तेमाल किए गए बेडरोल पर कोई जलती हुई चीज फेंकी थी। यह जलती हुई चीज संभवतः कोई सिगरेट या अन्य ज्वलनशील वस्तु थी जिससे वहां धुआं भर गया। राहत की बात यह रही कि रेलवे कर्मचारियों ने समय रहते ही स्थिति पर पूरी तरह काबू पा लिया।
सुबह के समय मची भगदड़: एक और भयानक हादसा पंडित दीनदयाल उपाध्याय गयाजी रेल खंड के सासाराम रेलवे स्टेशन पर हुआ। यहां सोमवार की सुबह करीब छह बजे एक पैसेंजर ट्रेन में अचानक भीषण आग लग गई। यह ट्रेन सासाराम से आरा होकर पटना की ओर जाने के लिए स्टेशन पर खड़ी थी। प्लेटफॉर्म और ट्रेन में बैठे यात्रियों ने जब आग की लपटें देखीं तो वहां भारी हड़कंप मच गया। लोग अपनी जान की परवाह करते हुए और खौफ में आकर इधर-उधर भागने को मजबूर हो गए।
राख में तब्दील हुई बोगी: सासाराम रेलवे स्टेशन पर पैसेंजर ट्रेन में लगी यह आग बेहद ही विनाशकारी साबित हुई। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि ट्रेन की एक पूरी बोगी जलकर पूरी तरह खाक हो गई। रेलवे कर्मचारियों ने तुरंत अपनी सूझबूझ दिखाते हुए इस जलती हुई बोगी को मुख्य ट्रेन से अलग कर दिया। ऐसा करने से बाकी की ट्रेन और उसमें बैठे अन्य यात्रियों को सुरक्षित बचा लिया गया। इस पूरे मामले में रेलवे की कई टीमें आग लगने के सही कारणों की गहन जांच कर रही हैं।
अव्यवस्था फैलाने की घिनौनी कोशिश: रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों का मानना है कि इन घटनाओं के पीछे कुछ शरारती और असामाजिक तत्व सक्रिय हैं। ये लोग जानबूझकर यात्रियों की सुरक्षा को खतरे में डालकर रेलवे की पूरी व्यवस्था में भय फैलाना चाहते हैं। इस तरह की अव्यवस्था फैलाने की कोशिशों को नाकाम करने के लिए रेलवे पूरी तरह सतर्क हो गया है। लगातार घटनाओं के बाद रेलवे ने अपनी सुरक्षा एजेंसियों को चौबीसों घंटे हाई अलर्ट पर रहने का निर्देश दिया है। दोषियों की जल्द से जल्द पहचान सुनिश्चित करके उनके खिलाफ अत्यंत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।





































