राजधानी के Malviya Nagar क्षेत्र में हुए दर्दनाक अग्निकांड ने पूरे प्रशासनिक महकमे की नींद उड़ा दी है। Flourish Stay होटल में भड़की इस भयानक आग ने इक्कीस निर्दोष लोगों की जान ले ली है। इस हृदयविदारक घटना के बाद से ही शहर में शोक और भारी आक्रोश की लहर दौड़ गई है। लोग इस हादसे के लिए सीधे तौर पर प्रशासनिक लापरवाही और भ्रष्टाचार को जिम्मेदार मान रहे हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए अब सरकार और नगर निगम ने आपातकालीन कदम उठाने शुरू कर दिए हैं।
मुख्यमंत्री ने बुलाई आपात बैठक: इस दर्दनाक अग्निकांड के तुरंत बाद दिल्ली की मुख्यमंत्री Rekha Gupta ने एक उच्च स्तरीय आपात बैठक बुलाई है। यह महत्वपूर्ण बैठक दोपहर बारह बजे बुलाई गई है जिसमें कई वरिष्ठ मंत्री और अधिकारी शामिल होंगे। यह बैठक पूरी तरह से पूर्व निर्धारित प्री-कैबिनेट बैठक के तर्ज पर आयोजित की जा रही है। इस विशेष बैठक में मुख्य रूप से Malviya Nagar अग्निकांड के कारणों और इसके जिम्मेदार लोगों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। इसके अलावा भविष्य में ऐसे हादसों को कैसे रोका जाए, इस महत्वपूर्ण विषय पर भी ठोस रणनीति तैयार की जाएगी।
मेयर ने दिए कड़े निर्देश: इस घटना पर कड़ा संज्ञान लेते हुए दिल्ली के मेयर Parvesh Wahi ने भी सख्त कदम उठाए हैं। मेयर ने इस पूरे अग्निकांड मामले की गहन जांच के लिए निगम कमिश्नर को एक कड़ा पत्र लिखा है। पत्र के माध्यम से उन्होंने निगम कमिश्नर को तत्काल प्रभाव से एक उच्च स्तरीय जांच कमेटी गठित करने के आदेश दिए हैं। मेयर ने इस मामले में किसी भी तरह की कोताही न बरतने की सख्त हिदायत प्रशासन को दी है। उन्होंने कमिश्नर को निर्देश दिया है कि इस उच्च स्तरीय जांच की विस्तृत रिपोर्ट हर हाल में तीन दिन के भीतर पेश की जाए।
जांच के अहम बिंदु: निगम कमिश्नर द्वारा गठित की जा रही यह हाई लेवल कमेटी कई महत्वपूर्ण और संवेदनशील बिंदुओं पर अपनी जांच करेगी। जांच का पहला और सबसे अहम बिंदु यह होगा कि जिस होटल में आग लगी, उसके पास पर्याप्त लाइसेंस था या नहीं। कमेटी इस बात की भी बारीकी से जांच करेगी कि इस लापरवाही के पीछे नगर निगम के किन अधिकारियों का सीधा हाथ है। दोषी पाए जाने वाले किसी भी अधिकारी के खिलाफ तत्काल और सख्त विभागीय कार्रवाई की सिफारिश की जाएगी। इस जांच से यह साफ हो सकेगा कि आखिर इतने बड़े पैमाने पर नियमों की धज्जियां कैसे उड़ाई जा रही थीं।
निरीक्षण में हुई भारी चूक: यह उच्च स्तरीय जांच समिति इस हादसे से जुड़े कुछ अन्य गंभीर सवालों के जवाब भी तलाशेगी। समिति यह पता लगाएगी कि इस पूरे अवैध संचालन के लिए संभावित रूप से कौन-कौन से विभाग के अधिकारी प्रत्यक्ष रूप से जिम्मेदार हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि संबंधित विभागों द्वारा समय-समय पर इस व्यावसायिक इमारत का निरीक्षण या सर्वे आखिर क्यों नहीं किया गया। नियमित जांच के अभाव ने ही इस भीषण त्रासदी की नींव रखी थी जिसने इतने लोगों की जान ले ली। प्रशासन अब अपनी पिछली गलतियों को सुधारने और भविष्य के लिए एक पारदर्शी व्यवस्था बनाने का प्रयास कर रहा है।
घटनास्थल पर पहुंची निगम टीम: जांच के आदेश मिलने के तुरंत बाद दिल्ली नगर निगम की एक विशेष टीम घटनास्थल पर पहुंच गई है। यह टीम उस पूरी इमारत का बारीकी से निरीक्षण कर रही है जहां यह भयानक आग लगी थी। मौके पर मौजूद अधिकारियों की टीम घटनास्थल से सबूत जुटाने के लिए लगातार फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी कर रही है। इन तस्वीरों और वीडियो का इस्तेमाल उच्च स्तरीय जांच रिपोर्ट को पुख्ता और पारदर्शी बनाने के लिए किया जाएगा। प्रशासन की यह त्वरित कार्रवाई इस बात का संकेत है कि वह इस मामले की तह तक जाने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।





































